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“भारतीय अर्थव्यवस्था मृत है, मोदी ने खत्म कर दी” — राहुल गांधी ने ट्रंप के बयान को बताया सच्चाई

नई दिल्ली, 31 जुलाई 2025/
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान — “भारतीय अर्थव्यवस्था एक मृत अर्थव्यवस्था है”सच्चाई को दर्शाता है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री छोड़कर सभी जानते हैं।

राहुल गांधी ने कहा,

“ट्रंप ने जो कहा, वो सही है। ये बात पूरी दुनिया जानती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मृत है। बीजेपी ने देश की अर्थव्यवस्था, रक्षा नीति और विदेश नीति को तबाह कर दिया है।”

कांग्रेस के भीतर भी मतभेद

हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक नरम रुख अपनाते हुए एक्स (Twitter) पर लिखा,

“क्या मोदी जी ट्रंप के भारत-विरोधी आरोपों पर चुप ही रहेंगे?”
लेकिन उन्होंने “मृत अर्थव्यवस्था” पर सीधे टिप्पणी नहीं की।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर और राजीव शुक्ला ने भी ट्रंप के बयान से दूरी बनाई, जिससे पार्टी में आंतरिक मतभेद साफ नजर आए।

विदेश नीति और पाकिस्तान पर हमला

राहुल गांधी ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर भी तंज कसते हुए कहा,

“एक तरफ अमेरिका आपको अपशब्द कह रहा है, दूसरी तरफ चीन घुसपैठ कर रहा है और तीसरी तरफ कोई भी देश पाकिस्तान की निंदा नहीं कर रहा।”

उन्होंने पूछा कि अगर मोदी सरकार को इतनी सफलता मिली है, तो फिर पाक सेना प्रमुख के साथ ट्रंप की मुलाक़ात, पहलगाम हमले के आरोपी के साथ संबंध, और सीज़फायर का ट्रंप द्वारा श्रेय लेना किस ओर इशारा करता है?

मोदी-ट्रंप संबंधों पर तंज

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौता तभी होगा जब मोदी वही करेंगे जो ट्रंप कहेंगे। उन्होंने एक्स पर लिखा:

भारतीय अर्थव्यवस्था मृत है। मोदी ने इसे मारा है।
और साथ में पांच कारण गिनाए —

  1. मोदी-अडानी गठजोड़
  2. नोटबंदी और दोषपूर्ण GST
  3. फेल हुआ “Assemble in India”
  4. MSMEs तबाह
  5. किसानों का शोषण

भाजपा का पलटवार

अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा,

“कांग्रेस नेता दुनिया में कहीं से भी आए भारत-विरोधी बयान से जुड़ जाते हैं। लोगों ने यूपीए के मृत दशक को देखा है।”

खड़गे का सवाल – “मौन व्रत क्यों?”

खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि सीज़फायर और टैरिफ जैसे गंभीर मुद्दों पर उनका मौन क्यों है?

“क्या MSMEs और किसानों को इस ‘नमस्ते ट्रंप’ वाली दोस्ती का ये इनाम मिलेगा?” उन्होंने तंज कसते हुए पूछा।