Operation Hard Ball के तहत अमेरिका ने भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करने का दावा किया है। अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice) के अनुसार, इस संयुक्त अभियान में भारत, कनाडा, अमेरिका और यूरोप से जुड़े अपराध सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 37 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। इनमें जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, उसके करीबी सहयोगी गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा, जग्गू भगवानपुरिया और अन्य कथित गैंग सदस्य शामिल हैं।
👉 Join 4thNation WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Operation Hard Ball क्या है?
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक Operation Hard Ball कई वर्षों तक चली जांच का परिणाम है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इन आपराधिक गिरोहों का नेटवर्क भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक फैला हुआ था।
इन गिरोहों पर हत्या, सुपारी किलिंग, रंगदारी, मादक पदार्थों की तस्करी, हथियारों की तस्करी, मानव तस्करी, अपहरण और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, अदालत में आरोप सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानून की नजर में निर्दोष माने जाएंगे।
यह भी पढ़ें: K2 Airways Cargo Plane Missing: कराची पहुंचने से पहले रडार से गायब हुआ कार्गो विमान, बड़े स्तर पर तलाश जारी
Operation Hard Ball में किन लोगों पर आरोप लगे?
अमेरिकी अदालतों में दायर तीन अलग-अलग अभियोग (Indictments) में कुल 37 आरोपियों के नाम शामिल हैं।
इनमें प्रमुख रूप से:
- लॉरेंस बिश्नोई
- सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़
- रोहित गोदारा
- जग्गू भगवानपुरिया
- रविंदर सिंह ढांडा
- अन्य कथित गैंग सदस्य
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार 24 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें 13 अमेरिका, 3 कनाडा और 1 स्पेन से गिरफ्तार किए गए, जबकि कुछ आरोपी पहले से हिरासत में थे। वहीं 10 आरोपी अब भी फरार बताए गए हैं।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर अमेरिका के आरोप
अभियोग के अनुसार, जेल में बंद होने के बावजूद लॉरेंस बिश्नोई कथित रूप से अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन करता रहा।
अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह प्रतिबंधित मोबाइल फोन और इंटरनेट आधारित संचार माध्यमों का इस्तेमाल कर हत्या, रंगदारी, अपहरण, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अपराधों का निर्देश देता था।
जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया और मीडिया इंटरव्यू के जरिए उसने खुद को “राष्ट्रवादी”, “देशभक्त” और “धार्मिक” छवि वाले व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया तथा इसी माध्यम से युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास किया।
करोड़ों की ड्रग्स और हथियार जब्त
Operation Hard Ball के दौरान अमेरिकी एजेंसियों ने लगभग:
- 1,000 किलोग्राम कोकीन
- 1 किलोग्राम हेरोइन
- 40,000 अमेरिकी डॉलर नकद
- 12 आग्नेयास्त्र
जब्त किए हैं।
साथ ही कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो और लॉस एंजिलिस में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी भी की गई।
Operation Hard Ball में निज्जर हत्या का भी जिक्र
अमेरिकी अभियोग में जून 2023 में कनाडा के सरे शहर में हुई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी उल्लेख किया गया है।
अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया है कि इस हत्या का आदेश कथित रूप से लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने दिया था। हालांकि यह आरोप अमेरिकी अभियोग का हिस्सा हैं और इनकी पुष्टि अदालत में सुनवाई के बाद ही होगी।
इसके अलावा अभियोग में नवंबर 2023 में कनाडा में रहने वाले एक भारतीय अभिनेता एवं गायक के घर पर हुई फायरिंग और व्हाट्सएप के जरिए करोड़ों रुपये की कथित रंगदारी मांगने जैसी घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है।
👉 Join 4thNation WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई
इस अभियान में FBI, DEA, Royal Canadian Mounted Police (RCMP), Los Angeles Police Department (LAPD), अमेरिकी सीमा शुल्क एजेंसी, स्पेन की एजेंसियों तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय जांच संस्थाओं ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ ऐसी समन्वित कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
Operation Hard Ball अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ सहित कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सभी आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं और किसी भी आरोपी को दोषी तब तक नहीं माना जा सकता जब तक न्यायालय अंतिम फैसला न दे। आने वाले दिनों में Operation Hard Ball से जुड़े इस मामले में और महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।
