Raipur News — छत्तीसगढ़ की कृषि शिक्षा के इतिहास में एक नया और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV), रायपुर ने उज्बेकिस्तान के पांच प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ शिक्षा और अनुसंधान सहयोग के लिए ऐतिहासिक समझौते (MoU) किए हैं।
यह पहल छत्तीसगढ़ को पहली बार वैश्विक कृषि शिक्षा के नक्शे पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा और साहसिक कदम है।
इन समझौतों के तहत उज्बेकिस्तान के विद्यार्थी छत्तीसगढ़ आकर कृषि शिक्षा ग्रहण करेंगे, वहीं राज्य के प्रतिभाशाली छात्र भी उच्च अध्ययन और शोध के लिए उज्बेकिस्तान जाने का अवसर पाएंगे।
किन 5 विश्वविद्यालयों के साथ हुआ ऐतिहासिक समझौता?
उज्बेकिस्तान के ये 5 संस्थान बने IGKV के नए वैश्विक भागीदार
Raipur News में यह जानना जरूरी है कि IGKV ने उज्बेकिस्तान के किन संस्थानों के साथ यह समझौता किया है। ये पाँचों विश्वविद्यालय अपने-अपने क्षेत्र में अत्यंत प्रतिष्ठित हैं —
1. ताशकंद स्टेट एग्रेरियन यूनिवर्सिटी — कृषि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उज्बेकिस्तान का अग्रणी विश्वविद्यालय।
2. बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी — बहुविषयीय शिक्षा और अनुसंधान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाने वाला संस्थान।
3. समरकंद स्टेट वेटेरिनरी यूनिवर्सिटी — पशु चिकित्सा विज्ञान और पशुपालन अनुसंधान का प्रमुख केंद्र।
4. तेरमेज पेडागोजिकल इंस्टीट्यूट — शिक्षा और शिक्षण पद्धति के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाला संस्थान।
5. डेनोव इंस्टीट्यूट ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागोजी — कृषि उद्यमिता और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा देने वाला संस्थान।
इन पांचों के साथ MoU इस बात का प्रमाण है कि IGKV रायपुर की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी अब केवल कागजों तक नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर साकार होने की ओर बढ़ रही है।
यह भी पढ़ें : पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने किया 12 पुलिसकर्मियों का तत्काल तबादला – देखें पूरी Transfer List
Raipur News: 10 दिन के दौरे में तलाशे सहयोग के नए रास्ते
28 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक का ऐतिहासिक उज्बेकिस्तान दौरा
Raipur News के इस महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत तब हुई जब IGKV के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 28 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक उज्बेकिस्तान दौरे पर रहा।
इस 10 दिवसीय दौरे में प्रतिनिधिमंडल ने उज्बेकिस्तान के विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और नीति निर्माण संगठनों से व्यापक मुलाकात की।
दौरे में कृषि विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, संरक्षित खेती और कृषि उद्यमिता व वैल्यू चेन डेवलपमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल में अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो. हुलास पाठक भी विशेष रूप से शामिल थे।
Student & Faculty Exchange – छात्रों को मिलेगा बड़ा मौका
अंतरराष्ट्रीय इंटर्नशिप और एक्सचेंज प्रोग्राम से बदलेगा भविष्य
इन MoU के तहत स्टूडेंट और फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम की शुरुआत होगी, जो छत्तीसगढ़ के कृषि छात्रों के लिए गेम चेंजर साबित होगा।
अब IGKV के छात्र उज्बेकिस्तान के विश्वविद्यालयों में उच्च अध्ययन और रिसर्च कर सकेंगे। वहीं उज्बेकिस्तान के विद्यार्थी भारतीय कृषि तकनीक और पद्धतियां सीखने रायपुर आ सकेंगे।
अंतरराष्ट्रीय इंटर्नशिप के अवसर भी उपलब्ध होंगे, जिससे छात्रों को वैश्विक कृषि बाजार और तकनीक की व्यावहारिक समझ मिलेगी। इससे उनकी रोजगार क्षमता और शोध कौशल दोनों में वृद्धि होगी।
👉 https://www.igau.edu.in — IGKV रायपुर की आधिकारिक वेबसाइट – MoU, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और प्रवेश जानकारी के लिए
👉 https://www.icar.org.in — भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद – राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान की जानकारी के लिए
