छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में AI Education और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल की जा रही है। बोड़ला में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सुविधाओं का विस्तार करने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने ₹40 लाख के अतिरिक्त विकास कार्यों की घोषणा की। इन पहलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना और क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करना है।
13 अक्टूबर 2026 को आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने कुल ₹60 लाख की लागत वाले दो विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इनमें एसडीएम कार्यालय बोड़ला में सभा कक्ष सह सामुदायिक शौचालय और शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण शामिल है।
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कबीरधाम जिले के बोड़ला में प्रशासनिक सुविधाओं और उच्च शिक्षा की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए दो निर्माण कार्य शुरू किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एसडीएम कार्यालय में ₹30 लाख की लागत से सभा कक्ष सह सामुदायिक शौचालय और शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय में ₹30 लाख की लागत से अतिरिक्त कक्ष निर्माण का भूमिपूजन किया।
इसके अलावा, उन्होंने ₹40 लाख के विकास कार्यों की घोषणा की। इसमें कॉलेज में बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए ₹15 लाख, बालिका शौचालय के लिए ₹4.60 लाख, ग्राम भीरा में मंगल भवन के लिए ₹10 लाख और सीसी रोड निर्माण के लिए ₹10.40 लाख शामिल हैं।
इन कार्यों से कॉलेज की सुविधाओं में सुधार के साथ क्षेत्र में सामुदायिक और प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
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कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट और एआई सुविधाएं
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट और एआई आधारित तकनीक उपलब्ध कराने की पहल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग विद्यार्थियों को ज्ञान बढ़ाने, अपनी क्षमताओं को विकसित करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने में करना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि वे तकनीक के स्वामी बनें, तकनीक उनकी स्वामी न बने। इसका अर्थ है कि विद्यार्थी डिजिटल साधनों का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और अपनी समझ, रचनात्मकता तथा स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता को भी विकसित करें।
AI Education के माध्यम से पढ़ाई को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने की संभावनाएं हैं। स्मार्ट बोर्ड पर वीडियो, चित्र और डिजिटल सामग्री की मदद से विज्ञान, गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान जैसे विषयों की कठिन अवधारणाओं को समझना आसान हो सकता है।
AI Education से विद्यार्थियों को कैसे मिलेगा लाभ?
उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को ChatGPT, Gemini, Grok और Perplexity जैसे एआई टूल्स के बारे में भी बताया। इनका उपयोग पढ़ाई से जुड़े सवालों को समझने, विषयों की जानकारी जुटाने, अभ्यास करने और रचनात्मक कार्यों में सहायता लेने के लिए किया जा सकता है।
हालांकि, एआई से मिली जानकारी को बिना जांचे सही मानना उचित नहीं है। विद्यार्थियों को तथ्यों की पुष्टि करनी चाहिए, अपनी समझ विकसित करनी चाहिए और तकनीक का उपयोग सीखने में सहायक साधन के रूप में करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक अपनाने के साथ विद्यार्थियों को अपने संस्कारों और मूल्यों को बनाए रखना चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिजिटल उपकरणों का ज्ञान हासिल करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और सक्षम नागरिक बनना भी है।
85 स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाने की योजना
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र के 85 स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इनमें से 50 स्थानों पर स्मार्ट बोर्ड लगाए जा चुके हैं, जबकि शेष 35 स्थानों पर इन्हें लगाने की योजना है।
इसके साथ ही छात्रावासों और महाविद्यालयों में भी डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान आधुनिक शिक्षण संसाधनों का लाभ मिल सकता है।
डिजिटल शिक्षा की सफलता के लिए स्मार्ट बोर्ड उपलब्ध कराने के साथ-साथ इंटरनेट की विश्वसनीयता, शिक्षकों का प्रशिक्षण और उपकरणों का नियमित रखरखाव भी महत्वपूर्ण होगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन कोचिंग की पहल
विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए काउंसलिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन तैयारी की सुविधा विकसित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
इसके तहत एनडीए, सीजीपीएससी, यूपीएससी, कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक लक्ष्य के अनुसार मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
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ऑनलाइन कोचिंग और डिजिटल अध्ययन सामग्री से विद्यार्थियों को तैयारी के अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं। खासकर उन छात्रों के लिए यह उपयोगी हो सकता है, जिन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों में जाकर कोचिंग लेने में कठिनाई होती है। हालांकि, इन कक्षाओं का संचालन और उपलब्धता संबंधित व्यवस्था पर निर्भर करेगी।
विकास कार्यों से शिक्षा और सुविधाओं को मिलेगा सहारा
कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष बालका रामकिंकर वर्मा, नगर पंचायत बोड़ला अध्यक्ष विजय पाटिल और अन्य जनप्रतिनिधियों सहित कई अधिकारी एवं स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कबीरधाम के बोड़ला में घोषित विकास कार्य और डिजिटल शिक्षा के विस्तार की पहल क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए नए अवसर तैयार कर सकती है। कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट और एआई सुविधाओं के साथ स्कूलों में डिजिटल संसाधनों का विस्तार AI Education को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यदि इन सुविधाओं का प्रभावी उपयोग, नियमित रखरखाव और विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जाता है, तो इससे शिक्षा की गुणवत्ता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सकारात्मक मदद मिल सकती है।
