कर्रेगुट्टालु पहाड़ियों में 2000 जवानों का बड़ा एक्शन, नक्सल नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार

छत्तीसगढ़ के घने जंगलों में एक बार फिर गोलियों की आवाज गूंज रही है। Operation Black Forest 2 के तहत लगभग 2,000 सुरक्षा बलों ने कर्रेगुट्टालु पहाड़ियों में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई मंगलवार देर रात से जारी है और इसे अब तक की सबसे बड़ी समन्वित एंटी-नक्सल कार्रवाई माना जा रहा है।

यह ऑपरेशन छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र कर्रेगुट्टालु हिल (KGH) में चलाया जा रहा है, जो लंबे समय से नक्सल गतिविधियों का गढ़ रहा है।


पहले चरण की बड़ी सफलता: Operation Black Forest 1

गौरतलब है कि Operation Black Forest 2 से पहले वर्ष 2025 में Operation Black Forest 1 चलाया गया था। अप्रैल 21 से 11 मई 2025 तक चले 21 दिवसीय अभियान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और राज्य पुलिस की संयुक्त टीमों ने 31 इनामी नक्सलियों को ढेर किया था।

इन नक्सलियों पर कुल 1.72 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।

बड़ी बरामदगी

पहले ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने—

  • 214 नक्सली ठिकाने और बंकर ध्वस्त किए
  • 450 IED बरामद किए
  • 818 BGL शेल्स
  • 899 कोडेक्स बंडल और डेटोनेटर
  • भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री
  • करीब 12,000 किलो खाद्य सामग्री

इन बरामदगियों ने नक्सलियों के लॉजिस्टिक नेटवर्क को गहरी चोट पहुंचाई।


गलगम FOB की रणनीतिक भूमिका

साल 2022 में स्थापित गलगम फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) ने इस अभियान में अहम भूमिका निभाई। इस बेस ने सुरक्षा बलों को रणनीतिक बढ़त दी, जिससे वे नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण कर सके।

यही आधार अब Operation Black Forest 2 को भी मजबूत बना रहा है।


अबूझमाड़ में हालिया मुठभेड़

इसी महीने छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा के अबूझमाड़ के गहरे जंगलों में भी एक बड़ा एंटी-नक्सल ऑपरेशन चलाया गया। इस मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए।

सुरक्षा बलों ने मौके से—

  • एक AK-47 रायफल
  • एक SLR (Self-Loading Rifle)

बरामद की।

हालांकि, इस अभियान में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली क्षेत्र के एक C60 कमांडो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। यह बलिदान सुरक्षा बलों के साहस और समर्पण की याद दिलाता है।


26 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य

Operation Black Forest 2 का उद्देश्य केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि 26 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे के लक्ष्य की दिशा में निर्णायक कदम है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि कर्रेगुट्टालु क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क की कमर तोड़ना पूरे बस्तर और सीमा क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में बड़ी उपलब्धि साबित होगा।


क्यों अहम है Operation Black Forest 2?

  • यह सीमा पार नक्सली नेटवर्क को तोड़ने की रणनीति का हिस्सा है
  • संयुक्त बलों की समन्वित कार्रवाई
  • पहले चरण की सफलता के बाद दूसरा निर्णायक अभियान
  • आधुनिक तकनीक और जमीनी खुफिया जानकारी का उपयोग

साफ है कि Operation Black Forest 2 केवल एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि नक्सलवाद के खिलाफ व्यापक रणनीतिक लड़ाई का हिस्सा है।


छत्तीसगढ़ के जंगलों में चल रही यह कार्रवाई केवल सुरक्षा बलों की बहादुरी की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस संकल्प की भी कहानी है, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रही हैं।

Operation Black Forest 2 आने वाले दिनों में किस दिशा में जाता है, इस पर पूरे देश की नजर रहेगी। फिलहाल, सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी के साथ अभियान में जुटे हुए हैं।

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