Guideline Rates Update: 4 जिलों में नई गाइडलाइन दरें लागू, अहम बदलाव

Guideline Rates Update ने छत्तीसगढ़ के चार जिलों में जमीन और संपत्ति बाजार को नई दिशा दी है। 27 फरवरी 2026 से दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बलरामपुर-रामानुजगंज में नई गाइडलाइन दरें प्रभावशील हो गई हैं। राज्य शासन ने पहले ही जिला मूल्यांकन समितियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार संशोधन प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे। अब केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने इन प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम नागरिकों को स्पष्ट दरों का लाभ मिलेगा।


Guideline Rates Update: 4 जिलों में नई दरें लागू

Guideline Rates Update के तहत राज्य में 20 नवम्बर 2025 से नई गाइडलाइन दरें लागू की गई थीं। हालांकि, शासन ने यह स्पष्ट किया था कि जिला मूल्यांकन समितियां स्थानीय जरूरतों के अनुसार संशोधन प्रस्ताव भेज सकती हैं। इसी प्रक्रिया में दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों ने संशोधित प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे।

महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। बैठक में चारों जिलों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। समग्र परीक्षण के बाद बोर्ड ने सभी प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान कर दिया। अब 27 फरवरी 2026 से इन जिलों में नई दरें प्रभावी हो गई हैं।

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नागरिक नई गाइडलाइन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी विवरण उपलब्ध रहेगा। राज्य शासन ने यह भी संकेत दिया है कि अन्य जिलों की संशोधित दरें जल्द जारी की जाएंगी।


गाइडलाइन दरों में संशोधन क्यों जरूरी

गाइडलाइन दरें संपत्ति के न्यूनतम मूल्य निर्धारण का आधार होती हैं। इन्हीं दरों के अनुसार रजिस्ट्री शुल्क और स्टाम्प शुल्क तय होता है। इसलिए समय-समय पर इन दरों का पुनरीक्षण आवश्यक होता है।

छत्तीसगढ़ में 20 नवम्बर 2025 से नई दरें लागू की गई थीं। लेकिन हर जिले की आर्थिक और भौगोलिक स्थिति अलग होती है। कुछ क्षेत्रों में जमीन की मांग तेजी से बढ़ती है, जबकि कुछ स्थानों पर स्थिर रहती है। इसी वजह से जिला मूल्यांकन समितियों को संशोधन का अधिकार दिया गया।

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण कर स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अंतिम मंजूरी दी। इससे दरों में संतुलन बना रहेगा और राजस्व संग्रह भी पारदर्शी रहेगा।


Guideline Rates Update

  • 20 नवम्बर 2025 से राज्य में नई गाइडलाइन दरें लागू हुई थीं।
  • दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बलरामपुर-रामानुजगंज ने संशोधन प्रस्ताव भेजे।
  • महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक हुई।
  • 27 फरवरी 2026 से चारों जिलों में संशोधित दरें प्रभावशील हुईं।
  • अन्य जिलों की दरें भी शीघ्र जारी की जाएंगी।

नागरिकों और बाजार पर असर

Guideline Rates Update का सीधा असर संपत्ति खरीद-बिक्री पर पड़ेगा। अब रजिस्ट्री के दौरान पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप शुल्क निर्धारित होगा। इससे राजस्व में स्थिरता आएगी।

स्थानीय नागरिकों को स्पष्ट दरों की जानकारी मिलने से भ्रम कम होगा। साथ ही, रियल एस्टेट क्षेत्र में स्थायित्व आएगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि दरों का समय पर पुनरीक्षण निवेशकों के भरोसे को मजबूत करता है।

जिला पंजीयन कार्यालयों में अब नई दरों के अनुसार पंजीयन प्रक्रिया संचालित की जा रही है। शासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि अन्य जिलों की संशोधित दरें जल्द सार्वजनिक की जाएंगी, जिससे पूरे राज्य में समानता बनी रहे।


छत्तीसगढ़ में Guideline Rates Update ने चार जिलों में संपत्ति बाजार को नई स्पष्टता दी है। 27 फरवरी 2026 से लागू नई दरें पारदर्शिता और संतुलन सुनिश्चित करेंगी। आगे भी अन्य जिलों में यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। स्पष्ट है कि Guideline Rates Update राज्य के राजस्व तंत्र और नागरिक हित दोनों के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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