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प्लेसमेंट एजेंसी नहीं दे रही वेतन पर्ची, जनदर्शन में एनयूएलएम के संगठनों ने की कलेक्टर से शिकायत

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। कलेक्टर जनदर्शन में आज एनयूएलएम के तहत् कार्यरत सामूदायिक संगठकों को प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा वेतन में कटौती एवं वेतन पर्ची प्रदाय नहीं करने की शिकायत कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे से की। सामुदायिक संगठकों ने बताया कि वे वर्ष 2016-17 से प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्य कर रहे हैं। प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा तब से अब तक वेतन पर्ची नहीं दिया गया है। वर्तमान में 2 महीने से एजेंसी द्वारा 6 हजार 957 रूपए वेतन ही दिया जा रहा है। संगठकों ने बताया कि 2-3 हजार रूपए का पेट्रोल का कार्य में ही खर्च हो जाता है। संगठकों ने कलेक्टर से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का निवेदन किया।

वहीं एसीसी कर्मचारी सहकारी गृह निर्माण समिति कुरूद वार्ड 22 के रहवासियों ने अपनी कॉलोनी को भिलाई निगम को हस्तांतरित करने का आवेदन दिया। कालोनी के रहवासियों ने अपने आवेदन में कहा कि कालोनी का निर्माण किसी बिल्डर के द्वारा नहीं अपितु यहां के सेवानिवृत कर्मचारियों ने आपसी सहयोग से किया है। कालोनी का हस्तांतरण भिलाई निगम को हो जाएगा तो यहां आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के लिए रास्ता आसान हो जाएगा। हाऊसिंग बोर्ड वार्ड क्रं. 26 के रहवासियों ने जलनिकासी के संबंध में नाली निर्माण से संबंधित आवेदन दिया। आज जनदर्शन में बड़ी संख्या में आवेदन फाइनेंशियल कंपनियों द्वारा की गई वादा खिलाफी पर भी आए। कलेक्टर ने कहा कि धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों का चिन्हांकन किया गया है, इनपर कड़ी कार्रवाई की जावेगी। जनदर्शन में आवेदन राजस्व विभाग से संबंधित भी आए इसमें रजिस्टर खसरा की 5 साल की प्रतिलिपि प्रदान नहीं किए जाने संबंधी शिकायत की गई। कलेक्टर जनदर्शन में कॉलेज के एक दृष्टिबाधित छात्र ने लैपटॉप की मांग की। उसने कहा कि वह रायपुर के महंत लक्ष्मी नारायण कॉलेज में पढ़ता है लैपटॉप मिल जाने से उसे बेहतर पढ़ाई करने में काफी सुविधा होगी। बोरसी की निवासी एक वरिष्ठ महिला ने दिव्यांग पेंशन नहीं मिलने से संबंधित शिकायत की, उसने कहा कि 1 साल से दिव्यांग पेंशन नहीं मिल पा रही है। कलेक्टर ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। आज जनदर्शन में 48 आवेदन आए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उल्लेखनीय है कि जनदर्शन में आए आवेदनों के निराकरण की प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके लिए नियमित रूप से समीक्षा बैठकें की जा रही है।