Bhilai News में शनिवार 28 मार्च को एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया। दुर्ग जिले के भिलाई की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में एक पेंटर की संदिग्ध लाश मिली। मृतक के शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें 42 वर्षीय मोहन रामटेक ने दो लोगों — राजू पाल और सोनिया गोस्वामी — को अपनी मौत का ज़िम्मेदार ठहराया है।
सुसाइड नोट में मृतक ने राजू पाल को एक कांग्रेस नेता बताते हुए पुलिस से बिना दबाव के न्याय करने की गुहार लगाई है।
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Bhilai News: हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मिला संदिग्ध शव
Bhilai News का यह मामला स्मृति नगर चौकी इलाके से जुड़ा है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के एक किराए के मकान में मोहन रामटेक का शव मिला।
शव मिलने पर स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। शरीर पर चोट के निशान होने की वजह से यह मामला और भी संदिग्ध हो गया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की।
कौन था मोहन रामटेक? — जानिए पूरी पृष्ठभूमि
मोहन रामटेक (42 वर्ष) पिछले करीब 3 महीने से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था। वह पेशे से पेंटर था और रोज़मर्रा की मज़दूरी से अपने परिवार का पेट पालता था।
मोहन के परिवार में उसकी पत्नी और अन्य सदस्य शामिल हैं। शनिवार 28 मार्च को उसकी माँ का भिलाई के एक अस्पताल में ऑपरेशन होना था।
इस कारण परिवार के सभी सदस्य रात से ही अस्पताल में थे। घर पर सिर्फ मोहन अकेला था।
Bhilai News: कैसे हुई घटना की जानकारी?
28 मार्च की सुबह जब मोहन की पत्नी घर लौटी, तो उसने देखा कि दरवाज़ा अंदर से बंद है। कई बार दस्तक देने और आवाज़ लगाने के बाद भी कोई जवाब नहीं आया।
पत्नी ने तुरंत मकान मालिक को सूचना दी। पड़ोसियों की मदद से किसी तरह दरवाज़ा खोला गया — और अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए।
अंदर मोहन रामटेक की लाश पड़ी थी। मकान मालिक ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
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सुसाइड नोट में क्या लिखा? — पढ़ें पूरा खुलासा
Bhilai News के इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात घटनास्थल से मिला सुसाइड नोट है। इस नोट में मोहन ने लिखा:
“मैं मोहन रामटेके अपने होशो-हवास में यह बात लिख रहा हूँ कि राजू पाल और सोनिया गोस्वामी सट्टा चलाते हैं। वो मुझे धमकी दे रहे हैं कि एक लाख रुपए दो, नहीं तो पुलिस में फंसा देंगे और जेल भिजवा देंगे।”
मोहन ने आगे लिखा कि उसकी पत्नी का ऑपरेशन होना था जिसके लिए उसे पैसों की ज़रूरत थी। उसने राजू पाल से मदद माँगी, तो राजू ने उसे सट्टे का एक नंबर दिया जो सोनिया गोस्वामी का था।
इसके बाद से दोनों उसे ब्लैकमेल करने लगे और एक लाख रुपए की मांग करने लगे।
मोहन की पुलिस से मार्मिक अपील
सुसाइड नोट में मोहन ने लिखा:
“पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि मेरी मौत को नज़रअंदाज़ न करें। राजू बोलता है कि पुलिस मेरी जेब में है, क्योंकि हम कांग्रेस के नेता हैं।”
उसने यह भी लिखा:
“बिना किसी दबाव के कोई भी पुलिसकर्मी फैसला न लें। पहले अपने घर जाकर अपने परिवार को देखें कि यह घटना उसके साथ हो तो क्या होगा।”
यह अपील एक आम इंसान की बेबसी और सिस्टम पर से उठते भरोसे की दर्दनाक तस्वीर है।
Bhilai News: राजू पाल और सोनिया गोस्वामी पर क्या हैं आरोप?
Bhilai News के इस मामले में सुसाइड नोट के आधार पर दो लोगों पर गंभीर आरोप लगे हैं:
राजू पाल — कांग्रेस नेता बताया गया
मोहन ने राजू पाल को कांग्रेस नेता बताया है। आरोप है कि राजू पाल अवैध सट्टा संचालित करता है और अपनी राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल कर आम लोगों को धमकाता है।
उसने कथित तौर पर मोहन को कहा था कि “पुलिस मेरी जेब में है” — यह बयान पुलिस-राजनेता सांठगांठ पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सोनिया गोस्वामी — सट्टे में कथित भूमिका
सोनिया गोस्वामी पर आरोप है कि वह भी सट्टे के इस नेटवर्क का हिस्सा है। मोहन ने नोट में लिखा कि राजू ने जो नंबर दिया था, वह सोनिया का था और दोनों मिलकर उसे ब्लैकमेल कर रहे थे।
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पुलिस और फॉरेंसिक टीम की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही भिलाई न्यूज़ में हलचल मच गई। मौके पर निम्न अधिकारी पहुंचे:
- स्मृति नगर चौकी पुलिस
- सुपेला थाना पुलिस
- एडिशनल एसपी सिटी — सुखनंदन राठौर
- सीएसपी भिलाई नगर
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। सुसाइड नोट को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। मृतक के शरीर पर चोट के निशान होने के कारण यह मामला पुलिस के लिए और भी पेचीदा हो गया है।
पोस्टमॉर्टम से होगा मौत का राज़ साफ
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि मोहन की मौत आत्महत्या से हुई या यह कोई हत्या है जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
[Link: Bhilai News — दुर्ग जिले में पुलिस की बड़ी कार्रवाइयाँ]
परिवार की पीड़ा और न्याय की मांग
मोहन रामटेक की मौत ने उसके परिवार को तोड़ कर रख दिया है। एक तरफ माँ अस्पताल में ऑपरेशन टेबल पर थी, दूसरी तरफ बेटे की लाश घर पर मिली।
पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य गहरे सदमे में हैं। परिवार ने माँग की है कि सुसाइड नोट में जिन लोगों का नाम है, उनके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई हो।
मोहन के परिवार का कहना है कि वह एक ईमानदार मज़दूर था जो दिन-रात मेहनत करके परिवार चलाता था। ऐसे व्यक्ति को इस तरह ब्लैकमेल करना और उसे मौत के मुंह तक धकेलना एक जघन्य अपराध है।
Bhilai News का यह मामला केवल एक पेंटर की मौत का मामला नहीं है — यह उस व्यवस्था पर एक तीखा सवाल है जहाँ एक आम और बेबस इंसान, ब्लैकमेल और धमकियों से इतना टूट जाता है कि उसे मौत ही एकमात्र रास्ता दिखती है। मोहन रामटेक का सुसाइड नोट एक दस्तावेज़ है जो समाज और पुलिस प्रशासन दोनों से जवाब माँगता है।
Bhilai News पर नज़र रखने वाले हर नागरिक को यह माँग उठानी चाहिए कि सुसाइड नोट में जिन दो लोगों — राजू पाल और सोनिया गोस्वामी — का नाम है, उनके खिलाफ बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष जांच हो और मोहन रामटेक के परिवार को न्याय मिले।
