Mahasamund ganja recovered की यह खबर पूरे छत्तीसगढ़ में सनसनी फैला रही है। महासमुंद जिले की पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए लाल रंग की टाटा माजदा वाहन से 600 किलोग्राम (6 क्विंटल) गांजा बरामद किया है।
इस कार्रवाई में गांजे सहित वाहन, मोबाइल और नकद समेत कुल ₹3 करोड़ 12 लाख 15 हजार की संपत्ति जब्त की गई है। आरोपी ओडिशा से महाराष्ट्र के ठाणे जिले तक गांजे की तस्करी करने जा रहा था।
📢 हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें और पाएं ताज़ा खबरें सबसे पहले: 👉 Join Now
कैसे हुई कार्रवाई? पूरा घटनाक्रम
पुलिस के मुताबिक, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स ओडिशा सीमा से लगे अंतरराज्यीय मार्गों और अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार गश्त और निगरानी कर रही थी।
इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि MH-46 CU-6060 नंबर की एक लाल टाटा माजदा में कंपनी के सामान की आड़ में गांजा भरकर महाराष्ट्र ले जाया जा रहा है।
मुरमुरी चौक पर हुई जाँच
सूचना के आधार पर थाना सिंघोड़ा क्षेत्र के मुरमुरी चौक पर वाहनों की जाँच शुरू की गई। संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली गई।
गाड़ी के चालक ने अपना नाम महबूब बादशाह शेख (उम्र 65 वर्ष) बताया, जो महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ का रहने वाला है।
यह भी पढ़ें: Badhata Bharat Badalta Bharat कार्यक्रम को लेकर भाजपा की कार्यशाला संपन्न
Mahasamund Ganja Recovered – मशीनरी सामान के नीचे छिपा था 600 किलो गांजा
24 बोरियों में भरा था नशे का जहर
तलाशी के दौरान वाहन में रखे मशीनरी के बड़े कार्टूनों और अन्य सामान के नीचे 24 प्लास्टिक बोरियाँ मिलीं।
हर एक बोरी में 25-25 किलोग्राम गांजा भरा हुआ था। इस प्रकार कुल 600 किलोग्राम (6 क्विंटल) गांजा बरामद किया गया, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत ₹3 करोड़ से अधिक आँकी गई है।
काली तिरपाल से ढंका था पूरा माल
तस्करों ने वाहन के पूरे माल को काले रंग की तिरपाल से ढंक रखा था, ताकि बाहर से देखने पर यह सामान्य मालवाहक वाहन जैसा दिखे और किसी को संदेह न हो। यह तस्करों की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था।
ओडिशा से ठाणे तक फैला तस्करी का नेटवर्क
पूछताछ में आरोपी महबूब बादशाह शेख ने खुलासा किया कि यह गांजा ओडिशा के बौद्ध जिले से लाया गया था और इसे महाराष्ट्र के ठाणे जिले तक पहुँचाया जाना था।
पुलिस का मानना है कि इस तस्करी नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। आरोपी के मोबाइल फोन की जाँच की जा रही है और उसके संपर्कों के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू कर दी गई है।
अंतरराज्यीय गांजा तस्करी का खतरनाक रूट
ओडिशा के आदिवासी और वन-बहुल इलाकों से निकलकर छत्तीसगढ़ होते हुए महाराष्ट्र पहुँचने वाला यह रूट तस्करों के बीच काफी लोकप्रिय है। छत्तीसगढ़ पुलिस के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक राज्य में 1,400 से अधिक ड्रग मामले दर्ज हुए हैं, लगभग 2,600 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और 20,000 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया गया है।
₹3.12 करोड़ की संपत्ति जब्त – पूरी डिटेल
इस कार्रवाई में पुलिस ने निम्नलिखित संपत्ति जब्त की:
| जब्त सामान | अनुमानित कीमत |
|---|---|
| 600 किलो गांजा | ₹3,00,00,000 |
| टाटा माजदा वाहन | ₹12,00,000 |
| मोबाइल फोन व नकद | ₹15,000 |
| कुल जब्त संपत्ति | ₹3,12,15,000 |
यह जिले की अब तक की सबसे बड़ी एकल कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
