Paddy Procurement Chhattisgarh: 437 लाख टन से किसानों में खुशी

Paddy Procurement Chhattisgarh ने देश के कृषि मानचित्र पर छत्तीसगढ़ को एक मजबूत और भरोसेमंद राज्य के रूप में स्थापित कर दिया है। राज्य में धान खरीदी और किसान कल्याण की योजनाओं ने लगातार नए रिकॉर्ड बनाए हैं।

खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने विधानसभा में बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पिछले तीन खरीफ सीजन में लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इससे किसानों के खातों में 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंची है। यह उपलब्धि केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि लाखों किसानों के जीवन में आए बदलाव की भी कहानी है।


Paddy Procurement Chhattisgarh: धान खरीदी में बना नया रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ में Paddy Procurement Chhattisgarh के तहत धान खरीदी ने लगातार नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने विधानसभा में जानकारी देते हुए कहा कि खरीफ सीजन 2025-26 में राज्य ने 142 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की है। इससे पहले भी लगातार दो वर्षों में रिकॉर्ड स्तर पर धान खरीदी हुई थी।

तीन खरीफ सीजन को मिलाकर राज्य सरकार ने लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है। इसके बदले किसानों के खातों में लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

मंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ का “साय मॉडल” धान खरीदी और किसान कल्याण के मामले में देश में नंबर एक बन चुका है। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ केवल धान का कटोरा नहीं है, बल्कि न्याय का कटोरा भी बन रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनकी फसल का सबसे बेहतर मूल्य देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी वजह से छत्तीसगढ़ देश का ऐसा राज्य बन गया है जहां अन्नदाताओं को उनकी उपज का सबसे बेहतर दाम मिलता है।

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राज्य सरकार की कृषि योजनाओं की जानकारी यहां देखी जा सकती है:
https://cgstate.gov.in


किसान कल्याण और फसल विविधीकरण पर जोर

छत्तीसगढ़ में सरकार केवल Paddy Procurement Chhattisgarh तक सीमित नहीं है। सरकार खेती को अधिक लाभदायक और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों को भी कृषक उन्नति योजना में शामिल किया गया है।

राज्य के बजट में इस योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा उर्वरक प्रबंधन में भी सरकार ने बेहतर रणनीति अपनाई है। यूरिया और डीएपी जैसे उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

सौर सुजला योजना और धान-धान्य कृषि योजना के माध्यम से दंतेवाड़ा, कोरबा और जशपुर जैसे कम उत्पादकता वाले क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

भारत सरकार की कृषि योजनाओं की जानकारी यहां उपलब्ध है:
https://agricoop.nic.in


Key Facts: Paddy Procurement Chhattisgarh के मुख्य आंकड़े

  • पिछले तीन खरीफ सीजन में 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी।
  • किसानों को 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान।
  • खरीफ सीजन 2025-26 में 25.24 लाख किसानों से 142 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया।
  • किसानों को 33 हजार 431 करोड़ रुपये समर्थन मूल्य के रूप में दिए गए।
  • कृषक उन्नति योजना के तहत 10 हजार 324 करोड़ रुपये की अंतर राशि भी दी गई।

प्रतिक्रियाएं

Paddy Procurement Chhattisgarh का असर राज्य के किसानों के जीवन में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

सीधी भुगतान प्रणाली और डिजिटल निगरानी से बिचौलियों की भूमिका लगभग खत्म हो गई है। इससे किसानों को उनकी उपज का पूरा लाभ मिल रहा है।

सरकार के अनुसार धान संग्रहण और सुरक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था की गई है। कैप कवर, कीटनाशक और सुरक्षित भंडारण से नुकसान भी कम हुआ है।

दिलचस्प बात यह है कि पहले धान सुखद की दर 6.32 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। अब इसे घटाकर लगभग 3.52 प्रतिशत तक नियंत्रित कर लिया गया है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि पारदर्शी व्यवस्था और समयबद्ध भुगतान के कारण किसानों का भरोसा सरकार पर मजबूत हुआ है।


छत्तीसगढ़ में Paddy Procurement Chhattisgarh केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि किसानों के भरोसे और सम्मान की कहानी बन चुकी है। रिकॉर्ड स्तर की धान खरीदी और समय पर भुगतान ने राज्य को कृषि क्षेत्र में नई पहचान दी है।

यदि इसी तरह पारदर्शिता और योजनाबद्ध नीति जारी रहती है, तो आने वाले वर्षों में Paddy Procurement Chhattisgarh देश के लिए एक मजबूत कृषि मॉडल बन सकता है।

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