रायपुर, 18 अगस्त 2025। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में “आदि कर्मयोगी अभियान” 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक चलाया जाएगा। यह अभियान आदिवासी अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं को प्रभावी रूप से पहुँचाने का एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान का उद्देश्य है—जनजातीय परिवारों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित करना। इस दौरान राज्य के 28 जिलों, 128 विकासखंडों और 6,650 आदिवासी बहुल ग्रामों को जोड़ा जाएगा। अभियान की रीढ़ होंगे वे 1,33,000 से अधिक कैडर, जिनमें पंचायत प्रतिनिधि, युवा, एनजीओ और स्वयंसेवी संगठन शामिल होंगे। ये लोग आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं तक पहुँच बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
अभियान के तहत हर चयनित गाँव में एक “आदि सेवा केंद्र” की स्थापना की जाएगी। ये केंद्र न सिर्फ सरकारी योजनाओं की प्रदायगी का माध्यम बनेंगे बल्कि ग्रामवासियों को विकास की योजनाओं में भागीदारी करने के लिए भी प्रेरित करेंगे। यहाँ से “सेवा पर्व” और “आदि कर्मयोगी सेवा अभियान” का संचालन होगा।
राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान और भी सशक्त बनेगा।
आदिम जाति विकास विभाग सहित कई अन्य विभाग इस अभियान को ज़मीन पर उतारने की ज़िम्मेदारी निभाएँगे। इस दौरान ग्रामों के लिए “ट्राइबल विलेज विज़न 2030” तैयार होगा। साथ ही, शिकायत निवारण शिविर, जनजागरूकता कार्यक्रम और “आदिवासी सेवा दिवस” का भी आयोजन किया जाएगा।
यह अभियान आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है। गाँवों में लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस बार सरकारी योजनाएँ सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि सच में उनकी ज़िंदगी तक पहुँचेंगी।
