IIT Bhilai में इस साल इंजीनियरिंग कार्यक्रमों के प्रति छात्रों का रुझान तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2025 के चॉइस काउंट के आंकड़े बताते हैं कि कई प्रमुख शाखाओं में छात्रों की पसंद पहले से कहीं ज्यादा बढ़ी है।
सबसे बड़ी चर्चा नए शुरू किए गए कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग कार्यक्रम की है। इस कार्यक्रम ने शुरुआत में ही रिकॉर्ड चॉइस काउंट दर्ज किया। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा साइंस और मैकेनिकल जैसी शाखाओं में भी मजबूत वृद्धि देखी गई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि IIT Bhilai देश के उभरते तकनीकी संस्थानों में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
IIT Bhilai में इंजीनियरिंग शाखाओं की बढ़ती लोकप्रियता
IIT Bhilai के इंजीनियरिंग कार्यक्रमों में इस वर्ष छात्रों की पसंद में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। सबसे बड़ी उपलब्धि कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग शाखा की रही। यह कार्यक्रम 2025 में पहली बार शुरू हुआ और इसे 15,546 चॉइस प्राप्त हुईं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग भी तेजी से लोकप्रिय हुई। इस शाखा का चॉइस काउंट 2024 में 10,285 था। वर्ष 2025 में यह बढ़कर 13,055 हो गया। यानी लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।
डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कार्यक्रम में भी मजबूत वृद्धि हुई। इसका चॉइस काउंट 10,637 से बढ़कर 13,097 हो गया।
कोर इंजीनियरिंग शाखाओं में भी स्थिर वृद्धि देखने को मिली। मैकेनिकल इंजीनियरिंग का चॉइस काउंट 9,654 से बढ़कर 11,482 हो गया। वहीं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ने भी लगभग 19 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की।
यह भी पढ़ें: Bhilai Steel Plant 10 ऐतिहासिक रिकॉर्ड, शानदार उपलब्धि
इन आंकड़ों से यह साफ है कि IIT Bhilai के इंजीनियरिंग कार्यक्रम छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
संस्थान की आधिकारिक जानकारी यहां उपलब्ध है:
iitbhilai.ac.in
IIT Bhilai की शैक्षणिक यात्रा
IIT Bhilai भारत के नए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में से एक है। इसकी स्थापना देश में तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी।
पिछले कुछ वर्षों में संस्थान ने शोध, नवाचार और उद्योग सहयोग पर विशेष ध्यान दिया है। इसी रणनीति के तहत विभिन्न आधुनिक और इंटरडिसिप्लिनरी कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।
हाल ही में संस्थान ने ऑस्ट्रिया के ग्राज यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ सहयोग समझौता भी किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य संयुक्त शोध, तकनीकी सहयोग और ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से IIT Bhilai को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान मिलने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़ी जानकारी यहां देखी जा सकती है:
https://www.tugraz.at
Key Facts: IIT Bhilai के प्रमुख आंकड़े
- IIT Bhilai में कंप्यूटर साइंस शाखा को 15,546 चॉइस प्राप्त हुईं।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में लगभग 27 प्रतिशत वृद्धि हुई।
- डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में 23 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज हुई।
- मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल जैसी कोर शाखाओं में भी मजबूत वृद्धि देखी गई।
- संस्थान ने ऑस्ट्रिया के ग्राज यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ साझेदारी की।
शिक्षा क्षेत्र की प्रतिक्रिया
IIT Bhilai में बढ़ती छात्र रुचि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि नई तकनीकी शाखाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।
विशेष रूप से डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर साइंस जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि छात्र इन कार्यक्रमों की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी इस संस्थान की प्रतिष्ठा को मजबूत कर रहा है। इससे छात्रों को वैश्विक स्तर के शोध और तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
इस प्रकार, आने वाले वर्षों में IIT Bhilai तकनीकी शिक्षा और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
IIT Bhilai के ताजा आंकड़े बताते हैं कि संस्थान तेजी से छात्रों की पसंद बनता जा रहा है। नई शाखाओं की शुरुआत और अंतरराष्ट्रीय सहयोग ने इसकी प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है।
इंजीनियरिंग कार्यक्रमों में बढ़ती मांग इस बात का संकेत है कि भविष्य में IIT Bhilai देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में अपनी जगह और मजबूत करेगा।
