महुआ से सेनिटाइजर बनाने वाला पहला जिला बना जशपुर,  किया गया बार्डर पर तैनात जवानों को वितरित

Alok 18 2

जशपुरनगर (छत्तीसगढ़)। युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन ने महुआ को परिष्कृत कर हर्बल सेनेटाइजर बनाया है जो कि पूरी तरह सुरक्षित है और उपयोगी है। जिला प्रशासन के आग्रह पर इस हर्बल सेनेटाइजर बनाने की तकनीक को विकसित किया है। जिला प्रशासन जशपुर अब इस तकनीक द्वारा हर्बल सैनिटाइजर का निर्माण स्वसहायता समूह से कराएगा।

PicsArt 04 04 06.30.09

जिला प्रशासन और वन विभाग के संयुक्त प्रयास से स्वयंसेवी सहायता समूह द्वारा वनोपज से हर्बल सैनिटाइजर का निर्माण किया गया है इसका निर्माण अभी लघु पैमाने पर किया गया है जिसका व्यापक पैमाने पर उत्पादन कर पूरे जशपुर जिले में सभी लोगों तक हर्बल सैनिटाइजर पहुंचाने का व्यवस्था कर रही है। सैनिटाइजर को झारखंड सीमा के बॉर्डर में ड्यूटी कर रहे सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों एवं कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ड्यूटी में तैनात पुलिस के जवानों को वितरण किया गया है।
इस अवसर पर कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा कि वनोपज महुआ से निर्मित यह सैनिटाइजर  बहुत ही अच्छा है और इससे कुछ साइड इफेक्ट भी नहीं है इस सैनिटाइजर का ज्यादा से ज्यादा उत्पादन किया जाए और हमारे सभी लोगों को बांटा जाएगा ताकि कोरोना कोविड 19 से बचने में सहायता मिलेगी। पुलिस अधीक्षक शंकरलाल बघेल ने कहा कि झारखंड बॉर्डर गांव सकरडेगा जहां आने जाने वालों की जांच की जा रही है। तैनात जवानों के लिए वन विभाग द्वारा सैनिटाइजर का निर्माण किया गया है जिसका वितरण वहां पहुंचकर किया गया है निश्चित रूप से यह कोरोना से लड़ने के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा। डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने कहा की  सकरडेगा में पुलिस के जवान ड्यूटी कर रहे हैं जिनके लिए जिले में उपलब्ध वनोपज से हर्बल सैनिटाइजर बनाया गया है जिससे  कोरोना से लड़ने के लिए उनको संबल मिलेगा।
युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन ने कहा कि वनधन विकास योजना के अंतर्गत सिगनी स्व सहायता समूह के द्वारा तैयार की गई हर्बल सैनिटाइजर किफायती और बहुत ही उपयोगी है जिसका निर्माण जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है जिसमें इसके निर्माण के लिए तकनीकी सहयोग मेरे द्वारा किया जा रहा है अभी वर्तमान में यह एक शुरुआत है जिसका नियमानुसार परीक्षण कर यह उत्पाद तैयार किया गया है यह हर्बल हर्बल उत्पाद है।