Interstate Police Meeting के तहत झारखंड और छत्तीसगढ़ पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में अपराध नियंत्रण को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज स्थित वन वाटिका में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में दोनों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आपसी समन्वय मजबूत करने और संयुक्त कार्रवाई की रणनीति तैयार की। बैठक का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
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Interstate Police Meeting में दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी हुए शामिल
रामानुजगंज में आयोजित Interstate Police Meeting में झारखंड के गढ़वा जिले से रंका अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह, भंडरिया थाना प्रभारी एवं पुलिस निरीक्षक सुभाष कुमार पासवान, पुलिस निरीक्षक अभिजीत गौतम, रंका थाना प्रभारी रवि कुमार केशरी तथा चिनियां थाना प्रभारी बिक्कु कुमार रजक शामिल हुए।
वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से रामानुजगंज अनुभाग के एसडीओपी बाजी लाल सिंह, रामानुजगंज थाना प्रभारी अजय साहू, त्रिकुंडा थाना प्रभारी व्यास नारायण चुरेंद्र, रामचंद्रपुर थाना प्रभारी मनोज नवरंगे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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Interstate Police Meeting में इन अहम मुद्दों पर बनी सहमति
घंटों चली बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ते अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में मुख्य रूप से निम्न बिंदुओं पर सहमति बनी—
- गौ तस्करी पर संयुक्त कार्रवाई।
- अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए समन्वित अभियान।
- मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
- वारंटियों और फरार अपराधियों की संयुक्त धरपकड़।
- रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा करने की व्यवस्था।
- अंतर्राज्यीय गिरफ्तारी के नियमों का सख्ती से पालन।
पुलिस अधिकारियों ने माना कि दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से अपराधियों को सीमा पार भागने का मौका नहीं मिलेगा।
साइबर अपराध और हाईटेक अपराध पर संयुक्त रणनीति
तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर जोर
बैठक में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और अन्य हाईटेक अपराधों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
निर्णय लिया गया कि दोनों राज्यों की पुलिस तकनीकी जानकारी, डिजिटल जांच और साइबर अपराधियों की पहचान में एक-दूसरे को सहयोग प्रदान करेगी। इससे साइबर अपराधों की जांच और कार्रवाई अधिक प्रभावी हो सकेगी।
उग्रवाद और सीमावर्ती सुरक्षा पर विशेष फोकस
संयुक्त अभियान होंगे तेज
बैठक में सीमावर्ती जंगलों और दूरस्थ क्षेत्रों में सक्रिय वामपंथी उग्रवाद से निपटने के लिए भी साझा रणनीति तैयार की गई।
दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त गश्त, नियमित सूचना आदान-प्रदान और समन्वित ऑपरेशन चलाने पर सहमति जताई, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके।
सीमाओं पर बढ़ेगी निगरानी
बैठक के दौरान यह भी तय किया गया कि अपराधियों की आवाजाही रोकने के लिए सीमावर्ती इलाकों में चेकिंग अभियान तेज किए जाएंगे।
इसके अलावा प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की योजना बनाई गई।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक निगरानी व्यवस्था और बेहतर समन्वय से अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
लोगों में बढ़ेगा सुरक्षा का भरोसा
अधिकारियों ने बताया कि इस Interstate Police Meeting का मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों की पुलिस के बीच संवाद, सहयोग और सूचना साझा करने की व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
इस पहल से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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Interstate Police Meeting झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच पुलिस समन्वय को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। बैठक में अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध, तस्करी, उग्रवाद और सीमावर्ती सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संयुक्त रणनीति बनाई गई। आने वाले समय में Interstate Police Meeting के तहत लिए गए फैसलों के प्रभावी क्रियान्वयन से अपराधियों पर शिकंजा और मजबूत होने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
