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छत्तीसगढ़ के जशपुर के आदिवासियों ने बनाई ‘Jashpure’ ब्रांड की पहचान

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के आदिवासी अब न केवल अपनी पहचान बना रहे हैं, बल्कि ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजारों में धमाल मचा रहे हैं। उनके उत्पाद, जो सेहतमंद और पोषण से भरपूर माने जाते हैं, उपभोक्ताओं को खूब लुभा रहे हैं। इनमें कैमोमाइल चाय, ढेकी कूटा चावल, शुद्ध देसी गाय का घी और महुआ गोंद लड्डू जैसे बेहतरीन उत्पाद शामिल हैं।

‘Jashpure’ ब्रांड का जलवा

इन उत्पादों को ‘Jashpure’ ब्रांड नाम से बेचा जा रहा है। इसके लिए कच्चा माल मध्य भारत के उपजाऊ इलाकों से लिया जाता है, जिससे हर उत्पाद की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित होती है।
छत्तीसगढ़ के जनसंपर्क विभाग के आयुक्त रवि मित्तल ने बताया, “‘Jashpure’ ब्रांड प्रामाणिकता, स्थिरता और प्रकृति की अनछुई सुंदरता का प्रतीक है। इस ब्रांड की चार मुख्य विशेषताएं हैं- स्वास्थ्य, पोषण, स्थिरता और गुणवत्ता।”

आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाने की पहल

रवि मित्तल, जो जशपुर के जिला कलेक्टर रहते हुए इस योजना के पीछे की प्रेरणा थे, ने इस ब्रांड की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाना और क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को संरक्षित करना है। ‘Jashpure’ ब्रांड न केवल जशपुर के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहा है, बल्कि यह आदिवासियों की आजीविका में भी सुधार कर रहा है।