Chhattisgarh Budget 2026-27 Expectations को लेकर प्रदेशभर में चर्चाएं तेज हो गई हैं। 24 फरवरी को छत्तीसगढ़ सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने जा रही है। ऐसे में आम नागरिकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस बार का बजट उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को कितना संबोधित करेगा।
लोकल 18 ने बिलासपुर शहर के अलग-अलग वर्गों के लोगों से बातचीत कर उनकी अपेक्षाएं जानीं। लोगों की राय साफ है—यह बजट केवल राजस्व बढ़ाने का दस्तावेज न होकर जनहित पर केंद्रित होना चाहिए।
कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा प्राथमिकता
बिलासपुर निवासी अंकित पांडे ने कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ते अपराधों को देखते हुए कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए विशेष प्रावधान जरूरी है।
उनका मानना है कि Chhattisgarh Budget 2026-27 Expectations में महिला सुरक्षा, शिक्षा और स्वरोजगार के लिए अलग से बजट होना चाहिए।
अंकित कहते हैं,
“महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए विशेष बाजार और योजनाएं बनाई जानी चाहिए, ताकि वे व्यापार और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ सकें।”
महिला सशक्तिकरण केवल घोषणा तक सीमित न रहे, बल्कि उसे ठोस आर्थिक समर्थन मिले—यह उनकी प्रमुख मांग है।
स्वरोजगार और लघु उद्योगों को बढ़ावा
अंकित पांडे ने व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के विस्तार और कुटीर व लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देने की जरूरत बताई।
उनका कहना है कि यदि सरकार छोटे उद्योगों को आसान ऋण, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराए, तो युवा अपने घर पर ही स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं। इससे बेरोजगारी दर में कमी आएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
Chhattisgarh Budget 2026-27 Expectations में रोजगार सृजन को प्रमुख स्थान देने की मांग लगातार सामने आ रही है।
मध्यम वर्ग और गरीबों के लिए आवास राहत
वहीं राजेश कुमार ने कहा कि बजट में मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग की मूलभूत जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जमीन और मकान की कीमतें इतनी बढ़ चुकी हैं कि आम आदमी के लिए खुद का घर बनाना सपना बन गया है।
राजेश का सुझाव है कि सरकार रजिस्ट्री दरों में कमी और जमीन की कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस नीति लाए।
“हर परिवार का अपना घर हो, यही सबसे बड़ी राहत होगी,” उन्होंने कहा।
शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की मांग
राजेश कुमार ने बिलासपुर की सड़कों, बिजली और पानी की व्यवस्था में सुधार के लिए पर्याप्त बजट आवंटन की बात कही।
उनका कहना है कि केवल राजस्व बढ़ाने पर फोकस न करते हुए विकास कार्यों पर भी बराबर ध्यान देना चाहिए।
Chhattisgarh Budget 2026-27 Expectations में शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की मांग प्रमुख रूप से सामने आई है।

प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों की चिंता
खुशी साहू ने प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के हितों पर ध्यान देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि एक निश्चित पेमेंट स्लिप प्रणाली लागू की जानी चाहिए और नियमित इंक्रीमेंट का प्रावधान सुनिश्चित होना चाहिए।
“नौकरी की सुरक्षा और समय पर वेतन से कर्मचारियों को आत्मविश्वास मिलेगा,” खुशी ने कहा।
उनका मानना है कि इससे निजी क्षेत्र में कार्यरत लोगों को स्थिरता और सम्मान मिलेगा।
कौशल विकास और महंगाई पर नियंत्रण
खुशी साहू ने युवाओं के लिए नए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
साथ ही उन्होंने कहा कि महंगाई नियंत्रण के उपाय भी बजट का अहम हिस्सा होने चाहिए।
Chhattisgarh Budget 2026-27 Expectations में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और महिलाओं के लिए स्वरोजगार योजनाओं की मांग भी प्रमुखता से सामने आई है।
जनता की स्पष्ट अपेक्षा
कुल मिलाकर बिलासपुर के लोगों की अपेक्षाएं साफ हैं।
वे चाहते हैं कि यह बजट उनके जीवन को आसान बनाए। सुरक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, मध्यम वर्ग को राहत और बेहतर बुनियादी सुविधाएं—इन्हीं मुद्दों पर ठोस और जनहितकारी घोषणाएं इस बजट को खास बना सकती हैं।
24 फरवरी को पेश होने वाला बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदों का आईना होगा।
Chhattisgarh Budget 2026-27 Expectations यह संकेत देती हैं कि लोग अब ठोस बदलाव चाहते हैं—सुरक्षित माहौल, स्थिर रोजगार, महंगाई से राहत और अपने घर का सपना पूरा करने की दिशा में ठोस कदम।
अब देखना होगा कि सरकार इन अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरती है।
