Shashank Singh को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। जांजगीर स्थित हसदेव नहर जल प्रबंधन विभाग के कार्यपालन अभियंता (Executive Engineer) Shashank Singh को वायरल ऑडियो विवाद के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सरकार ने यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(a) के तहत की है। प्रारंभिक जांच में कदाचार के आरोप सही पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया।
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वायरल ऑडियो से बढ़ा विवाद
पूरा मामला उस समय चर्चा में आया जब Shashank Singh और उनके कार्यालय वाहन चालक शशिकांत साहू के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
यह ऑडियो क्षेत्रीय समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुआ, जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए।
सोशल मीडिया पर तेजी से फैला मामला
वायरल ऑडियो में कथित रूप से अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी इसकी काफी चर्चा हुई।
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Shashank Singh मामले की जांच में क्या मिला
मामले की जांच जांजगीर-चांपा के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) द्वारा की गई। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए।
जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि Shashank Singh ने फोन पर बातचीत के दौरान बेहद अभद्र और आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग किया था।
वरिष्ठ अधिकारियों पर भी टिप्पणी
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बातचीत के दौरान वरिष्ठ जिला प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ भी अनुचित टिप्पणियां की गईं।
सरकार का मानना है कि इस तरह की टिप्पणियों से प्रशासन की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा है।
Shashank Singh के खिलाफ किस नियम के तहत हुई कार्रवाई
छत्तीसगढ़ सरकार ने Shashank Singh को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (Classification, Control and Appeal) Rules, 1966 के तहत निलंबित किया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, प्रथम दृष्टया कदाचार साबित होने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबन लागू किया गया।
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निलंबन अवधि में यहां रहेगा मुख्यालय
सरकारी आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान Shashank Singh का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित शिवनाथ भवन में मुख्य अभियंता कार्यालय रहेगा।
इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) भी दिया जाएगा।
राज्यपाल के नाम से जारी हुआ आदेश
यह आधिकारिक आदेश अवर सचिव रविंद्र कुमार मेढ़ेकर द्वारा राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है।
प्रशासनिक छवि पर पड़ा असर
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार वायरल ऑडियो विवाद से प्रशासनिक व्यवस्था की सार्वजनिक छवि प्रभावित हुई है।
इसी कारण सरकार ने मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सख्त कार्रवाई की है। विभागीय अधिकारियों को भी भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के निर्देश दिए गए हैं।
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कुल मिलाकर, Shashank Singh का वायरल ऑडियो मामला छत्तीसगढ़ प्रशासन में बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। जांच रिपोर्ट में अभद्र भाषा और अनुचित टिप्पणियों की पुष्टि होने के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए निलंबन की कार्रवाई की। आने वाले दिनों में इस मामले में विभागीय जांच और भी अहम हो सकती है।
