Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। कचना इलाके में स्थित रहेजा प्रोजेक्ट की कंस्ट्रक्शन साइट पर शनिवार को मिट्टी धंसने से एक कारपेंटर की दर्दनाक मौत हो गई।
मृतक की पहचान गुड्डू रवि (32) के रूप में हुई है, जो झारखंड के गढ़वा जिले का रहने वाला था। वह काम के सिलसिले में करीब एक महीने पहले रायपुर आया था।
यह मामला खम्हारडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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क्लब हाउस निर्माण के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
Raipur News के अनुसार, कचना स्थित रहेजा प्रोजेक्ट साइट पर क्लब हाउस का निर्माण कार्य चल रहा था। शनिवार को साइट पर 2 दर्जन से अधिक मजदूर काम में लगे हुए थे।
निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने की वजह से यह हादसा हुआ। हादसे के बाद बिल्डर के कर्मचारियों ने घटनास्थल के बाहर तैनात होकर मीडिया की एंट्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया।
यह घटना रायपुर में निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
8 फीट गहरे गड्ढे में जिंदा दफन हुआ मजदूर
कैसे हुआ हादसा?
गुड्डू रवि शटरिंग के काम के लिए 8 फीट गहरे गड्ढे में उतरा था। वह काम में व्यस्त था, तभी उसका एक साथी पानी पीने के लिए थोड़ा आगे बढ़ा।
उसी दौरान अचानक मिट्टी का बड़ा ढेर गुड्डू पर आ गिरा और वह पूरी तरह जिंदा दफन हो गया। साथी मजदूरों ने तुरंत उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक दम घुटने से उसकी मौत हो चुकी थी।
मजदूर को इलाज के लिए मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित किया गया।
एक महीने पहले आया था रायपुर — भाई ने सुनाई आपबीती
मृतक गुड्डू रवि का भाई पुलेंदर कुमार शव लेने रायपुर पहुंचा। उसने बताया कि गुड्डू ठेकेदार संतोष कुमार के साथ काम पर लगा था।
शनिवार दोपहर तक गुड्डू से फोन पर बात भी हुई थी। शाम करीब चार बजे उसी नंबर से दोबारा कॉल आई, जिसमें बताया गया कि उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई है और रायपुर आ जाओ।
जब परिजन मेकाहारा पहुंचे तो गुड्डू मृत अवस्था में मिला। वहां मौजूद लोकल ठेकेदार ने तब जाकर असली सच्चाई बताई।
परिजनों से छिपाई गई सच्चाई — बीमारी का बहाना बताया
Raipur News: परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
Raipur News की इस घटना में परिजनों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर सच्चाई से दूर रखा गया। फोन पर मौत की सूचना देने की बजाय “तबीयत खराब है” कहकर बुलाया गया।
यह लापरवाही न केवल संवेदनहीनता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत करती है कि प्रबंधन मामले को दबाने की कोशिश में था।
पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि हादसे के बाद साइट प्रबंधन ने क्या कदम उठाए और मीडिया को क्यों रोका गया।
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तीन नन्ही बेटियों का पिता चला गया
यह हादसा सिर्फ एक मजदूर की मौत नहीं है — यह एक पूरे परिवार के उजड़ने की कहानी है।
गुड्डू रवि की तीन छोटी बेटियां हैं:
- पहली बेटी — 5 साल की
- दूसरी बेटी — 3 साल की
- तीसरी बेटी — सिर्फ 9 महीने की
गुड्डू की मौत की खबर सुनकर उसकी पत्नी माया देवी बदहवास हो गई। परिजनों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की जाए और परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
पुलिस बोली — दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
Raipur News: पुलिस का बयान
खम्हारी थाना प्रभारी आईपीएस मान्सी नानाभाई साकुरे ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचीं और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
उन्होंने स्पष्ट किया:
“पीएम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की जांच की जाएगी। जो भी व्यक्ति दोषी होगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 के तहत भी जांच हो सकती है।
- निर्माण स्थल सुरक्षा नियमों के लिए: labour.gov.in
- मजदूर अधिकार और मुआवजे की जानकारी: nhrc.nic.in
Raipur News की यह दुखद घटना एक बार फिर निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता उत्पन्न करती है। गुड्डू रवि जैसे प्रवासी मजदूर रोजी-रोटी के लिए अपना घर छोड़कर दूर आते हैं, लेकिन उन्हें न्यूनतम सुरक्षा भी नहीं मिलती।
तीन नन्ही बेटियों का पिता आज इस दुनिया में नहीं है। जरूरत है कि प्रशासन, बिल्डर और ठेकेदार सभी की जवाबदेही तय हो और ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। रायपुर पुलिस से अपेक्षा है कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाए।
