Abujhmad IED Recovery अभियान में छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। अबूझमाड़ के संवेदनशील भटबेड़ा क्षेत्र में नारायणपुर पुलिस और 29वीं वाहिनी ITBP की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान कुल 7 IED बरामद किए हैं। इनमें 6 प्रेशर कुकर IED और एक पाइप बम शामिल है।
यह कार्रवाई 5 अक्टूबर को रैनार कैंप से माक्सोली-भटबेड़ा-रैनार इलाके तक चलाए गए सघन तलाशी और एरिया सैनिटाइजेशन अभियान के दौरान हुई। संदिग्ध वस्तुएं दिखाई देने के बाद जवानों ने इलाके को सुरक्षित कर आसपास व्यापक तलाशी ली।
देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें
Abujhmad IED Recovery: भटबेड़ा में मिला संदिग्ध डंप
पुलिस के अनुसार, भटबेड़ा इलाके में तलाशी के दौरान जवानों को कुछ संदिग्ध वस्तुएं दिखाई दीं। इसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र को घेरकर विस्तृत सर्चिंग की गई।
इसी दौरान एक संदिग्ध डंप से 6 प्रेशर कुकर IED और एक पाइप बम IED बरामद हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, इन विस्फोटकों को छिपाकर रखा गया था।
बरामदगी के साथ कुछ ऐसी सामग्री भी मिली, जिसे पुलिस ने IED तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बताया है। इस बरामदगी से सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में छिपे विस्फोटक खतरे की गंभीरता को रेखांकित किया है।
संयुक्त अभियान में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका
अभियान पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, 29वीं वाहिनी ITBP के कमान अधिकारी अभिषेक सूद और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशंस) अक्षय साबद्रा के मार्गदर्शन में चलाया गया।
अबूझमाड़ का दुर्गम और घना वन क्षेत्र सुरक्षा बलों के लिए लंबे समय से चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे इलाकों में लगातार सर्चिंग के जरिए संदिग्ध गतिविधियों और छिपाई गई विस्फोटक सामग्री का पता लगाने पर जोर दिया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: Bhatpal Security Camp की बदली तस्वीर
Abujhmad IED Recovery के बाद मौके पर नष्ट किए बम
सातों बरामद IED को बम निरोधक एवं निष्क्रियता दल ने आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई का नेतृत्व सहायक उप निरीक्षक मोहन ने किया।
सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई से संभावित खतरे को समय रहते टालने में मदद मिली। विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किए जाने के बाद क्षेत्र में तलाशी अभियान आगे भी जारी रखा गया।
गौरतलब है कि अबूझमाड़ में इससे पहले भी सुरक्षा अभियानों के दौरान IED बरामद होते रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट में 29वीं वाहिनी ITBP के अभियान के दौरान दो प्रेशर-कुकर IED की पहचान और मौके पर नष्ट किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
पुलिस और ITBP की लगातार सर्चिंग
अधिकारियों के अनुसार, अबूझमाड़ क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों और विस्फोटक सामग्री की तलाश के लिए लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है।
नारायणपुर पुलिस और ITBP के बीच समन्वय को इस अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। सुरक्षा बलों का उद्देश्य संवेदनशील इलाकों में छिपे संभावित खतरों को समय रहते पहचानना और आम नागरिकों तथा जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
सुरक्षा अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। जंगल या रास्ते में कोई संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर उसे छूने या उसके आसपास जाने के बजाय तत्काल निकटतम पुलिस या सुरक्षा चौकी को सूचना देने की सलाह दी गई है।
अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाकों में सुरक्षा अभियान केवल बलों की कार्रवाई तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोगों की सतर्कता और समय पर सूचना भी संभावित हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें
Abujhmad IED Recovery का सुरक्षा पर असर
भटबेड़ा में सात IED की बरामदगी यह बताती है कि दुर्गम जंगल क्षेत्रों में छिपे विस्फोटक खतरे को लेकर सुरक्षा बलों को लगातार सतर्क रहना पड़ रहा है।
हालांकि बरामद विस्फोटकों के संभावित इस्तेमाल को लेकर जांच जारी है, लेकिन समय पर इनका पता लगना और सुरक्षित नष्ट किया जाना सुरक्षा अभियान की अहम उपलब्धि है।
Abujhmad IED Recovery में 6 प्रेशर कुकर IED और एक पाइप बम की बरामदगी के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। नारायणपुर पुलिस और ITBP की संयुक्त कार्रवाई में सभी विस्फोटकों को मौके पर सुरक्षित नष्ट कर दिया गया। अबूझमाड़ में लगातार सर्चिंग अभियान जारी है, ताकि छिपे हुए विस्फोटक और संदिग्ध गतिविधियों का समय रहते पता लगाया जा सके।
