06 अगस्त 2026 | नई दिल्ली। LIC OFS के तहत केंद्र सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में अपनी 6.5% तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। यह ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale-OFS) मंगलवार से शुरू होकर बुधवार तक चलेगा। यदि पूरा ऑफर सफल रहता है तो सरकार को करीब ₹31,400 करोड़ की राशि प्राप्त हो सकती है। इसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा विनिवेश (Disinvestment) OFS माना जा रहा है।
📢 4thNation WhatsApp चैनल से जुड़ें:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
LIC OFS क्या है?
LIC OFS के तहत सरकार सबसे पहले 2.5% हिस्सेदारी की बिक्री करेगी। इसके लिए कुल 31.6 करोड़ शेयर बाजार में पेश किए जाएंगे।
इसके साथ ही ग्रीन शू ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 4% हिस्सेदारी यानी लगभग 50.6 करोड़ शेयर बेचने का विकल्प भी रखा गया है। यदि निवेशकों की मांग अधिक रहती है तो कुल बिक्री 6.5% हिस्सेदारी तक पहुंच सकती है।
यह भी पढ़ें: Gold Panning Kabirdham: छत्तीसगढ़ की बाघ नदी में आज भी रेत से हाथों से निकाला जाता है सोना, सदियों पुरानी परंपरा कायम
LIC OFS का फ्लोर प्राइस क्या रखा गया है?
एलआईसी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि LIC OFS का फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर तय किया गया है।
यह कीमत सोमवार को बीएसई पर बंद हुए शेयर मूल्य से लगभग 10% कम है, जिससे निवेशकों को आकर्षक अवसर मिलने की उम्मीद है।
मुख्य बातें
- अधिकतम हिस्सेदारी बिक्री: 6.5%
- बेस ऑफर: 2.5%
- अतिरिक्त ग्रीन शू विकल्प: 4%
- फ्लोर प्राइस: ₹382 प्रति शेयर
- अनुमानित राशि: ₹31,400 करोड़
📢 4thNation WhatsApp चैनल से जुड़ें:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
LIC OFS से सार्वजनिक शेयरधारिता (MPS) कैसे पूरी होगी?
वर्तमान में LIC में सार्वजनिक हिस्सेदारी केवल 3.5% है।
यदि LIC OFS पूरी तरह सफल रहता है तो यह बढ़कर 10% हो जाएगी। इससे भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा निर्धारित Minimum Public Shareholding (MPS) का लक्ष्य तय समय से पहले पूरा हो जाएगा।
विनिवेश विभाग (DIPAM) के सचिव ने भी कहा है कि यह OFS सार्वजनिक हिस्सेदारी के लक्ष्य को समय से पहले हासिल करने में मदद करेगा।
सरकार को कितना होगा फायदा?
यदि सरकार पूरी 6.5% हिस्सेदारी बेचने में सफल रहती है तो उसे लगभग ₹31,400 करोड़ प्राप्त होंगे।
इसके बाद चालू वित्त वर्ष में सरकार की कुल विनिवेश आय लगभग ₹52,000 करोड़ तक पहुंच सकती है। वहीं एसेट मोनेटाइजेशन से प्राप्त राशि जोड़ने पर यह आंकड़ा ₹60,000 करोड़ के करीब पहुंचने की संभावना है।
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹80,000 करोड़ के विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
LIC OFS में भाग लेने वाले निवेशकों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है।
- पहले दिन (मंगलवार) केवल गैर-खुदरा (Non-Retail) निवेशक बोली लगा सकेंगे।
- दूसरे दिन (बुधवार) खुदरा (Retail) निवेशकों के लिए ऑफर खुला रहेगा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लोर प्राइस में दी गई छूट के कारण इस OFS में अच्छी मांग देखने को मिल सकती है।
LIC OFS क्यों है महत्वपूर्ण?
LIC देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है और वर्ष 2022 में इसके आईपीओ के जरिए सरकार ने पहली बार हिस्सेदारी बेची थी।
अब यह पहली बार है जब सूचीबद्ध होने के बाद सरकार LIC में अपनी अतिरिक्त हिस्सेदारी OFS के माध्यम से बेच रही है। इससे न केवल सरकार के विनिवेश कार्यक्रम को गति मिलेगी, बल्कि LIC भी समय से पहले SEBI के न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता मानदंड का पालन कर सकेगी।
LIC OFS सरकार के विनिवेश कार्यक्रम का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। 6.5% तक हिस्सेदारी की बिक्री से सरकार को हजारों करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है, वहीं LIC सार्वजनिक शेयरधारिता के 10% लक्ष्य को समय से पहले हासिल कर सकेगी। निवेशकों के लिए भी यह आकर्षक मूल्य पर देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी में निवेश का महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है।
