PMMVY Scheme के बेहतर क्रियान्वयन की कहानी आज छत्तीसगढ़ से सामने आई है। यह सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं, बल्कि हजारों गर्भवती महिलाओं की जिंदगी से जुड़ी हकीकत है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य ने इस योजना को तेजी से लागू किया। नतीजा यह रहा कि छत्तीसगढ़ ने कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि के पीछे प्रशासन की सक्रियता और जमीनी स्तर पर काम कर रहे कर्मचारियों की मेहनत साफ दिखती है।
PMMVY Scheme में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन
PMMVY Scheme के तहत छत्तीसगढ़ ने जिस तरह काम किया है, वह पूरे देश के लिए उदाहरण बन गया है। राज्य ने न सिर्फ योजना को तेजी से लागू किया, बल्कि शिकायतों के निपटान में भी रिकॉर्ड बनाया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सफलता लगातार प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने साफ किया कि गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी वजह से योजना के हर चरण में तेजी लाई गई।
वर्ष 2023-24 में जहां 1,75,797 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 2,19,012 हो गई। इसके बाद 2025-26 में फरवरी तक 2,04,138 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन हुआ। यह लक्ष्य का 93.3 प्रतिशत है।
इसके अलावा 83 प्रतिशत आवेदनों का परीक्षण कर उन्हें भुगतान के लिए भेजा गया। केंद्र सरकार से स्वीकृति दर भी 83.87 प्रतिशत रही। यह आंकड़े बताते हैं कि राज्य ने योजना के हर स्तर पर बेहतर काम किया है।
यह भी पढ़ें: फ्रीडम फाइटर इवेंट 5 सबसे खास बात, सीएम का बड़ा सम्मान
👉 अधिक जानकारी के लिए देखें:
https://wcd.nic.in/schemes/pradhan-mantri-matru-vandana-yojana
https://www.india.gov.in/

Background
PMMVY Scheme केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है। इससे महिलाओं को प्रसव के दौरान पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं।
इस योजना के तहत पहली संतान के लिए 5,000 रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं दूसरी बेटी के जन्म पर 6,000 रुपये एकमुश्त दिए जाते हैं। यह राशि तीन किस्तों में मिलती है।
पहली किस्त रजिस्ट्रेशन के समय 1,000 रुपये की होती है। दूसरी किस्त 6 महीने बाद 2,000 रुपये मिलती है। तीसरी किस्त बच्चे के जन्म और टीकाकरण के बाद 2,000 रुपये दी जाती है।
इस योजना का मुख्य लक्ष्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और शिशु मृत्यु दर को कम करना है।
Key Facts (मुख्य बिंदु)
- PMMVY Scheme में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर रहा
- तीन साल में 5,98,947 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन हुआ
- 5,40,624 महिलाओं को योजना की स्वीकृति मिली
- 93 प्रतिशत शिकायतों का सफल निराकरण किया गया
- 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर सबसे ज्यादा रही
प्रभाव और प्रतिक्रिया
PMMVY Scheme के इस प्रदर्शन से समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। अब अधिक महिलाएं संस्थागत प्रसव की ओर बढ़ रही हैं। इससे मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा बढ़ी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब योजनाएं सही तरीके से लागू होती हैं, तो उनका असर सीधे लोगों की जिंदगी पर पड़ता है। छत्तीसगढ़ इसका अच्छा उदाहरण बना है।
इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका भी बेहद अहम रही। उन्होंने गांव-गांव जाकर महिलाओं को जागरूक किया। यही वजह है कि योजना का लाभ हर तबके तक पहुंच पाया।
अंत में कहा जा सकता है कि PMMVY Scheme के जरिए छत्तीसगढ़ ने एक मजबूत उदाहरण पेश किया है। यह सिर्फ एक योजना की सफलता नहीं, बल्कि बेहतर प्रशासन और समर्पण की जीत है।
भविष्य में भी अगर इसी तरह काम जारी रहा, तो PMMVY Scheme के जरिए और ज्यादा महिलाओं को फायदा मिलेगा।
