Vishwakarma Jayanti के अवसर पर 17 सितंबर 2026 को रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर से पहुंचे हजारों श्रमिकों को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं और उनके योगदान को छत्तीसगढ़ के विकास से जोड़ा।
इसी अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने हजारों श्रमिकों के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया। कार्यक्रम में श्रम, निर्माण और प्रदेश के विकास में श्रमिकों की भूमिका पर चर्चा हुई।
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Vishwakarma Jayanti पर श्रमिकों के योगदान को सलाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के श्रमिक अपने परिश्रम, पुरुषार्थ और पसीने से समृद्ध एवं विकसित प्रदेश के निर्माण में योगदान दे रहे हैं। गांवों के खेत-खलिहानों से लेकर शहरों की ऊंची इमारतों तक श्रमिकों की मेहनत दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, सिंचाई परियोजनाएं, उद्योग और अन्य अधोसंरचना के निर्माण में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य के गठन के बाद 25 वर्षों में हुए विकास में भी मेहनतकश लोगों की भूमिका को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री के अनुसार आने वाले वर्षों में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने में भी श्रमिकों का योगदान अहम रहेगा।
Vishwakarma Jayanti पर ‘आशीर्वाद का दीया’
कार्यक्रम के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित करना आयोजन का प्रमुख हिस्सा रहा। हजारों श्रमिकों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित किया।
भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन का आराध्य बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी परंपरा श्रम, कौशल और सृजन के सम्मान का संदेश देती है। उन्होंने श्रमिकों को विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदार बताया।
श्रमिक कल्याण पर सरकार का फोकस
Vishwakarma Jayanti के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के परिश्रम का सम्मान करने के साथ उनके जीवन में सुरक्षा, सुविधा और समृद्धि सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि विकास का लाभ उस श्रमिक तक भी पहुंचना चाहिए, जिसके श्रम से विकास की नींव तैयार होती है। श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का भरोसा मिले और उनके परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हों, इस दिशा में योजनाओं के विस्तार की बात कही गई।
केंद्र सरकार भी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाएं संचालित करती है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार इनमें PM-SYM जैसी पेंशन योजना, बीमा और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
Vishwakarma Jayanti पर बच्चों के भविष्य पर जोर
मुख्यमंत्री ने श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हों और उनके बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर मिलें, इसके लिए श्रमिक कल्याण योजनाओं को लगातार विस्तार देने की बात कही गई है।
यह पहल केवल श्रमिक तक सीमित नहीं बल्कि उनके परिवार की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से भी जुड़ी है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं में स्वास्थ्य, आवास और शिक्षा से जुड़े लाभ भी शामिल हैं।
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श्रम और हुनर का सम्मान
विश्वकर्मा जयंती का आयोजन परंपरागत रूप से निर्माण और शिल्प-कौशल से जुड़े भगवान विश्वकर्मा की पूजा से जुड़ा है। इस अवसर पर श्रम और हुनर के महत्व को रेखांकित किया गया।
केंद्र स्तर पर भी श्रमिकों के उत्कृष्ट योगदान और कार्यस्थल की सुरक्षा से जुड़े Vishwakarma Rashtriya Puraskar तथा National Safety Awards जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैं। श्रम मंत्रालय के अनुसार इन पुरस्कारों का उद्देश्य उत्पादकता, सुरक्षा, कार्य परिस्थितियों और कार्यस्थल की दक्षता में योगदान को मान्यता देना है।
विकसित छत्तीसगढ़ में श्रमिकों की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों में काम करने वाले श्रमिकों से लेकर निर्माण स्थलों और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों तक, प्रदेश की विकास यात्रा में श्रमिकों की मेहनत जुड़ी हुई है।
रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन इसी योगदान को सम्मान देने और श्रमिक कल्याण से जुड़ी सोच को सामने रखने का अवसर बना। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रमिक शामिल हुए।
Vishwakarma Jayanti पर रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में श्रम, कौशल और श्रमिक कल्याण को केंद्र में रखा गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हजारों श्रमिकों के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया और प्रदेश के विकास में श्रमिकों के योगदान को रेखांकित किया। श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा, परिवार की आर्थिक मजबूती और बच्चों के लिए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर इस आयोजन के प्रमुख संदेशों में रहा।
