हिन्दी साहित्य भारती का श्रद्धा समर्पण एवं काव्य गोष्ठी : देशहित सर्वोपरि का संदेश

दुर्ग, 02 सितम्बर 2025।
विश्व के 37 देशों में संचालित हिन्दी साहित्य भारती की छत्तीसगढ़ शाखा के तत्वावधान में 31 अगस्त को दुर्ग में राज्य स्तरीय श्रद्धा समर्पण एवं काव्य गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष बलदाऊ राम साहू ने की।

मां भारती के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। संस्था के गीत की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत कर दिया। गीत में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध भाषाविद एवं संगीतज्ञ डॉ. चितरंजन कर ने अपनी मधुर आवाज और संगीत से सभी को भावविभोर कर दिया।

बलदाऊ राम साहू का आह्वान : “देशहित से ऊपर कुछ नहीं”

अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री साहू ने कहा कि आज जब विघटनकारी ताकतें समाज में खाई पैदा करने की कोशिश कर रही हैं, तब राष्ट्रवादी चिंतकों को आगे आने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा—
“देश सर्वोपरि है। हमें निहित स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित की चिंता करनी होगी।”

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अतिथियों ने दिया राष्ट्रभक्ति का संदेश

मुख्य अतिथि बंशी लाल मंडावी ने कहा—
“एक सच्चा देशभक्त वही है, जो अपने देश और लोगों के हितों की रक्षा करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा और विकास के लिए सदैव समर्पित रहता है।”

विशेष अतिथि एल. आर. सहानी ने अपने वक्तव्य में कहा कि साहित्यिक संस्थाओं के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और समरस समाज निर्माण की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए।

कवि गोष्ठी में गूँजे राष्ट्रप्रेम के स्वर

कवि गोष्ठी में मां भारती और समसामयिक विषयों पर कवियों ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

  • कवि नरेंद्र देवांगन ने अपनी देशभक्ति कविता “निज आन मान बलिदान करुँ मां भारती तेरी शान रहे…” से सभी को भावविभोर कर दिया।
  • राकेश गुप्ता ‘रूसिया’ ने त्याग, तपस्या और राम के जीवन दर्शन से जुड़ी कविता सुनाकर राममय वातावरण बना दिया।
  • बलदाऊ राम साहू ने अपने बालगीत के माध्यम से बच्चों को आह्वान किया—“विविधा में भी एकता के गीत दुहराएँ, फिर से एक अखंड भारत नया बनाएँ।”
  • कवि बुद्ध देव शर्मा, डॉ. संजय दानी, शुचि भवि, चंद्रकांत साहू, मंजुलता शर्मा और घनश्याम सोनी ने भी अपनी रचनाओं से खूब वाहवाही बटोरी।
  • रामेश्वर निषाद ने मां भारती पर आधारित भजन की प्रस्तुति दी, जिसने सभा को भक्तिमय बना दिया।

साहित्य प्रेमियों की उमड़ी भीड़

इस अवसर पर साहसी, मुकुंद साहू, नरेंद्र साहू, अघनू राम साहू सहित बड़ी संख्या में कवि, साहित्यकार और साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे और काव्य रस का भरपूर आनंद उठाया।

कार्यक्रम का संचालन महामंत्री चंद्रकांत साहू ने किया। यह आयोजन न केवल साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा बल्कि राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश भी दे गया।