Gariaband News में एक ऐतिहासिक और गर्व से भरी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए E-30 टीम के जवानों को अब जिले के विभिन्न थानों में पोस्टिंग दे दी है।
यह फैसला इस बात का साफ संकेत है कि गरियाबंद अब पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है। जो जवान वर्षों तक घने जंगलों में नक्सलियों से लोहा लेते रहे, वे अब आम जनता की सेवा में तैनात होंगे।
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Gariaband News — E-30 टीम का ऐतिहासिक सफर समाप्त
गरियाबंद जिले की E-30 टीम पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी अलग और दमदार पहचान रखती थी। यह टीम महज एक सुरक्षा दस्ता नहीं थी — यह नक्सलियों के लिए खौफ का दूसरा नाम बन चुकी थी।
अब जब आधिकारिक रूप से क्षेत्र में नक्सल गतिविधियां समाप्त मानी जा रही हैं, तो इस विशेष टीम के सदस्यों को जिले के अलग-अलग थानों में तैनात किया गया है।
SP सिरमौर ने जिले के करीब 40 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया है, जिनमें E-30 के जांबाज जवान सबसे खास हैं।
2013 में हुआ था E-30 टीम का गठन — क्यों और कैसे?
साल 2013 — वो दौर जब गरियाबंद के घने जंगल नक्सली गतिविधियों का गढ़ बन चुके थे। दुर्गम पहाड़ियों और घनी वनों में नक्सलियों का आतंक चरम पर था।
इसी चुनौती से निपटने के लिए जिले में E-30 टीम का विशेष रूप से गठन किया गया। इस टीम का एकमात्र मकसद था — नक्सलवाद का जड़ से खात्मा।
उन सर्द रातों और खतरनाक जंगलों में जाना आम लोगों के लिए मुश्किल था। लेकिन E-30 के जवानों ने हर बार डटकर मोर्चा संभाला।
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Gariaband News: 12 साल की वीरगाथा — कुल्हाड़ी घाट से माटल पहाड़ी तक
दुर्गम इलाकों में लगातार ऑपरेशन
Gariaband News का यह अध्याय उन जवानों की कहानी है जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सेवा की। कुल्हाड़ी घाट के घने जंगलों से लेकर माटल की दुर्गम पहाड़ियों तक — इन जवानों की वीरता की गूंज हर जगह सुनाई दी।
इन 12 वर्षों में E-30 टीम ने न सिर्फ अपनी बहादुरी का परिचय दिया, बल्कि कई बड़े नक्सली नेटवर्क को ध्वस्त किया।
वो ऑपरेशन जो बने मील के पत्थर
E-30 टीम की दो बड़ी सफलताओं ने पूरे देश में गरियाबंद का नाम रोशन किया। ये ऑपरेशन नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक मोड़ साबित हुए।
जनवरी 2025 — कुल्हाड़ी घाट में 1 करोड़ के इनामी चलपति समेत 16 नक्सली ढेर
गरियाबंद की सबसे बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाई
जनवरी 2025 में कुल्हाड़ी घाट के जंगलों में E-30 टीम ने एक ऐतिहासिक ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस कार्रवाई में 1 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली चलपति समेत कुल 16 नक्सलियों को मार गिराया गया।
यह छत्तीसगढ़ के नक्सल विरोधी अभियानों में एक बड़ी उपलब्धि थी। इस ऑपरेशन ने गरियाबंद जिले को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित किया।
चलपति — जिसके नाम था 1 करोड़ का इनाम
चलपति एक खतरनाक नक्सली नेता था जिस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। वर्षों से पुलिस उसकी तलाश में थी। E-30 टीम ने उसे उसके साथियों समेत जंगल में ढेर कर दिया।
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Chhattisgarh Police Official Website — https://www.cgpolice.gov.in
सितंबर 2025 — माटल पहाड़ी पर 1 करोड़ के इनामी मनोज और बालकृष्ण का खात्मा
दुर्गम पहाड़ियों में भी नहीं रुके जवान
सितंबर 2025 में E-30 टीम ने एक और बड़ा ऑपरेशन अंजाम दिया। माटल की दुर्गम पहाड़ियों पर 1 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मनोज और बालकृष्ण को मार गिराया गया।
इन पहाड़ियों तक पहुंचना ही अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन E-30 के जवानों ने हर मुश्किल को पार करते हुए दुश्मन को उसी के इलाके में जाकर मार गिराया।
इन सफलताओं ने बदली गरियाबंद की तस्वीर
इन दोनों बड़े ऑपरेशनों ने गरियाबंद को नक्सलवाद से मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई। क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क बिखर गया और जनजीवन सामान्य होने लगा।
Gariaband News: SP वेदव्रत सिरमौर का बड़ा प्रशासनिक फैसला
40 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण
Gariaband News में यह फैसला एक ऐतिहासिक पल है। पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने जिले के करीब 40 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया है।
इनमें सबसे खास वे जांबाज हैं जो E-30 टीम का हिस्सा रहे। उन्हें अब जिले के विभिन्न थानों में पोस्टिंग दी गई है।
नक्सल मुक्त क्षेत्र में अब नई पुलिसिंग की जरूरत
SP सिरमौर का यह फैसला साफ बताता है कि गरियाबंद में अब नक्सल ऑपरेशन की जरूरत नहीं रही। जिले में अब सामान्य कानून व्यवस्था और नागरिक सेवाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
E-30 जवानों का युद्ध अनुभव अब थानों में आम जनता की सुरक्षा के काम आएगा।
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जंग से जनसेवा — थानों में होगी इन जांबाजों की नई भूमिका
अपराधियों में डर, जनता में भरोसा
मोर्चे से थानों तक का यह सफर सिर्फ एक ट्रांसफर नहीं — यह एक युग के बदलाव का संकेत है। जो जवान कल तक जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ बंदूक उठाए घूमते थे, अब वही थानों में बैठकर आम जनता की समस्याएं सुनेंगे।
इन जवानों का अनुभव, साहस और अनुशासन पुलिसिंग को और मजबूत करेगा।
गरियाबंद बन रहा है विकास का नया केंद्र
नक्सलवाद के खत्म होने के बाद गरियाबंद में विकास की नई रोशनी फैल रही है। स्कूल, अस्पताल, सड़कें — सब कुछ अब नक्सल मुक्त इलाके में तेजी से बन रहा है।
E-30 के इन जवानों की बदौलत ही यह संभव हो पाया है।
Gariaband News: 12 साल की कुर्बानी का सुनहरा परिणाम
Gariaband News का यह अध्याय छत्तीसगढ़ पुलिस के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। 2013 से शुरू हुए इस संघर्ष में E-30 टीम के जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर गरियाबंद को नक्सलवाद से मुक्त कराया।
1 करोड़ के इनामी नक्सली चलपति समेत 16 नक्सलियों का खात्मा, मनोज और बालकृष्ण जैसे खूंखार नक्सलियों का सफाया — ये उपलब्धियां इन जवानों की अदम्य वीरता की गवाह हैं।
SP वेदव्रत सिरमौर का यह फैसला न सिर्फ प्रशासनिक बदलाव है, बल्कि यह Gariaband News का एक नया और उज्जवल अध्याय है — जहां जंग की जगह जनसेवा ने ले ली है।
