Raipur: CM सई का ऐतिहासिक ऐलान — 5000 बेड Medicity Hub, 5 नए मेडिकल कॉलेज और AI हेल्थ सेवाएं; जानें छत्तीसगढ़ की नई स्वास्थ्य नीति के 10 बड़े फैसले

Chhattisgarh के Raipur रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय में शुक्रवार को All India Health Sciences Vice Chancellors Meet-2026 का आयोजन हुआ।

यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ। देशभर के शिक्षाविदों, कुलपतियों और छात्रों ने इस महत्वपूर्ण मंच पर भाग लिया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव सई ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस बैठक में हुई चर्चाएं राज्य की स्वास्थ्य नीति को दिशा देंगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाएंगी।


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CM विष्णु देव सई का बड़ा ऐलान — Medicity Hub और 5000 बेड सुपर स्पेशलिटी अस्पताल

Raipur के इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव सई ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक बड़ा और महत्वाकांक्षी ऐलान किया।

उन्होंने बताया कि राजधानी क्षेत्र में Medicity Hub की स्थापना की योजना है। इसमें 5,000 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल होगा जो छत्तीसगढ़ के नागरिकों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

यह परियोजना न केवल राज्य के मरीजों के लिए, बल्कि पड़ोसी राज्यों के लोगों के लिए भी एक बड़ी राहत साबित होगी। CM के कार्यकाल में एक दर्जन से अधिक निजी अस्पताल भी Raipur में खुल चुके हैं।


5 नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज — स्वास्थ्य अवसंरचना में क्रांति

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। वर्तमान में 5 नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज और 1 होम्योपैथी कॉलेज का निर्माण कार्य जारी है।

यह कदम छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा की पहुंच को व्यापक बनाएगा और राज्य में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को दूर करने में सहायक होगा।

Raipur केंद्र के रूप में यह पूरी अवसंरचना छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य शिक्षा के एक प्रमुख हब के रूप में स्थापित करेगी।


निजी अस्पतालों का विस्तार भी उत्साहजनक

CM सई ने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल में Raipur में एक दर्जन से अधिक नए निजी अस्पताल खुले हैं। यह सरकारी और निजी दोनों स्तरों पर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को दर्शाता है।

निजी और सरकारी क्षेत्र की यह साझेदारी छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत बनाएगी।


आयुष्मान भारत — गरीबों को ₹5 लाख का सुरक्षा कवच

Raipur के इस सम्मेलन में CM सई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाई जा रही आयुष्मान भारत योजना के प्रभावशाली परिणामों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि यह योजना गरीब परिवारों को ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इसके कारण अब गरीब मरीजों को इलाज के लिए जमीन बेचना या कर्ज लेना नहीं पड़ता।

यह योजना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में विशेष रूप से प्रभावी साबित हुई है, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच पहले बेहद सीमित थी।


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Raipur: ग्रामीण क्षेत्रों में डायबिटीज और कैंसर की चुनौती

Raipur सम्मेलन में CM ने एक गंभीर चिंता को भी उठाया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों के बढ़ते प्रसार पर चिंता व्यक्त की।

इससे निपटने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार की “आरोग्य मंदिर” पहल का उल्लेख किया, जो स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। ये केंद्र ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य जागरूकता का काम करते हैं।

छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में जहां बड़ी आबादी वनांचलों में रहती है, ऐसी पहल जीवन बदलने की क्षमता रखती हैं।


छत्तीसगढ़ की वनस्पति संपदा और पद्मश्री हेमचंद मांझी का योगदान

CM सई ने छत्तीसगढ़ की एक अनूठी ताकत का उल्लेख किया — राज्य का 44% भूभाग वनाच्छादित है जो औषधीय पौधों से समृद्ध है।

उन्होंने पद्मश्री पुरस्कार विजेता हेमचंद मांझी का विशेष उल्लेख किया, जिनकी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में गंभीर बीमारियों के इलाज की अद्भुत क्षमता है। उनके पास विदेशों से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं।

Raipur से संचालित इस नीति के तहत राज्य की इस वनौषधि संपदा को आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा के माध्यम से व्यापक स्वास्थ्य सेवाओं में शामिल करने की योजना है।


हिंदी माध्यम में मेडिकल शिक्षा और AI का भविष्य

सम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एक क्रांतिकारी बात कही — अब मेडिकल शिक्षा में हिंदी माध्यम का विकल्प उपलब्ध है।

यह निर्णय उन लाखों छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है जो अंग्रेजी माध्यम की बाधा के कारण चिकित्सा शिक्षा से दूर रह जाते थे।

साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक के उपयोग से भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी एवं सटीक बनेंगी। Raipur इस तकनीकी स्वास्थ्य क्रांति का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।


सांसद बृजमोहन अग्रवाल का ग्रामीण स्वास्थ्य पर जोर

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सम्मेलन में ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में आए सुझावों को आयुष मंत्रालय को भेजा जाएगा, ताकि नीति निर्माण में इन अनुभवों का लाभ मिल सके।

यह पहल यह दर्शाती है कि Raipur में हुए इस सम्मेलन का असर केवल राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा।


Raipur: तीन आयुर्वेदिक AIIMS — ऐतिहासिक निर्णय

CM सई ने सम्मेलन में एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने देशभर में तीन आयुर्वेदिक AIIMS स्थापित करने का निर्णय लिया है।

यह भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के समकक्ष मान्यता देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

Raipur और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य जो आयुर्वेदिक औषधियों की प्राकृतिक संपदा से समृद्ध हैं, इस निर्णय से सबसे अधिक लाभान्वित होंगे।


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Raipur बनेगा छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य क्रांति का केंद्र

Raipur में आयोजित All India Health Sciences Vice Chancellors Meet-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर और महत्वाकांक्षी है।

5000 बेड का Medicity Hub, 5 नए मेडिकल कॉलेज, हिंदी माध्यम में चिकित्सा शिक्षा, AI का उपयोग, आयुष्मान भारत की मजबूती और आयुर्वेदिक AIIMS — ये सभी मिलकर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र की एक नई तस्वीर बना रहे हैं।

Raipur सिर्फ राजधानी नहीं, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य क्रांति का नया केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। इस सम्मेलन के सुझाव राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेंगे और आने वाले समय में छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य ढांचा एक नई ऊंचाई पर होगा।

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