Nava Raipur Botanical Garden परियोजना के जरिए छत्तीसगढ़ सरकार राजधानी क्षेत्र में एक विश्वस्तरीय इको-टूरिज्म और पर्यावरणीय आकर्षण विकसित करने की तैयारी कर रही है। राज्य सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर लगभग 350 एकड़ भूमि में बॉटनिकल गार्डन विकसित करने की योजना बना रही है। इस परियोजना में कम से कम 550 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
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Nava Raipur Botanical Garden से मिलेगा विश्वस्तरीय इको-टूरिज्म केंद्र
प्रस्तावित Nava Raipur Botanical Garden जंगल सफारी के पास विकसित किया जाएगा। यह स्थल स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
इस परियोजना का उद्देश्य लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी भूमि का बेहतर उपयोग करते हुए इसे एक विश्वस्तरीय बॉटनिकल गार्डन और इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और हरित अवसंरचना को भी मजबूती मिलेगी।
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Nava Raipur Botanical Garden के लिए 550 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को PPP मॉडल के तहत विकसित करने की योजना बनाई है।
प्रारंभिक प्रस्ताव के अनुसार परियोजना में कम से कम 550 करोड़ रुपये का निवेश होगा। हालांकि अंतिम लागत डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और अंतिम डिजाइन तैयार होने के बाद तय की जाएगी।
सरकार का लक्ष्य निजी निवेश के सहयोग से आधुनिक सुविधाओं से युक्त ऐसा बॉटनिकल गार्डन तैयार करना है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर्षण का केंद्र बन सके।
निवेशकों ने किया स्थल का निरीक्षण
जंगल सफारी और प्रस्तावित स्थल का दौरा
परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने सोमवार को जंगल सफारी, प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन स्थल और नंदनवन का दौरा किया।
इसके बाद नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) अरुण कुमार पांडेय ने की।
इन कंपनियों ने दिखाई रुचि
बैठक में भूटानी ग्रुप (नोएडा), शालीमार कॉर्प (लखनऊ), अनूपचंद-तिलोकचंद ग्रुप, अविनाश ग्रुप, सिंघानिया बिल्डकॉन, बैबिलॉन ग्रुप, मायरा ग्रुप, वी-नेट, मनोज गोयल और SDF इंफ्रा सहित कई निवेशकों ने भाग लिया।
वन विभाग ने परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले संभावित निवेशकों से सुझाव और प्रस्ताव भी आमंत्रित किए हैं।
नंदनवन में भी बनेगा नया बॉटनिकल गार्डन
राज्य का वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग भिलाई रोड स्थित नंदनवन में भी लगभग 43 एकड़ क्षेत्र में नया बॉटनिकल गार्डन विकसित करने की योजना बना रहा है।
इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 50 करोड़ रुपये बताई गई है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में हरित पर्यटन और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देना है।
दुनिया के प्रसिद्ध बॉटनिकल गार्डन से भी होगा बड़ा
यदि Nava Raipur Botanical Garden प्रस्ताव के अनुसार तैयार होता है, तो इसका क्षेत्रफल दुनिया के कई प्रसिद्ध बॉटनिकल गार्डनों से अधिक होगा।
यह प्रस्तावित गार्डन लंदन के Royal Botanic Gardens, Kew (326 एकड़) और कोलकाता के Acharya Jagadish Chandra Bose Indian Botanic Garden (273 एकड़) से भी बड़ा होगा। इससे छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप तैयार हुई योजना
प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि यह परियोजना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की परिकल्पना और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि PPP मॉडल के माध्यम से राज्य में इको-टूरिज्म और पर्यावरणीय अवसंरचना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
Nava Raipur Botanical Garden परियोजना छत्तीसगढ़ में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और निजी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है। 350 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस विश्वस्तरीय बॉटनिकल गार्डन से न केवल इको-टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी, बल्कि रोजगार, हरित विकास और राज्य की पर्यावरणीय अवसंरचना को भी मजबूती मिलेगी। Nava Raipur Botanical Garden के पूरा होने पर यह देश के सबसे बड़े और आधुनिक बॉटनिकल गार्डनों में शामिल हो सकता है।
