बिलासपुर दौरे पर सीएम सुक्खू, 110 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन, डॉक्टर विवाद पर नए सिरे से जांच का भरोसा

बिलासपुर।

Sukhvinder Singh Sukhu Bilaspur Visit: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को बिलासपुर जिले के एक दिवसीय दौरे के दौरान करीब 110 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने साफ किया कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ संवेदनशील मुद्दों पर भी जिम्मेदारी से निर्णय ले रही है।


सीवरेज योजना और पुलिस स्टाफ क्वार्टर का शिलान्यास

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बिलासपुर शहर के लिए 93.30 करोड़ रुपये की सीवरेज योजना का शिलान्यास किया। यह योजना शहर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
इसके अलावा, पुलिस लाइंस बिलासपुर में 12.23 करोड़ रुपये की लागत से स्टाफ क्वार्टर के निर्माण की आधारशिला भी रखी गई।


CCTV मैट्रिक्स सेंटर का उद्घाटन

सीएम सुक्खू ने PMKKKY योजना के तहत स्थापित CCTV मैट्रिक्स DMFT (नेत्रम सर्विलांस एवं क्राइम रिस्पॉन्स सेंटर) का उद्घाटन किया।
करीब 4.38 करोड़ रुपये की लागत से बने इस सेंटर से बिलासपुर और घुमारवीं क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।


डॉक्टर विवाद पर सरकार का मानवीय रुख

दौरे से पहले, IGMC शिमला में डॉक्टर-मरीज विवाद को लेकर प्रदेशभर के रेजिडेंट डॉक्टरों ने शुक्रवार को एक दिन की सामूहिक छुट्टी की घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर मामले की नए सिरे से जांच का भरोसा दिलाया।


RDA की मुख्य मांग और सीएम का आश्वासन

RDA अध्यक्ष डॉ. सोहिल शर्मा ने बताया कि संगठन की मुख्य मांग डॉ. राघव निरुला की सेवा समाप्ति को रद्द करने की थी।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों को ध्यान में रखकर निष्पक्ष जांच की जाएगी।


क्या है पूरा मामला

22 दिसंबर को IGMC शिमला में डॉ. राघव निरुला और मरीज अर्जुन पवार के बीच हुई झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
इसके बाद डॉक्टर की सेवाएं समाप्त कर दी गईं और उनके खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की गई।
हालांकि, RDA का कहना है कि आंतरिक जांच समिति ने डॉक्टर और मरीज दोनों को दोषी माना था, इसलिए कार्रवाई को अनुपातहीन बताया जा रहा है।


डॉक्टरों की सुरक्षा पर भी फैसला

RDA ने अस्पताल परिसरों, वार्डों और ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टरों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी रखी।
इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि नई गाइडलाइंस और निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि डॉक्टर सुरक्षित माहौल में काम कर सकें।


आगे की रणनीति पर फैसला जल्द

RDA ने संकेत दिया है कि संगठन जनरल हाउस मीटिंग कर आगे की रणनीति तय करेगा।
राज्य सरकार और डॉक्टरों के बीच संवाद से मामले के शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।