POSH Law Workshop के जरिए दुर्ग में महिलाओं और बच्चों से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों पर व्यापक जागरूकता फैलाई गई। 26 फरवरी 2026 को जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रेरणा सभा कक्ष में जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की। कार्यक्रम में अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न अशासकीय प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। माहौल गंभीर था, लेकिन उद्देश्य स्पष्ट था। हर कार्यस्थल सुरक्षित बने और कानून की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुंचे।
POSH Law Workshop में कानूनों की विस्तृत जानकारी
POSH Law Workshop का शुभारंभ जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आर.के. जाम्बुलकर ने किया। उन्होंने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया।
कार्यशाला में महिलाओं तथा बच्चों के अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 पर एडिशनल एसपी श्रीमती चित्रा वर्मा ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अधिनियम के प्रावधान और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया समझाई।
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वहीं कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 पर विषय विशेषज्ञ श्रीमती रचना नायडू ने प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हों, वहां आंतरिक शिकायत समिति बनाना अनिवार्य है।
उन्होंने महिलाओं के अधिकारों पर भी जोर दिया। हर महिला को सुरक्षित कार्यस्थल का अधिकार है। घटना के तीन माह के भीतर शिकायत दर्ज करने का अधिकार है। जांच के दौरान गोपनीयता और सुरक्षा का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि समिति का गठन न करने पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना लग सकता है। साथ ही लाइसेंस निरस्तीकरण भी संभव है। दोष सिद्ध होने पर लिखित माफी, वेतन कटौती, पदावनति या सेवा से निष्कासन का प्रावधान है।
कार्यशाला में शी-बॉक्स पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया भी समझाई गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक जानकारी यहां उपलब्ध है
सुरक्षित कार्यस्थल की दिशा में पहल
दुर्ग जिले में बढ़ते औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को देखते हुए यह कार्यशाला अहम मानी जा रही है।
कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 महिलाओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कानून है। इसका उद्देश्य हर महिला को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण देना है।
अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 भी महिलाओं और बच्चों को शोषण से बचाने का कानूनी आधार देता है।
कार्यशाला में चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अनूप गटागट, महिला विंग की अध्यक्ष मानसी गुलाटी, लघु उद्योग भारती की अध्यक्ष सी.पी. दुबे, प्रदेश अध्यक्ष शिव चन्द्राकर और विजय अग्रवाल सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अजय कुमार साहू ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
POSH Law Workshop
- 26 फरवरी 2026 को प्रेरणा सभा कक्ष, दुर्ग में आयोजन।
- अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 पर जानकारी।
- कार्यस्थल लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के प्रावधान समझाए गए।
- 10 से अधिक कर्मचारियों पर आंतरिक शिकायत समिति अनिवार्य।
- शी-बॉक्स पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग की जानकारी दी गई।
प्रभाव और प्रतिक्रियाएं
POSH Law Workshop के बाद प्रतिभागियों ने इसे बेहद उपयोगी बताया। कई अशासकीय प्रतिष्ठानों ने आंतरिक शिकायत समिति गठन का आश्वासन दिया।
विशेषज्ञों ने कहा कि जागरूकता ही कानून की असली ताकत है। यदि नियोक्ता और कर्मचारी दोनों जागरूक होंगे, तभी सुरक्षित वातावरण बनेगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून का पालन नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने सहयोग की अपील भी की।
कार्यशाला ने प्रशासन और व्यापारिक संगठनों के बीच समन्वय मजबूत किया।
दुर्ग में आयोजित POSH Law Workshop ने तीन अहम कानूनों की जानकारी एक मंच पर दी। इससे महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को लेकर स्पष्टता बढ़ी। सुरक्षित कार्यस्थल और कानूनी जागरूकता की दिशा में यह मजबूत कदम है। उम्मीद है कि POSH Law Workshop जैसी पहल से जिले में जवाबदेही और संवेदनशीलता दोनों बढ़ेंगी।
