Raipur News — राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय श्रद्धापूर्वक सम्मिलित हुए। व्यास पीठ पर विराजमान श्री हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी द्वारा कही जा रही इस दिव्य कथा का मुख्यमंत्री ने भक्तिभाव के साथ श्रवण किया।
इस आध्यात्मिक अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने न केवल भागवत कथा का श्रवण किया बल्कि रामलला दर्शन योजना, धर्म स्वातंत्र्य कानून, सुरभि गौधाम योजना और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ पर कई महत्वपूर्ण बातें भी कहीं।
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🛕 Raipur News: श्रीराम मंदिर में CM साय ने सुनी भागवत कथा
Raipur News के अनुसार यह श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 6 अप्रैल से 12 अप्रैल 2025 तक श्री राम मंदिर परिसर में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कथा में भगवान श्री कृष्ण की बाललीला के अंतर्गत माखनचोरी के प्रसंग का भक्तिभाव के साथ श्रवण किया। कथा के समापन अवसर पर वे भगवान बांके बिहारीलाल की आरती-पूजन में भी शामिल हुए।
उन्होंने श्रीराम मंदिर में भगवान के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

🙏 “कर्म ही सच्ची पूजा है” — CM साय का प्रेरक संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीमद्भागवत का मूल संदेश यही है कि “कर्म ही सच्ची पूजा है”।
उन्होंने कहा कि हमें सच्चाई और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहकर मानव जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है और हमें दूसरों के लिए जीते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।
यह संदेश न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक जीवन में भी उतना ही प्रासंगिक है।
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🏛️ Raipur News: छत्तीसगढ़ — प्रभु श्रीराम का ननिहाल और आध्यात्मिक भूमि
Raipur News में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक पहचान को बड़े गर्व के साथ सामने रखा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्री राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय इसी पावन धरा पर बिताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि:
- लगभग 5000 वर्ग किलोमीटर में फैला अबूझमाड़ का जंगल ही दंडकारण्य क्षेत्र है
- शिवरीनारायण माता शबरी की पावन भूमि है
- गुरु घासीदास जैसे महान संतों की जन्मभूमि होने के कारण छत्तीसगढ़ धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से एक अत्यंत समृद्ध प्रदेश है
यह वह भूमि है जहां प्रभु श्रीराम के पदचिह्न आज भी जन-जन की आस्था में जीवित हैं।
🚌 रामलला दर्शन योजना — 42 हजार भक्तों को मिला अयोध्या दर्शन का लाभ
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने रखा।
| योजना | लाभार्थी |
|---|---|
| रामलला दर्शन (अयोध्याधाम) | लगभग 42,000 भक्त |
| तीर्थस्थल दर्शन (बुजुर्ग) | 5,000 से अधिक वरिष्ठ नागरिक |
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। 5 हजार से अधिक बुजुर्गजन देश के विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं।
यह योजना उन गरीब और वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए वरदान है जो अपनी आर्थिक स्थिति के कारण तीर्थ यात्रा का सपना पूरा नहीं कर पाते।
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⚖️ Raipur News: धर्म स्वातंत्र्य कानून — देश में सबसे कठोर प्रावधान
Raipur News की एक बड़ी खबर यह भी रही कि मुख्यमंत्री ने धर्मांतरण पर नियंत्रण के लिए उठाए गए सरकार के ठोस कदमों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है। इस कानून में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कठोर प्रावधान किए गए हैं।
इस कानून का मुख्य उद्देश्य अवैध धर्मांतरण पर पूरी तरह रोक लगाना है। आदिवासी बहुल छत्तीसगढ़ में यह कानून विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां वर्षों से जनजातीय समाज को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण कराने की कोशिशें होती रही हैं।
🐄 सुरभि गौधाम योजना — गौ माता की सेवा में सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री श्री साय ने गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए सुरभि गौधाम योजना की जानकारी दी।
इस योजना के तहत:
- गौधामों में गौमाता के लिए चारा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं
- निराश्रित गायों को आश्रय और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है
- गौ संरक्षण को सरकारी नीति का हिस्सा बनाया गया है
यह योजना छत्तीसगढ़ की उस सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान है जिसमें गाय को माता का दर्जा दिया गया है।
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🕊️ नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ — विकास की नई उड़ान
Raipur News में एक और महत्वपूर्ण बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ के सपने को साकार होते देखने पर ईश्वर का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
वर्षों तक जो क्षेत्र हिंसा और भय का पर्याय रहे, वे अब विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाएं पहुंच रही हैं।
यह छत्तीसगढ़ के इतिहास का एक नया अध्याय है।
👥 कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि
इस भव्य धार्मिक आयोजन में कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे:
- कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम
- स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल
- संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल
- कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब
- विधायक श्री पुरंदर मिश्रा
- विधायक श्री हिमांशु द्विवेदी
- विधायक श्री सुनील रामदास अग्रवाल
इसके अलावा कथा के आयोजक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पावन आयोजन में उपस्थित रहे।
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✅ निष्कर्ष
Raipur News की यह रिपोर्ट बताती है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय केवल एक प्रशासनिक नेता नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और सेवा से जुड़े एक संवेदनशील जनप्रतिनिधि हैं। श्रीराम मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में उनकी उपस्थिति और वहां से दिए गए संदेशों ने यह स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार आध्यात्मिक, सामाजिक और विकासात्मक — तीनों मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है।
रामलला दर्शन योजना से 42 हजार भक्तों को लाभ, धर्म स्वातंत्र्य कानून से अवैध धर्मांतरण पर रोक, सुरभि गौधाम योजना से गौ संरक्षण और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ का सपना — ये सभी मिलकर प्रदेश को एक सुखी, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। Raipur News पर नजर रखें — क्योंकि यहां हर खबर आपके जीवन से जुड़ी है।
