Raipur Assembly Gherao को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने 17 मार्च को राजधानी रायपुर में विधानसभा घेराव का ऐलान किया है, जिसमें प्रदेशभर से हजारों कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस बड़े आंदोलन की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। दुर्ग से लेकर अन्य जिलों तक बैठकों का दौर जारी है। नेताओं का दावा है कि यह प्रदर्शन जनता की आवाज बनकर सरकार तक पहुंचेगा। वहीं, कार्यकर्ताओं में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।
Raipur Assembly Gherao: कांग्रेस का भाजपा सरकार पर सीधा हमला
Raipur Assembly Gherao को सफल बनाने के लिए दुर्ग के राजीव भवन में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव अय्यूब खान ने कहा कि यह आंदोलन प्रदेश की जनता की समस्याओं को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आने के बाद से आम जनता परेशान है। कानून व्यवस्था कमजोर हुई है और अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि महंगाई और बेरोजगारी ने लोगों की कमर तोड़ दी है। किसान, युवा, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी और व्यापारी, सभी वर्ग सरकार से नाराज हैं।
पूर्व विधायक अरुण वोरा ने अवैध अफीम खेती के मामले को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन के पास फसलों का रिकॉर्ड रहता है, तो इतनी बड़ी अवैध खेती कैसे हो गई।
इसके अलावा, केंद्र सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा गया। नेताओं ने मनरेगा जैसी योजनाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।
यह भी पढ़ें: दुर्ग नवरात्रि महोत्सव: 9 दिन, भव्य आयोजन से लेकर भक्ति तक

Background
Raipur Assembly Gherao से पहले कांग्रेस ने जिला और ब्लॉक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। दुर्ग जिले में आयोजित बैठक इसी रणनीति का हिस्सा थी।
बैठक में पूर्व महापौर आरएन वर्मा, छाया महापौर प्रेमलता साहू सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी ने कार्यकर्ताओं को अधिक से अधिक संख्या में रायपुर पहुंचने का आह्वान किया।
कांग्रेस का यह आंदोलन सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है। पार्टी इसे जनता के मुद्दों से जोड़कर देख रही है।
👉 कांग्रेस पार्टी की जानकारी: https://www.inc.in
👉 छत्तीसगढ़ सरकार की जानकारी: https://cgstate.gov.in
Key Facts (Raipur Assembly Gherao)
- 17 मार्च को रायपुर में विधानसभा घेराव
- हजारों कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना
- दुर्ग में बैठक कर बनाई गई रणनीति
- महंगाई, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था मुख्य मुद्दे
- अवैध अफीम खेती पर सरकार से जवाब की मांग
Impact और Reactions
Raipur Assembly Gherao का असर राजनीतिक माहौल पर साफ दिख रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ा है, वहीं भाजपा पर दबाव भी बढ़ सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रदर्शन आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकता है। खासकर जब मुद्दे सीधे जनता से जुड़े हों।
दूसरी ओर, भाजपा इस आंदोलन को राजनीतिक स्टंट बता सकती है। हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि यह जनता की आवाज है।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस आंदोलन का वास्तविक असर कितना होता है।
Raipur Assembly Gherao छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। कांग्रेस ने इसे जनता के मुद्दों से जोड़कर मजबूत बनाने की कोशिश की है। अब सबकी नजर 17 मार्च पर टिकी है, जब हजारों कार्यकर्ता रायपुर में जुटेंगे। फिलहाल, Raipur Assembly Gherao ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।
