PM Modi SRCC की वापसी ने 5 सितंबर 2026 को दिल्ली की राजनीति और शिक्षा जगत में खास चर्चा पैदा कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए 13 साल बाद उसी परिसर में पहुंचे। यह कार्यक्रम Teachers’ Day के अवसर पर आयोजित हुआ और कॉलेज के 100 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक पड़ाव भी बना।
प्रधानमंत्री की यह वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि फरवरी 2013 में उन्होंने SRCC में एक चर्चित भाषण दिया था। उस समय मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और उनका राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक कद तेजी से बढ़ रहा था। 2013 के उस भाषण को बाद में उनके युवा-केंद्रित राजनीतिक विजन के महत्वपूर्ण क्षणों में गिना गया।
PM Modi SRCC: 2013 में क्या बोले थे?
2013 में मोदी का SRCC संबोधन ‘Emerging Business Models in the Global Scenario’ विषय पर था। हालांकि उनका भाषण केवल कारोबार या अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने शासन, विकास, युवाओं और भारत की क्षमता जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से बात की थी।
उन्होंने युवाओं को केवल नए मतदाताओं के रूप में देखने के बजाय उन्हें देश की बड़ी ताकत बताया था। उनका प्रसिद्ध संदेश था कि भारत के युवाओं को ‘New Age Power’ के रूप में देखा जाना चाहिए।
यह बात उस समय खास तौर पर महत्वपूर्ण थी, क्योंकि मोदी ने भारत की युवा आबादी को देश की आर्थिक और सामाजिक शक्ति से जोड़ते हुए इसके बेहतर इस्तेमाल की जरूरत पर जोर दिया था।
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‘न्यू एज पावर’ से युवाओं को संदेश
2013 के भाषण में मोदी ने भारत की युवा आबादी को देश के भविष्य की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बताया। उन्होंने कहा था कि भारत के पास विशाल युवा शक्ति है, लेकिन असली चुनौती इस क्षमता को अवसरों में बदलने की है।
उन्होंने विकास को कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र से जोड़ते हुए अपने गुजरात मॉडल और सुशासन की अवधारणा का भी उल्लेख किया। ‘Pro People, Good Governance’ और बेहतर प्रशासन उनके संबोधन के प्रमुख हिस्सों में रहे।
PM Modi SRCC और ‘आधा भरा गिलास’ वाली सोच
SRCC के 2013 भाषण की सबसे चर्चित बातों में ‘गिलास’ वाला उदाहरण भी शामिल था। मोदी ने कहा था कि आशावादी व्यक्ति गिलास को आधा भरा और निराशावादी आधा खाली देखता है।
लेकिन उन्होंने खुद को इन दोनों से अलग बताते हुए कहा कि वह गिलास को आधा पानी और आधा हवा से भरा देखते हैं। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने समस्याओं के बीच नए रास्ते तलाशने की अपनी सोच को सामने रखा था।
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‘Minimum Government, Maximum Governance’
2013 के संबोधन में शासन व्यवस्था को लेकर भी मोदी ने अपनी विचारधारा स्पष्ट की थी। ‘Minimum Government, Maximum Governance’ का विचार उनके प्रशासनिक विजन के प्रमुख नारों में रहा।
कॉलेज के छात्रों के सामने दिया गया यह संदेश बाद में उनके राष्ट्रीय राजनीतिक अभियान के बड़े हिस्से में दिखाई दिया। SRCC का मंच इसलिए भी महत्वपूर्ण बना क्योंकि यहां मोदी सीधे देश के युवा और भविष्य के पेशेवर वर्ग से संवाद कर रहे थे।
Teachers’ Day पर SRCC वापसी का महत्व
2026 में मोदी की SRCC वापसी का समय भी खास है। शताब्दी समारोह 5 सितंबर यानी Teachers’ Day के दिन आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, कार्यक्रम शाम 7 बजे निर्धारित था और प्रधानमंत्री को समारोह को संबोधित भी करना था।
2013 में भी मोदी ने शिक्षा और शिक्षकों की भूमिका पर जोर दिया था। उन्होंने शिक्षक को केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं बल्कि पूरी पीढ़ी को प्रभावित करने वाली शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया था।
आज जब SRCC अपने 100 वर्ष पूरे कर चुका है, उसी परिसर में मोदी की वापसी को उनके पुराने युवा-केंद्रित संदेश और वर्तमान दौर के बीच एक प्रतीकात्मक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
SRCC के 100 साल और मोदी का जुड़ाव
श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स की स्थापना 1926 में हुई थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, कॉलेज ने एक सदी के दौरान वाणिज्य, अर्थशास्त्र और प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा कई पीढ़ियों के विद्वानों, पेशेवरों, प्रशासकों, उद्यमियों और नीति-निर्माताओं को तैयार किया।
अप्रैल 2026 में SRCC के गवर्निंग बॉडी के सदस्यों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात भी की थी। उस अवसर पर कॉलेज की शताब्दी के उपलक्ष्य में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया गया था।
इस तरह सितंबर की वापसी अचानक नहीं थी, बल्कि पूरे शताब्दी वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों की एक महत्वपूर्ण कड़ी थी।
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13 साल का सफर और बदलता राजनीतिक संदर्भ
2013 में मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। 2026 में वह प्रधानमंत्री के रूप में SRCC लौटे। इस दौरान देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और युवाओं की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आया है।
यही वजह है कि उनका SRCC दौरा केवल एक संस्थान की शताब्दी का समारोह नहीं, बल्कि 2013 में दिए गए युवा और विकास केंद्रित संदेश की याद भी बन गया।
PM Modi SRCC की 13 साल बाद वापसी ने 2013 के उस चर्चित भाषण को फिर चर्चा में ला दिया, जिसमें युवाओं को ‘New Age Power’, विकास को समाधान और शासन को अधिक प्रभावी बनाने की बात कही गई थी। 2026 में वही परिसर 100 साल पूरे कर चुका है और मोदी प्रधानमंत्री के रूप में वहां लौटे हैं। SRCC का यह ऐतिहासिक अवसर उनके पुराने युवा-विजन और आज के भारत के बीच एक दिलचस्प राजनीतिक और शैक्षणिक सेतु के रूप में सामने आया।
