Raipur Vasu Coaching Suicide: कोचिंग डायरेक्टर वासुदेव चंद्रा ने फांसी लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में पारिवारिक विवाद का जिक्र

Raipur Vasu Coaching Suicide। राजधानी रायपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कोतवाली थाना इलाके में स्थित वासु कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर वासुदेव चंद्र (56) ने शुक्रवार दोपहर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
दोपहर लगभग 12 बजे कोचिंग स्टाफ ने उन्हें फंदे से लटका पाया और तुरंत पुलिस को खबर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।


सुसाइड नोट और वीडियो में पारिवारिक विवाद की बात

Raipur Vasu Coaching Suicide केस की जांच में पुलिस को एक सुसाइड नोट और एक वीडियो मिला है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वासुदेव चंद्रा ने अपनी मौत की वजह पारिवारिक विवाद को बताया।
वीडियो में उन्होंने अपनी पत्नी पर अवैध संबंध और प्रॉपर्टी को लेकर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए।

टी-शर्ट पर लिखा उनका आखिरी संदेश—
“गेम ओवर… रिश्तों में मिला धोखा, तो जिंदगी का सहारा भी छूट गया…”
यह संदेश उनके अंदर जमा दर्द और टूटन की स्थिति को दर्शाता है।


शांत स्वभाव और सालों से कोचिंग चलाने वाले चंद्रा

Raipur Vasu Coaching Suicide: स्थानीय लोगों और छात्रों ने बताया कि वासुदेव चंद्रा शांत और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे।
घटना वाले दिन भी वे सुबह तक बिलकुल सामान्य थे और अपनी नियमित कक्षाओं की तैयारी कर रहे थे।
इसलिए उनकी मौत की खबर ने कोचिंग के छात्रों और समुदाय को झकझोर दिया है।


CCTV फुटेज जब्त, पुलिस हर एंगल से जांच कर रही

Raipur Vasu Coaching Suicide प्रकरण में पुलिस ने कोचिंग सेंटर के CCTV फुटेज भी जब्त किए हैं।
यह पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय कोई और व्यक्ति वहां मौजूद था or नहीं।

परिवार के सदस्यों के बयान भी लिए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।


Screenshot 2025 12 05 102814

बढ़ता मानसिक तनाव और पारिवारिक दबाव

यह घटना फिर याद दिलाती है कि
मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद और रिश्तों में टूटन किस तरह किसी व्यक्ति को आत्महत्या जैसे कदम के लिए मजबूर कर सकते हैं।

पुलिस और सामाजिक संगठनों ने अपील की है—
“कठिन समय में चुप न रहें, परिवार, दोस्तों या काउंसलर से बात करें। आत्महत्या कभी समाधान नहीं।”


Raipur Vasu Coaching Suicide केस सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि एक ऐसी त्रासदी है जो समाज को आईना दिखाती है।
तनाव, अपमान या विवाद किसी भी हद तक बढ़ जाए—जीवन हमेशा उससे बड़ा होता है।