Utai Bypass Road परियोजना दुर्ग जिले के उतई नगर में लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है। यह सड़क शहर के भीतर भारी वाहनों के दबाव को कम करने के उद्देश्य से बनाई जा रही थी।
लेकिन जमीन विवाद और एनओसी की समस्या के कारण यह परियोजना अधूरी रह गई है। लगभग एक किलोमीटर तक सड़क का डामरीकरण हो चुका है, जबकि शेष काम रुक गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो यह महत्वपूर्ण परियोजना अधूरी ही रह सकती है।
Utai Bypass Road: जमीन विवाद और एनओसी से अटका निर्माण
दुर्ग जिले में प्रस्तावित Utai Bypass Road के निर्माण में कई बड़ी बाधाएं सामने आ रही हैं। यह सड़क उतई बिजली ऑफिस से आदर्श नगर तक करीब 2 किलोमीटर लंबी है।
इस परियोजना को वर्ष 2021-22 में स्वीकृति मिली थी। उस समय छत्तीसगढ़ सरकार में लोक निर्माण मंत्री रहे ताम्रध्वज साहू ने इसे मंजूरी दिलाई थी।
इस सड़क निर्माण से लगभग 98 लोगों की जमीन प्रभावित हुई थी। लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2021-22 के बाजार मूल्य के अनुसार करीब 11 करोड़ 50 लाख रुपये का मुआवजा तय किया था।
इसके अलावा सड़क निर्माण की लागत लगभग 6 करोड़ 50 लाख रुपये आंकी गई थी। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 18 करोड़ रुपये की स्वीकृति इस परियोजना के लिए दी गई थी।
हालांकि निर्माण शुरू होने के बाद कई समस्याएं सामने आईं। सबसे बड़ी समस्या भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की जमीन से जुड़ी है।
करीब 200 से 300 मीटर जमीन बीएसपी के अधीन आती है। इसके लिए अभी तक लोक निर्माण विभाग को एनओसी नहीं मिली है। इसी कारण निर्माण कार्य रुक गया है।
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भारत में सड़क परियोजनाओं की प्रक्रिया के बारे में जानकारी:
Utai Bypass
https://en.wikipedia.org/wiki/Road_infrastructure_in_India

तालाब जमीन कब्जे और मुआवजा विवाद
Utai Bypass Road विवाद में जमीन और मुआवजे को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
क्षेत्र के पूर्व जनपद सदस्य और नगर व्यापारी संघ के अध्यक्ष सतीश पारख ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रभावित जमीनों में एक पार्षद परिवार की जमीन भी शामिल है। जानकारी के अनुसार उस परिवार ने तालाब के किनारे की जमीन को पाटकर कब्जा किया है।
सतीश पारख का कहना है कि यदि प्रशासन जांच करे, तो उस कब्जा की गई जमीन को सड़क के लिए प्रभावित भूमि में समायोजित किया जा सकता है।
ऐसा करने से सरकार को मुआवजा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे सरकारी धन की बचत भी हो सकती है और सड़क निर्माण को गति मिल सकती है।
उन्होंने यह भी मांग की कि शेष पार्षद परिवार की जमीन का मुआवजा जल्द तय किया जाए और बीएसपी की जमीन के लिए जल्द एनओसी ली जाए।
Key Facts about Utai Bypass Road
- उतई बाईपास सड़क की लंबाई लगभग 2 किलोमीटर है।
- इस परियोजना में करीब 98 लोग प्रभावित हुए हैं।
- मुआवजा राशि लगभग 11.5 करोड़ रुपये तय की गई थी।
- सड़क निर्माण की लागत करीब 6.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
- बीएसपी की जमीन के लिए एनओसी नहीं मिलने से काम रुका है।
प्रतिक्रियाएं
Utai Bypass Road का अधूरा निर्माण स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।
शहर के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
विशेष रूप से साप्ताहिक बाजार के दिन स्थिति और गंभीर हो जाती है। उस समय भारी ट्रक और अन्य वाहन बाजार के अंदर से गुजरते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बाईपास सड़क बन जाती है, तो शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा।
लोगों ने क्षेत्रीय सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभाने की मांग की है।
कुल मिलाकर Utai Bypass Road परियोजना जनहित से जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना है। लेकिन जमीन विवाद और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण यह अधूरी रह गई है।
यदि जल्द एनओसी और मुआवजा संबंधी समस्याओं का समाधान हो जाए, तो यह सड़क नगर के ट्रैफिक दबाव को काफी कम कर सकती है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर Utai Bypass Road परियोजना को जल्द पूरा करेंगे।
