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GST 2.0 का खाका तैयार: 12% और 28% स्लैब खत्म, आम उपयोग की वस्तुएं होंगी सस्ती

नई दिल्ली, 16 अगस्त 2025।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) लागू होने के आठ साल बाद केंद्र सरकार ने GST 2.0 का खाका जारी किया है। नए प्रस्ताव के अनुसार अब सिर्फ दो मुख्य टैक्स स्लैब – 5% और 18% रहेंगे। इससे नागरिकों और व्यापारियों दोनों के लिए टैक्स सिस्टम को सरल और पारदर्शी बनाने का दावा किया जा रहा है।

क्या होगा बदलाव?

👉 12% और 28% स्लैब खत्म किए जाएंगे
👉 कॉमन यूज की चीजें जैसे – दवाइयां, मेडिकल डिवाइस, स्टेशनरी, शैक्षणिक उत्पाद, हेयर ऑयल, टूथब्रश और रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएं 0% या 5% स्लैब में आएंगी।
👉 मिडिल क्लास की चीजें जैसे – टीवी, एसी, फ्रिज को 18% टैक्स स्लैब में लाया जाएगा।
👉 सिन गुड्स (तंबाकू, शराब आदि) पर टैक्स बढ़कर 40% तक हो सकता है।
👉 स्वास्थ्य और टर्म इंश्योरेंस पर बड़ा टैक्स कटौती प्रस्तावित है।

किसानों और उद्योगों पर ध्यान

सरकार ने कहा है कि इस सुधार में आम जनता के साथ-साथ किसानों पर भी जोर रहेगा। खेती-किसानी के उपकरण, उर्वरक, टेक्सटाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, हस्तशिल्प और स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

क्यों ज़रूरी है GST 2.0?

2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से हर काउंसिल मीटिंग में छोटे-छोटे बदलाव होते रहे हैं। इसका नतीजा यह हुआ कि कई बार एक जैसे उत्पादों पर अलग-अलग टैक्स लगने से विवाद खड़े हो गए। अब सरकार चाहती है कि क्लासिफिकेशन विवाद खत्म हों। जैसे – नमकीन, पराठा, बन और केक पर अलग-अलग टैक्स की समस्या अब खत्म हो जाएगी।

सोना और हीरे पर विशेष टैक्स

👉 हीरे और कीमती पत्थरों पर 0.25%
👉 गहनों पर 3% टैक्स पहले की तरह ही जारी रहेगा, ताकि इन उद्योगों को बढ़ावा मिले।

आम आदमी के लिए राहत

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, 12% और 28% स्लैब में आने वाली ज्यादातर वस्तुएं अब 5% या 18% पर आ जाएंगी। इससे टैक्स का औसत बोझ घटेगा। अभी यह 11.6% है, जो आगे और नीचे आ सकता है।