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छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30: आर्थिक विकास का रोडमैप तैयार, कृषि, आईटी, और सेवा क्षेत्र को मिलेगी बढ़त

छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 प्रदेश के आर्थिक विकास का एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत करती है। इस नीति का निर्माण उद्योग विभाग द्वारा एक वर्ष तक विभिन्न हितधारकों, औद्योगिक संगठनों और संबंधित विभागों के साथ विचार-विमर्श और संवाद के बाद किया गया है। इस नीति में अन्य उन्नत राज्यों की औद्योगिक नीतियों का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विशेष प्रावधान किए गए हैं।

कृषि प्रधान और वनोपज तथा खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ में अब फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, गैर काष्ठ वनोत्पाद (एनटीएफपी) प्रसंस्करण, कम्प्रेस्ड बॉयो गैस, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, आईटी, आईटीईएस, डेटा सेंटर, जल विद्युत और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अलग-अलग निवेश प्रोत्साहन दिए जाएंगे।

नीति में पहली बार एमएसएमई सेवा उद्यम और वृहद सेवा उद्यमों के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। खासकर सेवानिवृत्त सैनिकों, अग्निवीरों, कमजोर वर्ग, नक्सल प्रभावित लोगों और थर्डजेंडर उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन देना भी सरकार का एक सराहनीय कदम है।

छत्तीसगढ़ के कृषि और धान आधारित अर्थतंत्र को ध्यान में रखते हुए, इस नीति में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना को भी बढ़ावा दिया गया है, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके और किसानों को आर्थिक संबल मिल सके।

नई नीति का उद्देश्य भारत सरकार के विजन 2047 को साकार करने और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना है।