Hola Mohalla Garhphuljhar का धार्मिक उत्साह इस बार खास रहा। महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित पवित्र स्थल गढ़फुलझर में नानकसागर के किनारे आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शामिल हुए। श्रद्धालुओं की भीड़ और कीर्तन की गूंज से पूरा परिसर आध्यात्मिक माहौल में डूबा नजर आया। मुख्यमंत्री ने यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के सामने माथा टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस मौके पर सिख समाज ने उनका आत्मीय सम्मान किया। कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का अनूठा संदेश दिया।
Hola Mohalla Garhphuljhar: नानकसागर में CM साय ने टेका मत्था
Hola Mohalla Garhphuljhar कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने गढ़फुलझर स्थित नानकसागर में पहुंचकर पवित्र Guru Granth Sahib के समक्ष माथा टेका। इसके बाद उन्होंने कीर्तन समागम और अरदास में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन धरती श्रद्धा और आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां पूज्य Guru Nanak Dev के चरण पड़े हैं। इसलिए यह स्थान सिख समाज ही नहीं, बल्कि सभी श्रद्धालुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों और महापुरुषों की तपोभूमि रही है। यहां कई संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पवित्र स्थल पर आकर उन्हें गर्व और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है।
कार्यक्रम के दौरान सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर सम्मानित किया गया। श्रद्धालुओं ने भी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाग लिया।
यह भी पढ़ें: Rural Road Project 7.82 करोड़ की बड़ी सौगात
Hola Mohalla Garhphuljhar की ऐतिहासिक पहचान
Hola Mohalla Garhphuljhar केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है। यह इतिहास और आस्था का संगम भी है। गढ़फुलझर का नानकसागर क्षेत्र सिख समाज के लिए बेहद पवित्र माना जाता है।
मान्यता है कि यहां पर गुरु नानक देव जी के चरण पड़े थे। इसलिए यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बन गया। हर साल यहां बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचते हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार भी इस स्थल को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है।
इसके विकास के लिए करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। यहां पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है ताकि देशभर से श्रद्धालु यहां आ सकें।
अधिक जानकारी:
https://tourism.cgstate.gov.in
Key Facts
- गढ़फुलझर के नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम आयोजित हुआ।
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरु ग्रंथ साहिब के सामने माथा टेका।
- स्थल के विकास के लिए लगभग 2.5 करोड़ रुपये स्वीकृत।
- कार्यक्रम में सिख समाज ने मुख्यमंत्री का सरोफा देकर सम्मान किया।
- बड़ी संख्या में श्रद्धालु और जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहे।
प्रतिक्रियाएं
Hola Mohalla Garhphuljhar कार्यक्रम ने सामाजिक सद्भाव और धार्मिक एकता का मजबूत संदेश दिया।
बसना विधायक Sampat Agrawal ने कहा कि सिख समाज हमेशा सेवा और संगठन की भावना से आगे बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र नहीं है। यह सर्वधर्म समभाव का भी प्रतीक है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री Ramvichar Netam सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर और अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
श्रद्धालुओं ने कहा कि सरकार अगर यहां पर्यटन सुविधाएं बढ़ाएगी तो यह स्थल राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हो सकता है।
Hola Mohalla Garhphuljhar कार्यक्रम ने एक बार फिर आस्था और सामाजिक सद्भाव की मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री की मौजूदगी से आयोजन का महत्व और बढ़ गया।
गढ़फुलझर के नानकसागर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल से आने वाले समय में यह स्थान देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर सकता है।
इस तरह Hola Mohalla Garhphuljhar छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत कर रहा है।