इन 5 प्रमुख क्षेत्रों में होगा विशेष सहयोग
भारत-उज्बेकिस्तान कृषि सहयोग के 5 अहम स्तंभ
Raipur News में यह जानना आवश्यक है कि दोनों देशों के बीच सहयोग किन विशेष क्षेत्रों में केंद्रित रहेगा। इस समझौते के तहत 5 प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा —
1. धान (चावल) अनुसंधान — छत्तीसगढ़ जो देश का धान का कटोरा कहलाता है, वहां के चावल अनुसंधान को अंतरराष्ट्रीय आयाम मिलेगा।
2. औषधीय फसलें — हल्दी, अदरक, लहसुन और लैवेंडर जैसी मूल्यवान औषधीय फसलों पर संयुक्त शोध होगा।
3. जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) — आधुनिक कृषि तकनीकों और बायोटेक इनोवेशन में साझा अनुसंधान।
4. कृषि स्टार्टअप और उद्यमिता — युवा किसानों और कृषि उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने की योजना।
5. किसान उत्पादक संगठन (FPO) सहयोग — कृषि आधारित उद्योगों में भारतीय FPO की भागीदारी बढ़ाना।
Raipur News: डॉ. गिरीश चंदेल और प्रो. हुलास पाठक को मिला Visiting Professorship सम्मान
उज्बेकिस्तान ने दिया भारतीय शिक्षाविदों को अंतरराष्ट्रीय सम्मान
Raipur News में यह गौरव की बात है कि इस दौरे के दौरान IGKV के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल और अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो. हुलास पाठक को उज्बेकिस्तान के विश्वविद्यालयों द्वारा विजिटिंग प्रोफेसरशिप से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उनके शैक्षणिक योगदान, शोध कार्य और अंतरराष्ट्रीय कृषि शिक्षा के प्रति समर्पण की अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति है।
यह पुरस्कार न केवल इन दोनों विद्वानों के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और IGKV के लिए गर्व का विषय है। इससे भविष्य में और अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग के रास्ते खुलेंगे।
छत्तीसगढ़ बनेगा Global Agri Education Hub – क्या है मतलब?
पहली बार छत्तीसगढ़ की कृषि शिक्षा को मिलेगी वैश्विक पहचान
यह Raipur News इसलिए और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहल छत्तीसगढ़ को पहली बार एक Global Agri Education Hub के रूप में स्थापित करने की दिशा में ले जा रही है।
अब तक छत्तीसगढ़ की कृषि शिक्षा मुख्यतः राष्ट्रीय स्तर तक सीमित थी। लेकिन उज्बेकिस्तान के साथ यह साझेदारी राज्य को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मानचित्र पर एक नई और सशक्त पहचान दिलाएगी।
संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन, वैश्विक कृषि सम्मेलन और अनुसंधान अनुदान — ये सब अब IGKV रायपुर के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल देंगे।
किसानों और FPO को कैसे मिलेगा फायदा?
जमीनी स्तर पर भी दिखेगा इस MoU का असर
Raipur News यह भी बताती है कि यह समझौता केवल विश्वविद्यालय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा। कृषि आधारित उद्योगों में भारतीय FPO की भागीदारी पर भी विशेष चर्चा हुई।
इसका सीधा फायदा छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेगा। उज्बेकिस्तान के साथ औषधीय फसलों और मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में सहयोग से किसानों की आय और बाजार पहुंच दोनों बढ़ेंगी।
धान अनुसंधान में नए तकनीकी समाधान मिलने से छत्तीसगढ़ के धान किसानों को उत्पादकता और गुणवत्ता दोनों में सुधार की उम्मीद है।
यह Raipur News छत्तीसगढ़ की कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए एक नए युग की शुरुआत है। IGKV रायपुर का उज्बेकिस्तान के 5 प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के साथ MoU यह सिद्ध करता है कि छत्तीसगढ़ अब वैश्विक कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। Raipur News के पाठक यह समझें कि इस पहल से न केवल कृषि छात्रों का भविष्य उज्जवल होगा, बल्कि किसानों, FPO और कृषि उद्यमियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच मिलेगा। डॉ. गिरीश चंदेल के कुशल नेतृत्व में IGKV का यह कदम छत्तीसगढ़ को सही मायनों में Global Agri Hub बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
