Chhattisgarh High Court को सोमवार, 7 सितंबर 2026 को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया। जस्टिस कृष्णा राम महापात्र ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 16वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह रायपुर स्थित लोक भवन के छत्तीसगढ़ मंडपम में आयोजित किया गया।
राज्यपाल रमेन डेका ने जस्टिस महापात्र को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर राज्य सरकार और न्यायपालिका से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जस्टिस कृष्णा राम महापात्र को मुख्य न्यायाधीश के रूप में दर्ज किया गया है।
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Chhattisgarh High Court के नए Chief Justice ने ली शपथ
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने राष्ट्रपति की ओर से जारी नियुक्ति वारंट की मूल प्रति जस्टिस कृष्णा राम महापात्र को सौंपी। राज्य के मुख्य सचिव विकास शील ने समारोह की कार्यवाही संचालित की और राष्ट्रपति द्वारा जारी नियुक्ति वारंट को पढ़कर सुनाया।
इसके बाद राज्यपाल ने जस्टिस महापात्र को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उनका छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालना न्यायिक प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
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Chhattisgarh High Court के नए CJ का न्यायिक सफर
जस्टिस कृष्णा राम महापात्र इससे पहले उड़ीसा हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे। न्यायिक क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा है और उन्होंने सिविल, आपराधिक, सेवा तथा संवैधानिक कानून से जुड़े मामलों में काम किया है।
उनके न्यायिक कार्यकाल में संवैधानिक अधिकारों, मध्यस्थता यानी arbitration और वैधानिक अनुपालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले सामने आए। उनके अनुभव से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में संवैधानिक और अन्य जटिल कानूनी मामलों की सुनवाई में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद है।
करीब 38 साल का कानूनी अनुभव
जस्टिस कृष्णा राम महापात्र के पास बार और बेंच दोनों स्तरों पर लगभग 38 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने 7 फरवरी 1988 को ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया था।
करीब 27 वर्षों तक वकालत के बाद उन्हें 17 अप्रैल 2015 को उड़ीसा हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक न्यायिक जिम्मेदारियां निभाईं और विभिन्न कानूनी विषयों पर फैसले दिए।
उनका अनुभव सिविल और क्रिमिनल मामलों के साथ-साथ संवैधानिक एवं सेवा कानून के क्षेत्र में भी रहा है। यही व्यापक अनुभव अब उन्हें Chhattisgarh High Court के मुख्य न्यायाधीश के रूप में काम करने में मदद करेगा।
कानूनी परिवार से रहा है संबंध
जस्टिस महापात्र का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उनका परिवार भी न्यायिक क्षेत्र से जुड़ा रहा है। उनके पिता स्वर्गीय जस्टिस शरत चंद्र महापात्र उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दे चुके थे।
इस तरह जस्टिस कृष्णा राम महापात्र को न्यायिक परंपरा और अनुभव की मजबूत पृष्ठभूमि मिली है। उनके लंबे न्यायिक अनुभव और पारिवारिक कानूनी विरासत ने उनके करियर को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है।
शपथ समारोह में कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण समारोह में कई प्रमुख राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तियां शामिल हुईं। समारोह औपचारिक रूप से लोक भवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में आयोजित किया गया।
इससे पहले जस्टिस रमेश सिन्हा का छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यकाल समाप्त हुआ। हाईकोर्ट की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जस्टिस रमेश सिन्हा ने 29 मार्च 2023 को मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली थी और उनका कार्यकाल 4 सितंबर 2026 तक रहा।
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Chhattisgarh High Court में नई जिम्मेदारी
जस्टिस कृष्णा राम महापात्र के सामने अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के प्रशासन और न्यायिक कार्यों के संचालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर 7 सितंबर 2026 को उनके मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार से संबंधित अधिसूचना भी प्रदर्शित की गई है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्थापना 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद अलग हाईकोर्ट के रूप में हुई थी। हाईकोर्ट की स्थापना मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के तहत हुई थी।
Chhattisgarh High Court के 16वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस कृष्णा राम महापात्र की नियुक्ति और शपथ राज्य की न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। करीब 38 वर्षों के कानूनी अनुभव और उड़ीसा हाईकोर्ट में लंबे न्यायिक कार्यकाल के साथ अब उनके सामने छत्तीसगढ़ में न्यायिक प्रशासन को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
