Dhamtari Elephant Alert के बीच धमतरी जिले के जंगलों में एक बार फिर दंतैल हाथी की मौजूदगी से वन विभाग और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। केरेगांव वन परिक्षेत्र के छुही बीट में चंदा दल का दंतैल हाथी (GBME1) घूम रहा है।
वन विभाग के अनुसार हाथी फिलहाल कक्ष क्रमांक P-143 के आसपास मौजूद है। उसकी आगे बढ़कर जोगीडीह के आबादी वाले क्षेत्र और धमतरी-केरेगांव रेंज की तरफ जाने की संभावना जताई गई है।
हाथी की गतिविधि को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया है। ग्रामीणों से जंगल की ओर नहीं जाने और हाथी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
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किन गांवों में जारी हुआ हाई अलर्ट?
Dhamtari Elephant Alert के तहत जोगीडीह, छुही, पीपरछेड़ी, बाजारकुर्रीडीह, साल्हेभाट, सिरौदकला और कमारपारा को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
इसके अलावा बासीखाई, झुरातराई और भालुचुवा गांवों में भी लोगों को सतर्क किया गया है। वन विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों में लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
पीपरछेड़ी और कमारपारा सहित आसपास के इलाकों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सावधान किया गया है। लोगों को खास तौर पर जंगल की ओर जाने से बचने के लिए कहा गया है।
Dhamtari Elephant Alert में वन विभाग की निगरानी
वन विभाग की केरेगांव टीम हाथी की लोकेशन पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का प्रयास है कि हाथी बिना किसी बाधा के अपने प्राकृतिक रास्ते से आगे बढ़ता रहे।
वन विभाग ने ग्रामीणों को हाथी का पीछा करने, उसके करीब जाने या उसे परेशान करने से साफ तौर पर बचने की सलाह दी है। हाथी दिखाई देने पर खुद कार्रवाई करने के बजाय तुरंत वन विभाग के कर्मचारियों को सूचना देने की अपील की गई है।
गरियाबंद की तरफ से केरेगांव पहुंचा हाथी
DFO कृष्ण जाधव के मुताबिक, चंदा दल का यह दंतैल हाथी गरियाबंद की दिशा से उत्तर सिंगपुर होते हुए केरेगांव रेंज में पहुंचा है। फिलहाल उसकी मौजूदगी छुही बीट में बताई गई है।
अधिकारी के अनुसार हाथी के आसपास करीब 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों और बस्तियों को सतर्क किया गया है। वन विभाग हाथी की गतिविधियों के आधार पर आगे की निगरानी और आवश्यक कार्रवाई कर रहा है।
बताया गया है कि यह हाथी पहले भी इस इलाके में आ चुका है। उसकी लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग का अनुमान है कि इस क्षेत्र में आने-जाने का उसका एक तय रास्ता बन गया है।
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गरियाबंद से बालोद तक हाथी की आवाजाही
DFO के अनुसार हाथी गरियाबंद से उत्तर सिंगपुर और धमतरी रेंज के डुबान क्षेत्र से होकर कभी वापस लौटता है, जबकि कभी बालोद की ओर भी चला जाता है।
इस नियमित आवाजाही को देखते हुए वन विभाग प्रभावित इलाकों में निगरानी बनाए हुए है। ग्रामीणों को हाथी की संभावित दिशा में विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
ग्रामीणों को क्या सावधानी बरतने की सलाह?
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथी की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में जंगल की तरफ न जाएं। यदि किसी व्यक्ति को हाथी दिखाई देता है तो उससे सुरक्षित दूरी बनाकर तुरंत नजदीकी वन कर्मचारी को जानकारी दें।
हाथी के पास जाकर फोटो या वीडियो बनाने, उसका पीछा करने अथवा उसे किसी तरह उकसाने की कोशिश खतरनाक हो सकती है। ऐसे समय में वन विभाग की सूचना और निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
हाथी को परेशान न करने की अपील
DFO कृष्ण जाधव ने बताया कि यह हाथी सामान्य तौर पर शांत स्वभाव का है। हालांकि, जंगली हाथी के व्यवहार में अचानक बदलाव हो सकता है, इसलिए उसके करीब जाना उचित नहीं है।
वन विभाग की कोशिश है कि हाथी को बिना परेशान किए उसके प्राकृतिक रास्ते पर आगे बढ़ने दिया जाए। इसके लिए प्रभावित गांवों में जागरूकता अभियान और निगरानी लगातार जारी है।
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Dhamtari Elephant Alert के बीच केरेगांव के छुही बीट में दंतैल हाथी की मौजूदगी पर वन विभाग लगातार नजर रख रहा है। करीब 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों को सतर्क किया गया है और कई गांवों में हाई अलर्ट जारी है। ग्रामीणों के लिए सबसे जरूरी सलाह यही है कि हाथी से दूरी बनाए रखें, जंगल की ओर न जाएं और हाथी दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
