Skip to main content

4thnation

Crypto Trading Fraud: 25% मुनाफे का झांसा, शिक्षक से 1.54 करोड़ की ठगी

Crypto Trading Fraud का सनसनीखेज मामला रायपुर से सामने आया है। क्रिप्टो करेंसी और USDT ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर एक कोचिंग संचालक से कथित तौर पर 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। आरोप है कि पांच लोगों ने मिलकर शिक्षक को ट्रेडिंग कारोबार में हर महीने 25 से 30 प्रतिशत तक मुनाफे का भरोसा दिलाया।

आरोपियों ने निवेशकों को 8 से 10 प्रतिशत तक निश्चित लाभ देने का भी दावा किया था। शुरुआत में कुछ समय तक लाभ देकर शिक्षक का विश्वास जीता गया। इसके बाद उन्होंने अपनी जमा पूंजी के अलावा बैंक से ऋण और अन्य स्रोतों से रकम जुटाकर बड़ी राशि निवेश कर दी।

4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें

Crypto Trading Fraud में कैसे फंसा शिक्षक?

जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने शिक्षक को क्रिप्टो करेंसी और USDT ट्रेडिंग में निवेश के फायदे बताए। उन्हें बताया गया कि ट्रेडिंग कारोबार में पैसा लगाकर हर महीने 25 से 30 प्रतिशत तक लाभ कमाया जा सकता है।

इसके साथ ही निवेशकों को 8 से 10 प्रतिशत तक निश्चित रिटर्न देने का दावा किया गया। शुरुआती अवधि में जब शिक्षक को लाभ मिला तो उनका भरोसा आरोपियों पर और मजबूत हो गया।

इसके बाद शिक्षक ने अधिक रकम निवेश करनी शुरू कर दी। कथित तौर पर उन्होंने अपनी जमा पूंजी के साथ बैंक लोन और दूसरे स्रोतों से भी पैसा जुटाया और ट्रेडिंग में लगा दिया।

यह भी पढ़ें: Bilaspur Pond Tragedy: तालाब में डूबे दो मासूम भाई, बचाने की कोशिश भी बनी जानलेवा

25-30% मुनाफे का दिखाया लालच

Crypto Trading Fraud में कथित तौर पर सबसे बड़ा भरोसा लगातार मुनाफे के दावे से बनाया गया। सामान्य निवेश की तुलना में बेहद अधिक और निश्चित रिटर्न का लालच देकर शिक्षक को बड़ी रकम लगाने के लिए तैयार किया गया।

जब शिक्षक ने अपनी मूल रकम वापस मांगनी शुरू की तो आरोपियों ने कथित तौर पर अलग-अलग कारण बताकर भुगतान टालना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्हें पैसे वापस मिलने का भरोसा दिया जाता रहा।

दोबारा निवेश के बाद आरोपी फरार

मामले में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम तब हुआ, जब परिवार के एक सदस्य ने व्यक्तिगत गारंटी देकर शिक्षक को दोबारा निवेश करने के लिए कहा। इसके बाद शिक्षक ने 3 फरवरी 2026 को 9.90 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि दी।

आरोप है कि रकम मिलने के केवल दो दिन बाद ही पांचों आरोपी अपने मोबाइल फोन बंद कर रायपुर स्थित अपना निवास छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद शिक्षक को कथित धोखाधड़ी का पता चला और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

यह मामला सामने आने के बाद निवेश के नाम पर बड़े रिटर्न का लालच देने वाले नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

Crypto Trading Fraud में पांच आरोपियों पर केस

शिकायत के आधार पर रायपुर के आजाद चौक थाना पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान नेहल अग्रवाल, ललित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, सीमा अग्रवाल और नमित अग्रवाल उर्फ विक्की के रूप में बताई गई है।

पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। अब जांच के दौरान लेनदेन, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और आरोपियों से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है।

मामले में आरोपियों की भूमिका और कथित निवेश नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी जांच का विषय है। फिलहाल पुलिस कार्रवाई के संबंध में आगे की जानकारी का इंतजार है।

निवेश के नाम पर बड़ी रकम देने से पहले सावधानी

Crypto Trading Fraud जैसे मामलों में निवेशकों को असामान्य रूप से ज्यादा और निश्चित मुनाफे के दावों से सावधान रहना चाहिए। किसी भी निवेश से पहले संबंधित व्यक्ति या कंपनी की विश्वसनीयता और कानूनी स्थिति की जांच करना जरूरी है।

विशेष रूप से बैंक लोन लेकर ऐसे निवेश करना जोखिम बढ़ा सकता है। निवेश से पहले दस्तावेज, बैंक खाते, कंपनी का पंजीयन और लेनदेन की वैधता की स्वतंत्र रूप से जांच करना महत्वपूर्ण है।

क्रिप्टो निवेश में सतर्कता जरूरी

क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल एसेट से जुड़े निवेश में बाजार जोखिम भी होता है। इसलिए किसी व्यक्ति द्वारा 25 से 30 प्रतिशत मासिक निश्चित मुनाफे का दावा अपने आप में गंभीर चेतावनी माना जाना चाहिए।

किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले आधिकारिक दस्तावेज और नियामकीय जानकारी की जांच करनी चाहिए। संदिग्ध लेनदेन या धोखाधड़ी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस या संबंधित वित्तीय प्राधिकरण से संपर्क करना बेहतर है।

रायपुर का यह Crypto Trading Fraud मामला निवेश के नाम पर असामान्य रिटर्न के लालच से होने वाले बड़े आर्थिक नुकसान की गंभीर तस्वीर सामने लाता है। शिक्षक से 1.54 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी के मामले में पांच लोगों पर केस दर्ज किया गया है। अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होगा कि रकम कहां गई और इस पूरे मामले में आरोपियों की भूमिका क्या रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *