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Justice Radhakishan Agrawal को भावुक विदाई, 3450+ केस

Justice Radhakishan Agrawal की सेवानिवृत्ति के अवसर पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सोमवार, 31 अगस्त 2026 को सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम दोपहर 3:30 बजे मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के कोर्ट रूम में हुआ। हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट ने भी 31 अगस्त को उनके विदाई समारोह की पुष्टि की है।

अपने न्यायिक कार्यकाल के दौरान जस्टिस अग्रवाल ने 3450 से अधिक मामलों का निराकरण किया। इनमें सिंगल बेंच के 101 और डिवीजन बेंच के 40 रिपोर्टेड जजमेंट शामिल हैं। उनके सेवानिवृत्त होने के मौके पर मुख्य न्यायाधीश सहित न्यायिक बिरादरी ने उनके योगदान को याद किया।

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Justice Radhakishan Agrawal को सम्मानजनक विदाई

विदाई कार्यक्रम में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने जस्टिस अग्रवाल के विधिक ज्ञान, निष्पक्षता और प्रशासनिक दक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि न्यायिक जिम्मेदारियों के दौरान जस्टिस अग्रवाल ने मामलों की सुनवाई धैर्य और निष्पक्षता के साथ की।

मुख्य न्यायाधीश ने उनके बार और बेंच के साथ सौहार्दपूर्ण एवं सम्मानजनक संबंधों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, जस्टिस अग्रवाल का स्पष्ट और संतुलित दृष्टिकोण तथा कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्धता उनके न्यायिक व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताएं रहीं।

Justice Radhakishan Agrawal की निष्पक्षता की सराहना

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने कहा कि जस्टिस अग्रवाल ने बुद्धिमत्ता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उनका दृष्टिकोण कानून की गहरी समझ के साथ न्याय के मानवीय पहलुओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता को भी दर्शाता था।

उन्होंने यह भी कहा कि जस्टिस अग्रवाल का आचरण युवा न्यायिक अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। न्यायिक सेवा में उनके लंबे अनुभव और निर्णय प्रक्रिया में संतुलित दृष्टिकोण को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

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न्यायिक सेवा में शानदार सफर

Justice Radhakishan Agrawal का न्यायिक सफर करीब तीन दशक का रहा। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, उनका जन्म 1 सितंबर 1964 को राजनांदगांव में हुआ। उन्होंने बीकॉम और एमए (पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन) की पढ़ाई की तथा 1985 में लॉ की डिग्री हासिल की।

उन्होंने जनवरी 1986 में मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। इसके बाद 1990 में सिविल जज क्लास-II के रूप में न्यायिक सेवा में प्रवेश किया। उन्होंने दुर्ग, बेमेतरा, रायपुर और कटघोरा समेत विभिन्न स्थानों पर न्यायिक दायित्व निभाए।

आगे चलकर उन्होंने सीजेएम रायपुर, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं। वे कोरबा, दुर्ग और बिलासपुर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश भी रहे। इसके अलावा राज्य न्यायिक अकादमी और विधि एवं विधायी विभाग में भी जिम्मेदारियां निभाईं।

2014 में मिला प्रतिष्ठित सम्मान

जस्टिस अग्रवाल के न्यायिक सफर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि 2014 का सम्मान भी है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, कोरबा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में सेवा के दौरान उन्हें Best District Legal Service Award of Excellence, East Zone से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान नई दिल्ली में तत्कालीन भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा प्रदान किया गया था।

उनके नेतृत्व में दुर्ग जिले ने हाईकोर्ट की कार्ययोजना के तहत पांच और दस वर्ष पुराने लंबित मामलों के निपटारे में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। वहीं, रायपुर फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रहते हुए उन्होंने बड़ी संख्या में मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान में भूमिका निभाई।

Justice Radhakishan Agrawal हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने

Justice Radhakishan Agrawal को 2 अगस्त 2022 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। बाद में उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया और उन्होंने 20 अप्रैल 2026 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। हाईकोर्ट की आधिकारिक प्रोफाइल यही तारीख दर्ज करती है।

केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने भी अप्रैल 2026 में जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल समेत छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की घोषणा की थी।

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विदाई समारोह में साझा किए अनुभव

विदाई समारोह में जस्टिस अग्रवाल ने अपने लगभग तीन दशक लंबे न्यायिक कार्यकाल के अनुभव साझा किए। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान प्रसिद्ध कवि शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ की पंक्तियों का भी पाठ किया और अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

उनकी सेवानिवृत्ति के साथ न्यायिक सेवा का एक लंबा अध्याय पूरा हुआ। 3450 से अधिक मामलों का निराकरण और बड़ी संख्या में रिपोर्टेड जजमेंट उनके कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हैं।

Justice Radhakishan Agrawal की सेवानिवृत्ति पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आयोजित विदाई समारोह उनके लंबे और उल्लेखनीय न्यायिक सफर का सम्मान था। विधिक ज्ञान, निष्पक्षता, संवेदनशीलता और प्रशासनिक दक्षता के लिए सराहे गए जस्टिस अग्रवाल ने अपने कार्यकाल में 3450 से अधिक मामलों का निराकरण किया। उनका करीब तीन दशक का न्यायिक अनुभव और न्याय के प्रति दृष्टिकोण आने वाले समय में भी न्यायिक अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

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