Jashpur News — छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में इस बार सरहुल महोत्सव का उत्साह कुछ और ही रहा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज दीपू बगीचा, जशपुर में आयोजित पारंपरिक सरहुल महोत्सव में सम्मिलित हुए।
इस भव्य आयोजन में हज़ारों की तादाद में उरांव समुदाय के लोग उमड़ पड़े। पारंपरिक वेशभूषा, मांदर की थाप और सरई फूलों की सुगंध से पूरा दीपू बगीचा जनजातीय संस्कृति के रंग में डूब गया।
Jashpur News के नज़रिए से यह आयोजन इसलिए भी खास रहा क्योंकि मुख्यमंत्री ने यहां न केवल पूजा-अर्चना की, बल्कि राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी भी दी।
सरहुल पर्व क्या है? जानें इस जनजातीय उत्सव का महत्व
प्रकृति और जीवन के संतुलन का प्रतीक
सरहुल परब चैत्र माह में मनाया जाने वाला उरांव समुदाय का सबसे प्रमुख और पवित्र पर्व है। यह पर्व प्रकृति के नवजीवन और ऋतु परिवर्तन का उत्सव है।
इस पर्व में धरती माता और सूर्य देव के प्रतीकात्मक विवाह के साथ सामूहिक पूजा की जाती है। सरना स्थल पर बैगा, पाहन और पुजारी पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना करते हैं।
घर-घर सरई (साल) फूल और पवित्र जल का वितरण कर सुख-समृद्धि और उत्तम वर्षा की कामना की जाती है। लोकनृत्य, गीत और प्रसाद वितरण के माध्यम से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ किया जाता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पर्व सदियों से प्रकृति, धरती और जीवन के संतुलन का प्रतीक रहा है और इसे सहेजकर रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
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CM साय को मिला बैगा का शुभ आशीर्वाद – कान में खोंचा सरई फूल
परंपरा और राजनीति का अनूठा संगम
Jashpur News का यह पल सबसे भावुक और यादगार रहा। सरहुल की पारंपरिक रस्म के तहत पूजा कराने वाले बैगा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कान में सरई (साल) का फूल खोंचकर शुभ आशीष प्रदान किया।
यह परंपरा उरांव समुदाय में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। इस रस्म के माध्यम से बैगा समाज के किसी विशिष्ट व्यक्ति को प्रकृति और देवताओं का आशीर्वाद प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने धरती माता, सूर्य देव एवं साल वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि, उत्तम वर्षा और समृद्ध फसल की कामना की।
उन्होंने जिलेवासियों को सरहुल उत्सव और हिंदू नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।
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Jashpur News: CM ने गिनाई सरकार की 5 बड़ी उपलब्धियां
जनता से किए वादे हो रहे पूरे
Jashpur News में मुख्यमंत्री साय का यह बयान सुर्खियों में रहा — उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता से किए गए वादों को तेज़ी से पूरा कर रही है।
उन्होंने 5 प्रमुख उपलब्धियां गिनाईं:
- प्रधानमंत्री आवास योजना — लाखों परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
- महतारी वंदन योजना — 25 किश्तों में ₹16,000 करोड़ से अधिक की राशि जारी।
- धान खरीदी — ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से किसानों को उचित मूल्य।
- जनजातीय संस्कृति संरक्षण — सरकार की पूर्ण प्रतिबद्धता।
- धर्म स्वातंत्र्य विधेयक — अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण।
महतारी वंदन योजना – 25 किश्तों में ₹16,000 करोड़ जारी
महिला सशक्तिकरण की नई इबारत
मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 25 किश्तों में ₹16,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के बैंक खातों में सीधे जारी की जा चुकी है।
यह योजना छत्तीसगढ़ की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो रही है। गांव-गांव की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।
इसके साथ ही किसानों के लिए भी सरकार ने ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का इंतजाम किया है, जो किसानों की मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करता है।
धर्म स्वातंत्र्य विधेयक – अवैध धर्मांतरण पर लगेगी लगाम
विधानसभा में पेश हुआ अहम विधेयक
मुख्यमंत्री साय ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विधेयक सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण और साहसी कदम है।
यह विधेयक अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगा और जनजातीय समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखेगा।
सरहुल जैसे जनजातीय पर्व के अवसर पर इस विधेयक का उल्लेख इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उरांव और अन्य जनजातीय समुदायों की अपनी एक अलग धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है, जिसकी रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है।
100 से अधिक महिलाओं ने किया मनमोहक सरहुल नृत्य {#sarhul-dance}
संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन
Jashpur News का यह दृश्य उपस्थित सभी लोगों के दिल में उतर गया — पारंपरिक वेशभूषा में सजी 100 से अधिक महिलाओं और युवतियों की टोली ने मनमोहक सरहुल नृत्य प्रस्तुत किया।
मांदर की गूंजती थाप और उत्साह से भरे वातावरण ने पूरे दीपू बगीचा को जनजातीय संस्कृति के रंग में रंग दिया। जनसैलाब उमड़ पड़ा और उत्सव का उल्लास चरम पर रहा।
मुख्यमंत्री ने इस नृत्य प्रस्तुति की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि बैगा, पाहन एवं पुजारी द्वारा की जाने वाली पूजा-अर्चना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता की सुंदर अभिव्यक्ति है।
Jashpur News: कार्यक्रम में कौन-कौन रहे उपस्थित?
वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस भव्य सरहुल महोत्सव में कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं:
- श्री सत्येंद्र सिंह — अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष
- श्री योगेश बापट — राष्ट्रीय महामंत्री, वनवासी कल्याण आश्रम
- श्रीमती गोमती साय — विधायक
- श्री अरविंद भगत — नगर पालिका अध्यक्ष, जशपुर
- श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव — जिला पंचायत उपाध्यक्ष
इनके अलावा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और आमजन भी उपस्थित रहे।
Jashpur News का यह आयोजन केवल एक पर्व नहीं था — यह छत्तीसगढ़ सरकार की जनजातीय संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता का एक जीवंत प्रमाण था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का दीपू बगीचा में उपस्थित होना, बैगा का आशीर्वाद लेना और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना — यह सब मिलकर Jashpur News को एक ऐतिहासिक और भावुक पल बनाते हैं।
महतारी वंदन योजना, धान खरीदी, PM आवास योजना और धर्म स्वातंत्र्य विधेयक — इन सभी की चर्चा सरहुल जैसे पवित्र अवसर पर करना दर्शाता है कि यह सरकार जनजातीय समाज को अपने विकास की धारा में सबसे आगे रखना चाहती है।
