Shashank Singh ने आगामी 2026-27 घरेलू क्रिकेट सीजन से पहले बड़ा फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ क्रिकेट छोड़ने का निर्णय लिया है। अब वह पुडुचेरी की ओर से घरेलू क्रिकेट खेलेंगे। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) ने उन्हें नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया है। इस फैसले के पीछे Shashank Singh ने संघ के कुछ अधिकारियों द्वारा कथित “अनादर” और “उपेक्षा” को मुख्य कारण बताया है।
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Shashank Singh ने छत्तीसगढ़ क्यों छोड़ा?
Shashank Singh ने कहा कि पिछले कुछ समय से उनके और छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के बीच संवाद की कमी बनी हुई थी। उन्होंने IPL 2026 सीजन के बाद संघ के अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
उनका आरोप है कि उन्हें 2026 छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (CCPL) के लिए नहीं चुना गया और राज्य की संभावित टीम के कंडीशनिंग कैंप में भी शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस फैसले का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया।
शशांक का कहना है कि उन्होंने कभी विशेष व्यवहार की मांग नहीं की, लेकिन BCCI के 2023-24 सीजन के सर्वश्रेष्ठ घरेलू व्हाइट-बॉल ऑलराउंडर पुरस्कार जीतने वाले खिलाड़ी को कम से कम स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए था।
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Shashank Singh ने CSCS पर क्या आरोप लगाए?
Shashank Singh के अनुसार, यह विवाद 2025-26 रणजी ट्रॉफी के दौरान शुरू हुआ। मुंबई के खिलाफ मैच में फील्डिंग करते समय उनके कंधे में ग्रेड-2 स्ट्रेन हुआ था।
उन्होंने बताया कि मेडिकल स्कैन में चोट की पुष्टि हुई थी और टीम के फिजियो को इसकी जानकारी थी। इसके बावजूद कुछ अधिकारियों ने यह मान लिया कि वह खेलने में रुचि नहीं रखते।
उन्होंने यह भी कहा कि चोट के बावजूद उन्होंने उसी मैच में बल्लेबाजी की, लेकिन उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए गए।
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विजय हजारे ट्रॉफी से पहले भी लगी चोट
Shashank Singh ने बताया कि विजय हजारे ट्रॉफी से पहले वह बेंगलुरु स्थित BCCI Centre of Excellence में अपनी फिटनेस और बल्लेबाजी पर काम कर रहे थे। इसी दौरान एक अभ्यास सत्र में तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद उनके अंगूठे पर लगी, जिससे फ्रैक्चर हो गया।
उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को भी आशंका थी कि वह IPL तक नहीं खेल पाएंगे, लेकिन इसके बावजूद संघ के कुछ अधिकारियों ने उनकी चोट की गंभीरता को स्वीकार नहीं किया।
Shashank Singh ने पुडुचेरी को क्यों चुना?
लगातार चोटों से जूझने के बाद Shashank Singh ने फैसला किया है कि वह फिलहाल केवल व्हाइट-बॉल क्रिकेट (वनडे और टी-20) पर ध्यान देंगे।
उन्होंने कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट में ऑलराउंडर की भूमिका निभाने की कोशिश की, लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया। पुडुचेरी क्रिकेट संघ ने उनकी इस शर्त को स्वीकार किया, जिसके बाद उन्होंने नई टीम से जुड़ने का फैसला लिया।
शशांक ने कहा कि पुडुचेरी उनके लिए एक नई शुरुआत है और वह पूरी तरह फिट होकर फिर से अपनी व्हाइट-बॉल क्रिकेट की क्षमता साबित करना चाहते हैं।
CSCS ने क्या कहा?
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि खिलाड़ी ने एनओसी (NOC) मांगी थी, जिसे जारी कर दिया गया है।
संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि Shashank Singh द्वारा लगाए गए अन्य आरोप उनके व्यक्तिगत विचार हैं और इस विषय पर संघ की ओर से कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की जाएगी।
घरेलू क्रिकेट और IPL में कैसा रहा प्रदर्शन?
Shashank Singh ने सात वर्षों तक छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया।
उनके प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं—
- फर्स्ट क्लास: 24 मैच, 905 रन
- लिस्ट-ए: 31 मैच, 927 रन, 35 विकेट
- टी-20: 42 मैच, 653 रन, 18 विकेट
IPL में वह पंजाब किंग्स के उप-कप्तान हैं। 2024 सीजन में उन्होंने फिनिशर के रूप में शानदार प्रदर्शन किया था, जबकि 2026 सीजन चोट और खराब फॉर्म के कारण अपेक्षाकृत साधारण रहा।
Shashank Singh का छत्तीसगढ़ छोड़कर पुडुचेरी जाना घरेलू क्रिकेट का एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। खिलाड़ी ने CSCS के कुछ अधिकारियों पर उपेक्षा और सम्मान नहीं मिलने के आरोप लगाए हैं, जबकि संघ ने केवल NOC जारी करने की पुष्टि की है और आरोपों पर टिप्पणी से इनकार किया है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि Shashank Singh पुडुचेरी के लिए व्हाइट-बॉल क्रिकेट में कैसा प्रदर्शन करते हैं।
