Mungeli Rice Mill Action: मुंगेली जिले में धान कस्टम मिलिंग व्यवस्था में गंभीर अनियमितताओं के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 राइस मिलों को सील कर दिया है। इस दौरान 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है। यह कार्रवाई राज्य स्तरीय ICCC (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) से प्राप्त अलर्ट और मुख्य सचिव श्री विकासशील के निर्देश पर की गई।
🚨 ICCC अलर्ट से खुली अनियमितताओं की परतें
राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान उठाव की निगरानी के लिए ICCC कमांड सेंटर स्थापित किया गया है। GPS आधारित इस प्रणाली के माध्यम से धान परिवहन में लगे वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
जैसे ही—
- वाहन तय मार्ग से भटके
- अधिक समय तक एक स्थान पर रुके
- क्षमता से अधिक धान लोड हुआ
तुरंत ऑटो अलर्ट जारी हुआ, जिसके बाद जिला प्रशासन ने सख्त जांच शुरू की।
🔍 संयुक्त टीम का औचक निरीक्षण, कई गड़बड़ियां उजागर
आज कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, अपर कलेक्टर श्री जी.एल. यादव सहित राजस्व, पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने जिले की राइस मिलों का औचक निरीक्षण किया।
जांच के दौरान—
- ओवरलोडिंग
- रिसायक्लिंग
- कस्टम मिलिंग में हेराफेरी
जैसी गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं।
🏭 इन राइस मिलों में पकड़ी गई अनियमितता
जांच में जिन प्रमुख राइस मिलों में गड़बड़ी पाई गई, उनमें शामिल हैं—
- उपलेटा राइस मिल
- नेशनल दाल मिल (नवागांव घुठेरा रोड)
- वर्धमान मिलिंग इंडस्ट्रीज (पंडरिया रोड)
- जैन राइस इंडस्ट्रीज
- नवकार दाल उद्योग
इन मिलों से 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया।
वहीं—
- दीपक राइस इंडस्ट्रीज एवं दीपक मिलिंग इंडस्ट्रीज (नवागढ़ रोड) में 198 क्विंटल
- एसएस फूड (लोरमी रोड) में 1761 क्विंटल से अधिक धान की कमी पाई गई।
⚖️ 19 मिलों पर कार्रवाई, 14 सील
जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश एवं मोटर वाहन अधिनियम के तहत कुल 19 राइस मिलों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें से 14 मिलों को सील किया जा चुका है। शेष मामलों में जांच जारी है।
🚧 अवैध भंडारण और परिवहन पर कड़ी नजर
धान के अवैध भंडारण और परिवहन को रोकने के लिए—
- जिले की सीमाओं और चेक पोस्टों पर निगरानी बढ़ाई गई है
- आंतरिक चेक पोस्टों पर रात्रिकालीन गश्त
- संदिग्ध वाहनों की सघन जांच
की जा रही है। साथ ही कोचियों और बिचौलियों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।
🗣️ कलेक्टर का सख्त संदेश
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने स्पष्ट कहा—
“धान खरीदी में पारदर्शिता जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा या बिचौलियों की भूमिका सामने आने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
✅ क्यों यह खबर महत्वपूर्ण है
- किसानों के हक की सुरक्षा
- सरकारी धान खरीदी प्रणाली में पारदर्शिता
- तकनीक आधारित निगरानी की प्रभावशीलता
- बिचौलियों पर कड़ा प्रहार
यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि धान घोटाले पर अब कोई रियायत नहीं दी जाएगी।
