दुर्ग, 14 अक्टूबर 2026। JNU Sexual Harassment Case को लेकर छत्तीसगढ़ के दुर्ग में भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश और भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष तृप्ति चंद्राकर ने किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले में कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी से स्पष्ट जवाब देने और संबंधित सांसद के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की।
भाजपा महिला मोर्चा ने कहा कि महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में राजनीतिक दलों को समान रूप से जवाबदेह होना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान निष्पक्ष जांच, पीड़ित छात्राओं को न्याय और आरोपों की गंभीरता के अनुरूप कार्रवाई की मांग उठाई गई।
JNU Sexual Harassment Case में 11 छात्राओं से जुड़ी शिकायतों का मामला
जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष तृप्ति चंद्राकर ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की छात्राओं से संबंधित कथित यौन शोषण मामले का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेतृत्व से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के विरुद्ध 11 छात्राओं से संबंधित कथित शिकायतों का मामला सामने आया है।
तृप्ति चंद्राकर के अनुसार, मामले में विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच और दिल्ली पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद निष्पक्ष जांच तथा जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
हालांकि, किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मामले में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
राहुल गांधी से जवाबदेही की मांग
भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी, से पूछा कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में पार्टी का आधिकारिक रुख क्या है और संबंधित सांसद के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जा रही है।
तृप्ति चंद्राकर ने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस का रवैया दोहरा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी राजनीतिक दल को अपने नेताओं के प्रति अलग मानदंड नहीं अपनाने चाहिए।
भाजपा महिला मोर्चा की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, छात्राओं को न्याय मिले और यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक ने भी कांग्रेस नेतृत्व के कथित दोहरे रवैये की आलोचना की। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही की मांग करता रहेगा।
महापौर अलका बाघमार ने महिलाओं की सुरक्षा पर क्या कहा?
दुर्ग की महापौर अलका बाघमार ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के मुद्दे पर किसी प्रकार का राजनीतिक भेदभाव नहीं होना चाहिए। गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता केवल बयानों तक सीमित नहीं रखनी चाहिए, बल्कि अपने व्यवहार में भी इसे प्रदर्शित करना चाहिए।
महापौर ने पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने और जांच में आरोप सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रदर्शन में भाजपा के कई पदाधिकारी शामिल
दुर्ग में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा और महिला मोर्चा के जिला, प्रदेश तथा मंडल स्तर के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रमुख रूप से जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष तृप्ति चंद्राकर, भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक, महापौर अलका बाघमार, जिला संभाग प्रभारी महिला मोर्चा शीतल नायक, प्रदेश महिला मोर्चा मंत्री कुमुद बघेल, जिला मंत्री गायत्री वर्मा और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पदमा देवांगन उपस्थित रहीं।
इसके अलावा ममता देवांगन, दिव्या कलियारी, ममता राव, भारती साहू, झरना वर्मा, श्वेता यादव और मीडिया प्रभारी श्वेता बक्शी सहित विभिन्न मंडलों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
महिलाओं की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच पर जोर
JNU Sexual Harassment Case को लेकर दुर्ग में हुआ यह प्रदर्शन महिलाओं की सुरक्षा, राजनीतिक जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग को सामने लाता है। भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस नेतृत्व से अपना पक्ष स्पष्ट करने और संबंधित सांसद के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है।
महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच, शिकायतकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा और कानून के अनुसार कार्रवाई जरूरी है। आरोपों की पुष्टि सक्षम जांच और न्यायिक प्रक्रिया से होनी चाहिए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिले और किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।
