Chhattisgarh News के तहत भारत सरकार के वार्षिक असंगठित क्षेत्र उद्यम सर्वेक्षण (ASUSE 2025) में छत्तीसगढ़ के छोटे कारोबारों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कारोबारों की अलग-अलग तस्वीर सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार राज्य के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में छोटे उद्यम अब भी घरों से संचालित हो रहे हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों में स्थायी दुकानें, बाजार और व्यावसायिक परिसरों का मजबूत नेटवर्क विकसित होता दिख रहा है।
📊 Chhattisgarh News: ASUSE 2025 रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
ग्रामीण छत्तीसगढ़ में 51.9% छोटे कारोबार अब भी घरों से संचालित।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 1.52 लाख लोगों को रोजगार।
👉 join 4thnation channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Chhattisgarh News: ग्रामीण क्षेत्रों में घरों से चल रहे आधे कारोबार
ASUSE 2025 रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण छत्तीसगढ़ में 51.9% अनिगमित गैर-कृषि उद्यम घरेलू परिसरों के भीतर संचालित हो रहे हैं। इसका मतलब है कि राज्य के आधे से ज्यादा छोटे कारोबार घरों के किसी हिस्से से ही चलाए जा रहे हैं।
इसके अलावा 31.5% कारोबार घर से बाहर स्थायी ढांचे में संचालित हैं। वहीं करीब 1.9% उद्यम अस्थायी कियोस्क या स्टॉल के जरिए चल रहे हैं। लगभग 14.7% कारोबार बिना किसी स्थायी परिसर के संचालित हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित संसाधनों और छोटे स्तर के व्यवसाय मॉडल को दर्शाता है।
यह भी पढ़ें: Balod News: आत्मसमर्पित नक्सलियों को ट्रेन सफर और फिल्म दिखाकर पुलिस ने बढ़ाया आत्मविश्वास
शहरी क्षेत्रों में मजबूत हुआ व्यापार नेटवर्क
Chhattisgarh के शहरी क्षेत्रों की तस्वीर ग्रामीण इलाकों से अलग दिखाई देती है। यहां 58.6% उद्यम स्थायी ढांचे में संचालित हो रहे हैं।
वहीं 24.3% कारोबार घरेलू परिसरों से चल रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि शहरों में व्यापारिक बुनियादी ढांचा तेजी से मजबूत हुआ है।
शहरी क्षेत्रों में छोटे उद्योगों और दुकानों के लिए बाजार, कॉम्प्लेक्स और स्थायी दुकानें रोजगार के अवसर बढ़ा रही हैं।
Chhattisgarh News: मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 1.52 लाख लोगों को रोजगार
रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के अनिगमित मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कुल 1,52,765 लोग कार्यरत हैं। इनमें 1,43,747 पूर्णकालिक और 9,017 अंशकालिक कर्मचारी शामिल हैं।
इसका मतलब है कि करीब 94% कर्मचारी फुल-टाइम काम कर रहे हैं। यह आंकड़ा राज्य में छोटे उद्योगों की मजबूत मौजूदगी को दर्शाता है।
शहरी मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों में रोजगार
शहरी क्षेत्रों की मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों में 57,138 लोग काम कर रहे हैं। इनमें:
- 53,558 पूर्णकालिक कर्मचारी
- 3,579 अंशकालिक कर्मचारी
शामिल हैं।
यह आंकड़ा बताता है कि शहरों में छोटे उद्योग रोजगार का महत्वपूर्ण स्रोत बनते जा रहे हैं।
महिला भागीदारी अभी भी कम
Chhattisgarh News में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार पूरे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 1,26,098 पुरुष और 26,667 महिलाएं कार्यरत हैं।
यानी हर 100 कर्मचारियों में केवल 17 महिलाएं ही शामिल हैं। महिला भागीदारी करीब 17.4% दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए छोटे उद्योगों में स्किल ट्रेनिंग और स्वरोजगार योजनाओं को और मजबूत करने की जरूरत है।
👉 join 4thnation channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
प्रति कामगार औसत कमाई कितनी?
रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ के अनिगमित मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में प्रति कामगार औसत वार्षिक मूल्य संवर्धन (GVA) ₹81,112 दर्ज किया गया है।
OAE और HWE में बड़ा अंतर
स्वयं या परिवार आधारित छोटे कारोबार (OAE) में:
- ग्रामीण क्षेत्रों का औसत मूल्य संवर्धन ₹48,159
- शहरी क्षेत्रों का औसत ₹70,033
दर्ज किया गया है।
वहीं मजदूर रखने वाले उद्यम (HWE) में:
- ग्रामीण क्षेत्रों का औसत ₹1,42,576
- शहरी क्षेत्रों का औसत ₹1,81,032
दर्ज किया गया है।
इससे साफ है कि कर्मचारियों वाले उद्यम ज्यादा उत्पादक साबित हो रहे हैं।
गुजरात और महाराष्ट्र से अब भी पीछे
Gujarat और Maharashtra जैसे बड़े औद्योगिक राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ अभी पीछे है। वहां प्रति कामगार मूल्य संवर्धन काफी अधिक दर्ज किया गया है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में छोटे उद्योगों की बढ़ती संख्या भविष्य में राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती है।
छोटे उद्योगों में भविष्य की संभावनाएं
Chhattisgarh News में सामने आए आंकड़े यह संकेत देते हैं कि राज्य में छोटे उद्योगों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विस्तार की काफी संभावना मौजूद है।
यदि सरकार बुनियादी ढांचे, वित्तीय सहायता और स्किल डेवलपमेंट पर जोर देती है, तो आने वाले वर्षों में रोजगार और उत्पादन दोनों में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
Chhattisgarh News में ASUSE 2025 रिपोर्ट ने राज्य के छोटे कारोबारों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की वास्तविक स्थिति को सामने रखा है। ग्रामीण क्षेत्रों में घरों से संचालित कारोबारों की संख्या ज्यादा है, जबकि शहरों में स्थायी व्यापार तेजी से बढ़ रहा है। रोजगार और उत्पादन के मामले में छत्तीसगढ़ में संभावनाएं मजबूत हैं, लेकिन महिला भागीदारी और उत्पादकता बढ़ाने पर अभी और काम करने की जरूरत है।