📢 ताज़ा छत्तीसगढ़ खबरों के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें: 👉 Click Here to Join
Mahasamund Ganja Recovered: तस्करों के बदलते तरीके
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गांजा तस्कर लगातार नए-नए हथकंडे अपनाकर मादक पदार्थों की खेप पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं।
इन वाहनों का हो रहा है दुरुपयोग
हाल के महीनों में पुलिस ने इन वाहनों में गांजा छिपाकर ले जाने के मामले पकड़े हैं:
- 🚑 एंबुलेंस – मरीज के बहाने ड्रग ट्रांसपोर्ट
- 📦 मूवर्स एंड पैकर्स वाहन – घरेलू सामान में छिपाकर
- 🚛 मालवाहक ट्रक – भारी माल के नीचे
- 👗 कपड़ा फेरी वाहन – कपड़ों की गाँठों में
- 🚌 ट्रैवल्स बसें – यात्रियों के सामान के साथ
- 🚗 गुप्त चैंबर वाले वाहन – विशेष रूप से तैयार छिपी जगहों में
महासमुंद में ऑपरेशन निश्चय के तहत पुलिस पहले भी एक समन्वित कार्रवाई में ₹4.61 करोड़ का गांजा और नशीली गोलियाँ जब्त कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पहले भी हो चुकी हैं बड़ी कार्रवाइयाँ
महासमुंद पुलिस ने इससे पहले भी कई बड़ी बरामदगी की है:
8 मई – एंबुलेंस से 77 किलो गांजा जब्त
महासमुंद पुलिस ने 8 मई को एक एंबुलेंस में 77 किलोग्राम गांजा छिपा हुआ पाया। इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह मामला इसलिए भी चौंकाने वाला था क्योंकि तस्करों ने एंबुलेंस जैसे संवेदनशील वाहन का इस्तेमाल किया।
7 मई – पिकअप से ₹1.14 करोड़ का गांजा बरामद
7 मई को एक पिकअप वाहन से ₹1.14 करोड़ मूल्य का गांजा जब्त कर 2 तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। वाहन में गांजे को आम सामान के बीच छिपाया गया था।
अब 600 किलो गांजे की यह ताज़ा बरामदगी जिले की सबसे बड़ी एकल कार्रवाइयों में से एक बन गई है, और यह दर्शाती है कि महासमुंद अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी का एक प्रमुख ट्रांज़िट पॉइंट बनता जा रहा है।
सरकार और पुलिस की सख्त नीति
छत्तीसगढ़ सरकार ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मजबूत करने के लिए 10 जिलों में 100 नए पदों को मंजूरी दी है, ताकि ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान को और तेज किया जा सके।
राज्य पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि ओडिशा सीमा से छत्तीसगढ़ होते हुए महाराष्ट्र जाने वाले सभी मार्गों पर निगरानी और सख्त की जाएगी।
अधिक जानकारी के लिए आप Narcotics Control Bureau (NCB) की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं: 🔗 NCB India – Official Website
छत्तीसगढ़ पुलिस की ड्रग बरामदगी की जानकारी के लिए: 🔗 Chhattisgarh Police Official Website
Mahasamund Ganja Recovered की यह कार्रवाई है बड़ा संदेश
Mahasamund ganja recovered की यह घटना साफ संकेत देती है कि अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क छत्तीसगढ़ के रास्ते कितने संगठित तरीके से काम कर रहा है।
पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की सतर्कता की वजह से एक बड़ी खेप को रोकने में सफलता मिली। लेकिन तस्करी के बदलते तरीके और नेटवर्क की व्यापकता यह बताती है कि यह लड़ाई अभी लंबी है।
महासमुंद पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। ड्रग मुक्त छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा जब पुलिस और समाज मिलकर इस लड़ाई में भागीदार बनें।
📢 छत्तीसगढ़ की ताज़ा और विश्वसनीय खबरों के लिए अभी जुड़ें हमारे WhatsApp चैनल से: 👉 https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
