मास्क एवं हैंड-सैनिटाइजर की कालाबाजारी रोकने शासन ने उठाए कदम, प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त

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कोरोना वायरस संक्रमण के खतरों के मद्देनजर मास्क एवं हैंड-सैनिटाइजर की जमाखोरी, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई के लिए राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने प्राधिकृत अधिकारी नामांकित किए हैं। प्रदेश में अधिनियम का पालन तथा पर्याप्त संख्या में मास्क एवं हैंड-सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करने स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज आदेश जारी कर अधिकार प्रवर्तित कर दिए गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

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रायपुर (छत्तीसगढ़)। केन्द्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के दायरे में मास्क एवं हैंड-सैनिटाइजर को भी शामिल करते हुए आवश्यक वस्तु आदेश, 2020 अधिसूचित किया है। इसके अंतर्गत 2-प्लाई एवं 3-प्लाई सर्जिकल मास्क, एन-95 मास्क तथा हैंड-सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तुओं में शामिल किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने आज आदेश जारी कर पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए औषधि नियंत्रण प्राधिकारी, संबंधित जिला क्षेत्र में नगर निगम के आयुक्त, संबंधित अनुविभागीय क्षेत्र में अनुविभागीय दंडाधिकारी, संबंधित जिला/क्षेत्र में सहायक औषधि नियंत्रक और औषधि निरीक्षक तथा नगर पालिका व नगर पंचायत क्षेत्र में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को आवश्यक वस्तु आदेश, 2020 का पालन कराने के लिए अधिकार सौंपा है।
ये अधिकारी मास्क एवं हैंड-सैनिटाइजर की जमाखोरी, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने के साथ ही इनकी उपलब्धता एवं वितरण सुनिश्चित करने आवश्यक कदम उठाएंगे। इन आवश्यक वस्तुओं पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक में बेचने वालों पर भी इन प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का यह आदेश 30 जून 2020 तक प्रभावशील रहेगा।