Khelo India Tribal Games में छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट के पहले संस्करण के फाइनल में जगह बना ली है। रायपुर में आयोजित इस प्रतियोगिता में कप्तान किरण पिस्दा की अद्भुत दोहरी भूमिका ने टीम को जीत दिलाने में अहम योगदान दिया।
स्वामी विवेकानंद कोटा स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने अरुणाचल प्रदेश को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। यह जीत मेजबान राज्य के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है।
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कप्तान किरण पिस्दा का ऑलराउंड प्रदर्शन
Khelo India Tribal Games के इस सेमीफाइनल में भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी किरण पिस्दा मैच की सबसे बड़ी स्टार रहीं। उन्होंने पूरे मैच में शानदार आक्रामक खेल दिखाया।
18वें मिनट में उन्होंने शानदार गोल कर टीम को 2-0 की मजबूत बढ़त दिलाई। टूर्नामेंट में अब तक वह करीब 20 गोल कर चुकी हैं, जो उनके बेहतरीन फॉर्म को दर्शाता है।
किरण का प्रदर्शन सिर्फ गोल करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने कप्तानी की भी शानदार मिसाल पेश की।
पेनल्टी शूटआउट में रोमांचक जीत
मैच के दौरान अरुणाचल प्रदेश ने जबरदस्त वापसी करते हुए 41वें और 86वें मिनट में गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। इसके बाद मैच पेनल्टी शूटआउट तक पहुंच गया।
यहीं पर Khelo India Tribal Games का सबसे रोमांचक पल देखने को मिला। कप्तान किरण पिस्दा ने साहसिक फैसला लेते हुए नियमित गोलकीपर योगिता की जगह खुद गोलपोस्ट संभालने का निर्णय लिया।
यह निर्णय टीम के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ।
- किरण ने दो शानदार बचाव किए
- एक पेनल्टी खुद गोल में बदली
- टीम को 4-3 से जीत दिलाई
जैसे ही अंतिम पेनल्टी गोल में गई, पूरे स्टेडियम में जश्न का माहौल बन गया।
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किरण पिस्दा ने क्या कहा
मैच के बाद किरण पिस्दा ने मीडिया से कहा:
“मैं हर हाल में अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाना चाहती थी। मुझे गोलकीपर के रूप में अच्छा करने का भरोसा था। पहले भी मैंने राज्य टीम के लिए यह भूमिका निभाई है। मेरी मेहनत सफल रही।”
उनके इस बयान से साफ है कि Khelo India Tribal Games में टीम के प्रति उनका समर्पण कितना मजबूत है।
फाइनल में किससे होगा सामना
अब Khelo India Tribal Games के फाइनल में छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम का सामना झारखंड और गुजरात के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
दिलचस्प बात यह है कि ग्रुप स्टेज में छत्तीसगढ़ पहले ही गुजरात को 2-1 से हरा चुका है, जिसमें किरण पिस्दा ने एक गोल किया था।
इस वजह से फाइनल मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीद है।
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महिला हॉकी टीम की कांस्य पदक की उम्मीद
इसी बीच Khelo India Tribal Games में छत्तीसगढ़ की महिला हॉकी टीम भी पदक की दौड़ में बनी हुई है।
रायपुर के इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल में टीम को ओडिशा से 1-5 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि अब टीम कांस्य पदक मुकाबले में उतरने के लिए तैयार है।
1 अप्रैल को छत्तीसगढ़ की महिला हॉकी टीम का मुकाबला पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से होगा।
टीम के कप्तान कुजूर अश्विन के नेतृत्व में खिलाड़ी पदक जीतने के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं।
Khelo India Tribal Games का महत्व
Khelo India Tribal Games देश के आदिवासी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने का बड़ा मंच बन रहा है।
इस प्रतियोगिता के माध्यम से:
- युवा खिलाड़ियों को मौका मिलता है
- प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान मिलती है
- राज्यों के बीच खेल प्रतिस्पर्धा बढ़ती है
छत्तीसगढ़ के लिए यह टूर्नामेंट खास है क्योंकि यहां की टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया है।
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Khelo India Tribal Games में छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम का फाइनल में पहुंचना राज्य के लिए गर्व का क्षण है। कप्तान किरण पिस्दा की बहादुरी और नेतृत्व ने टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
अब सभी की नजरें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां छत्तीसगढ़ की टीम स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने की कोशिश करेगी। वहीं महिला हॉकी टीम भी कांस्य पदक जीतकर राज्य को एक और बड़ी खुशी दे सकती है।
