Vishwaranjan DGP: 4 बड़ी उपलब्धियां, छत्तीसगढ़ शोक में

Vishwaranjan DGP के निधन की खबर से छत्तीसगढ़ और पुलिस प्रशासन में शोक की लहर दौड़ गई है। राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक विश्वरंजन ने पटना में अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार थे और कार्डियक समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही प्रशासनिक और पुलिस महकमे में गहरा दुख व्यक्त किया गया। विश्वरंजन को एक सख्त लेकिन दूरदर्शी पुलिस अधिकारी के रूप में जाना जाता था। उनके कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के कई अहम फैसले लिए गए थे।


Vishwaranjan DGP: चार साल तक संभाली राज्य की पुलिस कमान

Vishwaranjan DGP छत्तीसगढ़ पुलिस के प्रमुख अधिकारियों में गिने जाते थे। वे वर्ष 1973 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव और मजबूत नेतृत्व के कारण उन्हें वर्ष 2007 में छत्तीसगढ़ का छठवां डीजीपी नियुक्त किया गया था।

उन्होंने लगभग चार वर्षों तक पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान राज्य में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया।

उनके नेतृत्व में पुलिस विभाग में कई प्रशासनिक सुधार भी किए गए। उन्होंने पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों और बेहतर रणनीति के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया।

हाल के दिनों में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था।

लेकिन बीती रात उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से प्रशासनिक सेवा और पुलिस विभाग को बड़ी क्षति मानी जा रही है।

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इंटेलिजेंस ब्यूरो में भी निभाई बड़ी जिम्मेदारी

Vishwaranjan DGP का करियर बेहद लंबा और प्रभावशाली रहा। मध्य प्रदेश के विभाजन के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला था।

उन्होंने अपने सेवा काल में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। खासकर इंटेलिजेंस ब्यूरो में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है।

वे लंबे समय तक प्रतिनियुक्ति पर इंटेलिजेंस ब्यूरो में तैनात रहे। इस दौरान उन्होंने एडिशनल डायरेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभाली।

सुरक्षा और खुफिया तंत्र में उनकी समझ काफी गहरी मानी जाती थी। यही कारण है कि उन्हें प्रशासनिक और सुरक्षा रणनीति के विशेषज्ञ के रूप में भी जाना जाता था।

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Key Facts – Vishwaranjan DGP

  • विश्वरंजन 1973 बैच के आईपीएस अधिकारी थे
  • वर्ष 2007 में छत्तीसगढ़ के छठवें डीजीपी बने
  • लगभग चार साल तक पुलिस महानिदेशक रहे
  • नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दिया
  • इंटेलिजेंस ब्यूरो में एडिशनल डायरेक्टर के पद पर भी काम किया

लोगों की प्रतिक्रिया

Vishwaranjan DGP के निधन के बाद पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें एक अनुशासित और दूरदर्शी पुलिस अधिकारी बताया।

पूर्व सहयोगियों का कहना है कि उन्होंने हमेशा पुलिस बल के मनोबल को मजबूत किया। साथ ही कठिन परिस्थितियों में भी शांत और रणनीतिक निर्णय लेने के लिए जाने जाते थे।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले कई अधिकारियों ने कहा कि उनकी नीतियों से सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूती मिली थी।

पुलिस विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।


कुल मिलाकर Vishwaranjan DGP का निधन छत्तीसगढ़ के पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने अपने लंबे सेवा काल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके अनुभव और नेतृत्व को लंबे समय तक याद किया जाएगा। इसलिए Vishwaranjan DGP का योगदान राज्य के प्रशासनिक इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगा।

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