Naxal Bomb Recovery की एक बड़ी कार्रवाई में छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षा बलों को अहम सफलता मिली है। छोटे बेठिया थाना क्षेत्र के नारायणपुर सीमा से लगे घने जंगलों में पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने नक्सलियों के छिपाए गए शक्तिशाली बम बरामद किए। यह कार्रवाई सर्च ऑपरेशन के दौरान हुई। जवानों को यहां तीन प्रेशर कुकर बम और एक पाइप बम मिला। सुरक्षा के लिहाज से बम निरोधक दस्ते ने मौके पर ही इन विस्फोटकों को नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में नक्सल गतिविधियों पर बड़ा झटका माना जा रहा है।
Naxal Bomb Recovery में जंगल से मिले 4 शक्तिशाली बम
कांकेर जिले में हुई Naxal Bomb Recovery कार्रवाई को सुरक्षा बलों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार 15 मार्च को जिले की डीआरजी टीम और बांदे कैंप से बीएसएफ की 94वीं वाहिनी के जवान संयुक्त सर्च ऑपरेशन पर निकले थे।
टीम छोटे बेठिया थाना क्षेत्र के हापाटोला और बीना गुंडा के घने जंगलों में गश्त कर रही थी। इसी दौरान जवानों को सूचना मिली कि नक्सलियों ने नारायणपुर सीमा के पहाड़ी इलाके में विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी है।
सूचना मिलते ही जवानों ने पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान जंगल में छिपाकर रखे चार शक्तिशाली बम बरामद किए गए। इनमें एक 10 किलो का प्रेशर कुकर बम था। इसके अलावा दो पांच-पांच किलो के प्रेशर कुकर बम और एक पाइप बम भी मिला।
सुरक्षा बलों के अनुसार 10 किलो का कुकर बम बेहद खतरनाक था। यदि इसका इस्तेमाल होता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। इसलिए बम निरोधक दस्ते ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर ही सभी बमों को विस्फोट कर निष्क्रिय कर दिया।
कार्रवाई के दौरान जवानों को नक्सलियों की अन्य सामग्री भी मिली। इसमें बिजली के तारों का बंडल, तीन नक्सली वर्दी, पटाखे और नक्सली साहित्य शामिल है। सभी सामान को जब्त कर लिया गया है।
यह भी पढ़ें: Rishesh Sen Threat 5 चौंकाने वाले खुलासे, सियासत गरम
जिले में अंतिम दौर में नक्सलवाद
कांकेर जिले में Naxal Bomb Recovery जैसी लगातार कार्रवाइयों के बाद नक्सलवाद कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिले में अब सक्रिय नक्सलियों की संख्या काफी कम रह गई है।
वर्तमान में कंपनी नंबर-5 के आठ नक्सली और परतापपुर एरिया कमेटी के चंदर और रूपी समेत करीब 21 नक्सली सक्रिय बताए जा रहे हैं। इन्हें पकड़ने के लिए पुलिस लगातार दबाव बना रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य तय किए जाने के बाद सुरक्षा बलों ने अभियान और तेज कर दिया है। मार्च महीने के अंत तक जिले को नक्सल मुक्त घोषित करने की दिशा में लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
पिछले एक महीने में कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुई हैं। इनमें हथियार बरामदगी और कई नक्सलियों के आत्मसमर्पण शामिल हैं। इससे सुरक्षा बलों का मनोबल भी काफी बढ़ा है।
नक्सलवाद से जुड़ी जानकारी यहां पढ़ सकते हैं:
https://www.mha.gov.in/en/divisionofmha/left-wing-extremism
Key Facts
- कांकेर जिले के छोटे बेठिया क्षेत्र में Naxal Bomb Recovery हुई।
- जंगल से तीन प्रेशर कुकर बम और एक पाइप बम बरामद।
- बम निरोधक दस्ते ने मौके पर ही सभी विस्फोटक नष्ट किए।
- चार नक्सली स्मारकों को भी जवानों ने ध्वस्त किया।
- नक्सली वर्दी, बिजली वायर और साहित्य भी बरामद हुआ।
सुरक्षा बलों की रणनीति
हालिया Naxal Bomb Recovery कार्रवाई ने इलाके में सक्रिय नक्सलियों को बड़ा झटका दिया है। सुरक्षा बलों का मानना है कि लगातार दबाव के कारण नक्सली अब कमजोर पड़ रहे हैं।
बीते एक महीने में भी कई अहम घटनाएं सामने आई हैं। 14 फरवरी को बीना गुंडा क्षेत्र से हथियार और विस्फोटकों का जखीरा मिला था। इसके बाद 25 फरवरी को डीवीसीएम मल्लेश और नक्सली रानू ने एके-47 के साथ आत्मसमर्पण किया।
इसके अलावा 26 फरवरी को डीवीसीएम मासे बारसा ने भी हथियारों के साथ सरेंडर किया। 11 मार्च को नारायणपुर सीमा के पास मुठभेड़ के बाद कुछ नक्सली जंगल में भाग गए थे।
इन्हीं घटनाओं के बीच अब यह नई Naxal Bomb Recovery सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे नक्सलियों की रणनीति और नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी जानकारी यहां भी पढ़ सकते हैं:
https://www.bsf.gov.in/
कांकेर जिले में हुई Naxal Bomb Recovery कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा बल नक्सलियों पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं। जंगलों में सर्च ऑपरेशन तेज हो गए हैं और नक्सली नेटवर्क कमजोर पड़ता दिख रहा है। चार खतरनाक बमों को समय रहते नष्ट करना बड़ी सफलता है। इससे संभावित बड़ी घटना टल गई। आने वाले समय में ऐसी और कार्रवाइयों से उम्मीद है कि Naxal Bomb Recovery जैसी सफलताएं नक्सलवाद के अंत को और तेज करेंगी।
