युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाएं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का निर्देश, रोजगार मेलों पर भी जोर

रायपुर।
Chhattisgarh Skill Development Scheme: छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं को अधिक से अधिक कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि वे आने वाले समय में राज्य में स्थापित होने वाले नए उद्योगों में रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश आज महानदी भवन मंत्रालय में आयोजित कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।


🏭 नए उद्योग, नए अवसर: युवाओं के लिए तैयार हो राज्य

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जल्द ही नए-नए उद्योग स्थापित होने वाले हैं, जिनमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के साथ रोजगार मिलेगा। इसके लिए अभी से युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित करना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में नियमित रूप से रोजगार मेले आयोजित किए जाएं, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके।


🛠️ आईटीआई का आधुनिकीकरण, रोजगार की नई राह

बैठक में मुख्यमंत्री ने आईटीआई के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और राज्य में कुशल मानव संसाधन उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने सीएसएसडीए एवं राज्य परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी के एकीकरण के प्रस्ताव पर सहमति देते हुए शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए। साथ ही जिलों में सहायक निदेशक और सहायक परियोजना अधिकारियों की युक्तियुक्त पदस्थापना सुनिश्चित करने को कहा।


📊 प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर भी फोकस

मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण केंद्रों में—

  • आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) के प्रभावी क्रियान्वयन
  • प्रशिक्षित युवाओं से फीडबैक के लिए विकसित फीडबैक मॉड्यूल को और मजबूत करने

के निर्देश दिए, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और परिणाम दोनों बेहतर हों।


👨‍🎓 4.90 लाख से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण

अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2013 से अब तक 4 लाख 90 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से 2 लाख 71 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया।

वर्तमान में राज्य में—

  • 356 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाएं (VTP)
  • 207 पंजीकृत कोर्स

सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं।


💼 पीएम सेतु योजना से आईटीआई को मिलेगा नया रूप

केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री सेतु योजना के तहत राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर 6 क्लस्टर का चयन किया गया है। इसके अंतर्गत आईटीआई के उन्नयन और आधुनिकीकरण के लिए लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।

इसमें—

  • केंद्र सरकार की हिस्सेदारी: 50%
  • राज्य सरकार की हिस्सेदारी: 33%
  • उद्योगों की हिस्सेदारी: न्यूनतम 17%

निर्धारित की गई है।


🌱 विशेष वर्गों के लिए भी कौशल प्रशिक्षण

अधिकारियों ने बताया कि—

  • पीएम जनमन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों के लिए 9 जिलों में लगभग 1,700 युवाओं को प्रशिक्षण
  • आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास हेतु बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बस्तर सहित जिलों में 600 से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण

प्रदान किया गया है।

इसके अलावा, सत्र 2025-26 में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में 31% और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 36% की वृद्धि दर्ज की गई है।


👥 बैठक में रहे वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित

बैठक में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, डॉ. एस. भारतीदासन, रजत कुमार, हिमशिखर गुप्ता, तकनीकी शिक्षा संचालक श्री विजय दयाराम के., सीएसवीटीयू के कुलपति प्रो. अरुण अरोड़ा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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